दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई. इमारत गिरते ही आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. चश्मदीदों का कहना है कि कुछ ही पल में पूरी बिल्डिंग मलबे में बदल गई. एक चश्मदीद ने बताया कि अंदर 20-30 बच्चे फंसे हो सकते हैं. हालांकि, अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
सामने आया है कि अब तक मलबे से चार लोगों को रेस्क्यू किया गया है. जो बिल्डिंग गिरी है उसके मालिक का नाम आनंद बंसल है.
हादसा मोती बाग के पास सत्य निकेतन में शिव मंदिर के नजदीक हुआ. बताया जा रहा है कि इस इमारत में पीजी चल रहा था. ऐसे में अंदर छात्रों के मौजूद होने की आशंका है. सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीमें मौके पर पहुंच गईं. बचाव दल मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुटा है.
सत्य निकेतन दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास है. यहां बड़ी संख्या में छात्र पीजी में रहते हैं. इसी वजह से हादसे के बाद छात्रों के मलबे में फंसे होने की आशंका जताई जा रही है.
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'बिल्डिंग गिरते ही हम भागकर निकले'
हादसे के वक्त मौके पर मौजूद एक चश्मदीद ने बताया कि इमारत अचानक गिर गई. लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले चारों तरफ धूल का गुबार फैल गया. आसपास मौजूद लोग तुरंत वहां से भागे. चश्मदीद के मुताबिक, मलबे में 20 से 30 लोग दबे हो सकते हैं. एक अन्य चश्मदीद ने भी बताया कि मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि हादसे के वक्त इमारत के अंदर कितने लोग मौजूद थे.
फायर डिपार्टमेंट को दोपहर 1 बजकर 33 मिनट पर हादसे की सूचना मिली. इसके बाद 12 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं. पुलिस, एमसीडी और दूसरी राहत-बचाव टीमें भी मलबा हटाने में जुटी हैं.
मलबे के नीचे से फोन कर रहे लोग
मौके पर पहुंचे आरके पुरम के विधायक अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि कुछ लोग मलबे के नीचे से फोन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि कई लोग अभी अंदर फंसे हो सकते हैं. बचाव अभियान लगातार जारी है.
स्थानीय लोग भी रेस्क्यू टीमों के साथ मिलकर मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं. फिलहाल सबसे बड़ी कोशिश मलबे में फंसे लोगों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की है.
NSUI ने जताई चिंता
NSUI ने भी इस हादसे को लेकर सोशल मीडिया पर चिंता जताई. संगठन ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास हुई इस घटना में DU के छात्रों के फंसे होने की जानकारी सामने आ रही है. NSUI ने प्रशासन से तत्काल राहत-बचाव तेज करने की मांग की. संगठन ने हादसे की जांच और जिम्मेदारी तय करने की भी मांग की है. हालांकि, छात्रों के फंसे होने की यह जानकारी फिलहाल आधिकारिक तौर पर पुष्ट नहीं हुई है.
सीएम बोलीं- हर संभव कोशिश जारी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी सत्य निकेतन में हुए हादसे पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि DDMA, NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस, MCD, CATS और सिविल डिफेंस की टीमें राहत-बचाव अभियान चला रही हैं.
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर हादसे से सटी इमारत को खाली करा लिया गया है. रेखा गुप्ता ने कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और प्रभावित परिवारों को तत्काल मदद देने की हर संभव कोशिश की जा रही है. उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी एजेंसियां आपसी तालमेल से काम कर रही हैं. नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है.
फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मलबा पूरी तरह हटने के बाद ही पता चलेगा कि हादसे में कितने लोग फंसे थे और कितने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
अंशुल सिंह / अरविंद ओझा / सुशांत मेहरा