दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढहने के हादसे पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया दी है. रविवार दोपहर डेढ़ बजे हुए इस हादसे में अब तक दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है. इस हादसे को लेकर राहुल गांधी ने कहा है कि, यह बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है.
राहुल गांधी ने कहा, 'सत्य निकेतन में इमारत ढहने की खबर बेहद दर्दनाक और चिंताजनक है. कई लोगों के मलबे में दबे होने की खबर है, जिनमें दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई छात्र भी शामिल हैं.'
उन्होंने कहा, 'मेरी अपील है कि NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और सभी बचाव दल हर संभव प्रयास करके हर एक छात्र तक पहुंचें, घायलों को तुरंत सर्वोत्तम संभव इलाज मिले, ताकि किसी को भी बचाने में कोई कसर न छोड़ी जाए. कांग्रेस और NSUI कार्यकर्ता मौके पर मौजूद हैं और हर संभव मदद के लिए तैयार हैं। इस मुश्किल घड़ी में हम सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़े हैं.'
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, छात्रों का जीवन पहले ही संघर्षों से भरा था - अब हालात जानलेवा हैं. कॉलेज या विश्वविद्यालय में अच्छे हॉस्टल न होने के कारण छात्र PG में एक छत के नीचे 40-40 की संख्या में, अमानवीय परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं.हर छात्र की जान कीमती है और उसकी रक्षा हर हाल में होनी चाहिए.
वहीं सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि, दिल्ली विश्वविद्यालय, साउथ कैंपस के पास बिल्डिंग ढहने समाचार झकझोरने वाला है. बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंसे हैं जिनमें कई छात्र भी हैं. सभी की कुशलता की कामना करती हूं. ईश्वर सबको सुरक्षित रखें. प्रशासन से अपील करती हूं कि राहत एवं बचाव कार्य तेज किया जाए ताकि हर पीड़ित तक समय से मदद पहुंच सके. NSUI और कांग्रेस के साथी मौके पर यथासंभव मदद कर रहे हैं। हमारी संवेदनाएं सभी पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घटना पर जताया दुख
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि यह हादसा असुरक्षित और भीड़भाड़ वाले पीजी की समस्या को भी उजागर करता है, जहां पर्याप्त हॉस्टल सुविधाएं नहीं होने के कारण छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है. उन्होंने कहा, 'छात्र अपना भविष्य बनाने दिल्ली आते हैं, सिर पर छत के लिए अपनी जिंदगी जोखिम में डालने नहीं. हर छात्र की जिंदगी कीमती है.'
केजरीवाल बोले- नींद से जागे सरकार
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने हादसे को 'बेहद दुखद और चिंताजनक' बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में सरकार की लापरवाही के कारण पहले भी ऐसे कई हादसे हो चुके हैं. केजरीवाल ने कहा, 'सरकार को अपनी नींद से जागना होगा. नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की जरूरत है.'
AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने इस घटना की तुलना साकेत में हुए बिल्डिंग हादसे से की और आरोप लगाया कि ऑडिट के नाम पर कार्रवाई होती रहेगी, लेकिन जमीनी हालात नहीं बदलेंगे.
'सुरक्षित हॉस्टल क्यों नहीं हैं?'
सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक दिन पहले प्रधानमंत्री दिल्ली यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और अब साउथ कैंपस के पास हॉस्टल की इमारत गिर गई. उन्होंने सवाल किया कि खराब बुनियादी ढांचे की कीमत छात्रों को आखिर कब तक चुकानी पड़ेगी. उन्होंने छात्रों के लिए सुरक्षित क्लासरूम और हॉस्टल की मांग की.
CPI महासचिव डी राजा ने हादसे के लिए कथित 'सरकारी लापरवाही, अक्षमता और भ्रष्टाचार' को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने पीड़ितों के लिए मुआवजे और दिल्ली के सभी पीजी एवं हॉस्टलों का समयबद्ध सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की.
कांग्रेस नेता अजय माकन ने मांग की कि दिल्ली नगर निगम बताए कि दिल्ली यूनिवर्सिटी के दोनों कैंपस के आसपास पीजी के रूप में इस्तेमाल हो रही कितनी इमारतों की सुरक्षा जांच हुई है और उनमें क्या कमियां मिलीं. उन्होंने इसकी बिल्डिंगवार सूची सार्वजनिक करने की मांग की.
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी और केसी वेणुगोपाल ने भी घटना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए. दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने कहा कि यह हादसा सरकार की नीतियों और छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है.
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