दिवाली से ठीक पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है. शहर में प्रदूषण का स्तर अपने चरम पर पहुंच गया है और तमाम कोशिशों के बावजूद AQI कई इलाकों में 400 का आंकड़ा पार कर गया है.
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बद्तर हालात को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है. इसके बावजूद राजधानी की हवा दमघोंटू बनी हुई है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, आज सुबह 6 बजे दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में हवा बेहद खतरनाक श्रेणी में दर्ज की गई. शहर के इलाकों का AQI 400 के पार रहा.
IIT दिल्ली में AQI 442
दिल्ली में सबसे खराब हवा IIT दिल्ली में दर्ज की गई है, जहां AQI 442 पहुंच गया है. इसके बाद पंजाबी बाग में 433, मुंडका में 421, रोहिणी में 418, आरके पुरम में 417, सोनिया विहार में 414, नजफगढ़ में 413, बवाना और द्वारका में 411 रहा.
वहीं, नरेला में AQI 409, अलीपुर में 402 और पटपड़गंज में 403 दर्ज किया गया है. इन सभी इलाकों में हवा की गुणवत्ता 'गंभीर' श्रेणी में है. इसके बाद, 'बेहद खराब' श्रेणी में आने वाले इलाकों में चांदनी चौक और मंदिर मार्ग का AQI 397, जेएनयू का 393, बुराड़ी का 392, आया नगर का 383, मथुरा रोड का 382, नांगलोई का 364 और IGI एयरपोर्ट का 340 दर्ज किया गया.
इसके अलावा वजीरपुर में AQI 337, शादीपुर में 324, अशोक विहार में 320 और बदरपुर में AQI 316 रहा. इस लिस्ट में सबसे कम AQI वाले इलाके लोधी रोड (278) और आनंद विहार (276) रहे, जो 'खराब' श्रेणी में आते हैं.
नोएडा में भी सांस लेना मुश्किल
नोएडा की बात करें तो हवा की सबसे खराब स्थिति सेक्टर-62 (IITM) में है, जहां AQI 415 दर्ज किया गया है. वहीं सेक्टर-116 का AQI 287, सेक्टर-125 का 281, सेक्टर-39 का 267, सेक्टर-110 का 257 और सेक्टर-1 का AQI 251 दर्ज किया गया है. इस लिस्ट में सबसे बेहतर स्थिति सेक्टर-150 की है, जहां AQI 230 दर्ज किया गया है.
CAQM ने दिल्ली-एनसीआर में लागू किया ग्रैप-3
प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए CAQM की उप-समिति ने दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP-3 की पाबंदियां लागू कर दी हैं. CAQM ने बताया था 6 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत दैनिक AQI 382 दर्ज किया गया था, जो 'बेहद खराब' श्रेणी में आता है. मौसम विभाग और IITM के पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में ये स्थिति और बिगड़कर 'गंभीर' श्रेणी में पहुंच सकती है।. इसके साथ ही GRAP के पहले और दूसरे चरण के उपाय भी पहले की तरह लागू रहेंगे.
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नियमों के मुताबिक, जब AQI 201 से 300 के बीच होता है तो GRAP-1, 301 से 400 के बीच GRAP-2, 401 से 500 के बीच GRAP-3 और 450 से ज्यादा होने पर सबसे सख्त GRAP-4 लागू किया जाता है.
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