दिल्ली-एनसीआर में PEAK पर पॉल्यूशन, बिगड़ते हालात के बीच लागू हुआ GRAP-3

दिल्ली-एनसीआर में अब GRAP-3 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं. एयर पॉल्यूशन रोकने के लिए CAQM ने बड़ा कदम उठाया है. राजधानी के कई इलाकों में एक्यूआई 400 के पार भी दर्ज किया गया.

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CAQM ने एहतियाती कदम उठाते हुए दिल्ली-NCR में ग्रैप के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू करने का फैसला लिया है (Photo: PTI) CAQM ने एहतियाती कदम उठाते हुए दिल्ली-NCR में ग्रैप के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू करने का फैसला लिया है (Photo: PTI)

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:55 PM IST

दिल्ली-NCR में एयर पॉल्यूशन को लेकर CAQM ने बड़ा फैसला लिया है. CAQM की GRAP सब-कमेटी ने एहतियाती कदम उठाते हुए ग्रैप के तीसरे चरण यानी GRAP-3 को लागू करने का निर्णय लिया है.

इस फैसले के बाद दिल्ली-NCR में GRAP-3 के तहत आने वाली पाबंदियां लागू होंगी. इसका मकसद पॉल्यूशन की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए एहतियाती कदम उठाना है.

CAQM की सब-कमेटी ने लिया फैसला

CAQM यानी कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की GRAP सब-कमेटी ने तीसरे चरण को लागू करने का फैसला किया है. जारी जानकारी के मुताबिक, यह फैसला एहतियाती तौर पर लिया गया है.

GRAP-3 लागू होने का क्या मतलब है?

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GRAP-3 लागू होने पर दिल्ली-NCR में पॉल्यूशन फैलाने वाली गतिविधियों पर सख्ती की जाती है. इसके तहत 9 पॉइंट का एक्शन प्लान तैयार किया गया था. इसमें धूल फैलाने वाले निर्माण कार्यों, स्टोन क्रशर और खनन पर रोक शामिल है. 

दिल्ली समेत गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल की चार पहिया गाड़ियों पर प्रतिबंध का प्रावधान है. पांचवीं तक की कक्षाओं के लिए हाइब्रिड पढ़ाई और सरकारी दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मचारियों के वर्क फ्रॉम होम पर भी निर्देश दिए गए हैं.

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आमतौर पर यह चरण तब लागू किया जाता है, जब दिल्ली का AQI 401 से 450 के बीच यानी गंभीर श्रेणी में पहुंचता है. हालांकि, CAQM पॉल्यूशन और मौसम की स्थिति को देखते हुए इसे एहतियातन भी लागू कर सकता है.

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पॉल्यूशन पर प्रशासन का हंटर! 41 FIR और भारी मात्रा में अवैध पटाखे जब्त

दिवाली के दौरान पॉल्यूशन रोकने और लोगों की सुरक्षा के लिए गुरुग्राम प्रशासन ने अवैध पटाखों के खिलाफ कार्रवाई की है. उपायुक्त उत्तम सिंह के निर्देश पर अवैध बिक्री और भंडारण से जुड़े 41 मामलों में FIR दर्ज की गई है. प्रशासन ने बड़ी मात्रा में अवैध पटाखे भी जब्त किए हैं. इसके अलावा CAQM के निर्देशों के तहत वर्क फ्रॉम होम (WFH) के नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं. प्रशासन का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण और लोगों की सेहत की सुरक्षा के लिए नियमों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है.

GRAP-3 में क्या-क्या पाबंदियां रहेंगी?

GRAP-3 लागू के तहत निर्माण कार्यों, पुरानी गाड़ियों, खनन और स्टोन क्रशर जैसी गतिविधियों पर सख्ती की जाती है. इसके अलावा स्कूलों में हाइब्रिड पढ़ाई और सरकारी दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं.

GRAP-3 के तहत पूरे NCR में 9 पॉइंट का एक्शन प्लान लागू करने का प्रावधान बताया गया था. इसमें अलग-अलग सरकारी एजेंसियों, पॉल्यूशन नियंत्रण बोर्ड और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति को जिम्मेदारियां दी गई थीं.

आइए समझते हैं कि GRAP-3 लागू होने पर किन गतिविधियों पर रोक लगती है और आम लोगों के लिए क्या नियम होते हैं.

1. निर्माण और तोड़फोड़ के कामों पर रोक

GRAP-3 के तहत पूरे NCR में धूल और पॉल्यूशन फैलाने वाले कई तरह के निर्माण और तोड़फोड़ के काम बंद करने के निर्देश हैं.

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इनमें शामिल हैं:
- खुदाई और जमीन भरने के काम.
- बोरिंग और ड्रिलिंग.
- पाइलिंग का काम.
- सभी तरह के तोड़फोड़ के काम.
- खुली खुदाई के जरिए सीवर, पानी और बिजली की लाइन बिछाना.
- ईंट और चिनाई का काम.
- रेडी मिक्स कंक्रीट (RMC) प्लांट चलाना.
- बड़े स्तर पर वेल्डिंग और गैस कटिंग.
- पेंटिंग, पॉलिश और वार्निश का काम.
- सीमेंट, प्लास्टर और दूसरी कोटिंग.
- टाइल और पत्थर काटने, घिसने और लगाने का काम.
- सड़कों का निर्माण और बड़ी मरम्मत.
- सीमेंट, रेत, ईंट और दूसरे निर्माण सामग्री की लोडिंग-अनलोडिंग.
- कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों की आवाजाही.
- तोड़फोड़ से निकले मलबे की ढुलाई.

हालांकि, कम पॉल्यूशन फैलाने वाले कुछ निर्माण कार्यों को जारी रखने की अनुमति दी जा सकती है. इसके लिए C&D Waste Management Rules और धूल रोकने से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है.

किन जरूरी प्रोजेक्ट्स को मिल सकती है छूट?

कुछ जरूरी प्रोजेक्ट्स में निर्माण और तोड़फोड़ से जुड़े काम जारी रखने की अनुमति दी गई है. इनमें शामिल हैं:

- रेलवे स्टेशन और रेलवे से जुड़े प्रोजेक्ट.
- मेट्रो रेल सेवाएं और स्टेशन.
- एयरपोर्ट और इंटरस्टेट बस टर्मिनल.
- राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़े प्रोजेक्ट.
- अस्पताल और हेल्थकेयर सुविधाएं.
- हाईवे, सड़क, फ्लाईओवर और ओवरब्रिज.
- बिजली की लाइन, पाइपलाइन और टेलीकॉम सेवाएं.
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पानी की सप्लाई से जुड़े प्रोजेक्ट.
- इन जरूरी प्रोजेक्ट्स से जुड़े सहायक काम.
इन सभी प्रोजेक्ट्स को भी धूल नियंत्रण और निर्माण कचरे से जुड़े नियमों का पालन करना होगा.

2. पूरे NCR में स्टोन क्रशर बंद रहेंगे

GRAP-3 लागू होने पर पूरे NCR में स्टोन क्रशर की गतिविधियां बंद करने का निर्देश है.

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स्टोन क्रशर में पत्थरों को तोड़कर छोटे टुकड़ों में बदला जाता है. इस प्रक्रिया में काफी धूल निकलती है, इसलिए पॉल्यूशन कम करने के लिए इनकी गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है.

3. खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर रोक

तीसरे चरण के तहत पूरे NCR में सभी तरह की माइनिंग और उससे जुड़ी गतिविधियां बंद रहेंगी. इसका मकसद खनन के दौरान निकलने वाली धूल और पॉल्यूशन को कम करना है.

4. BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल गाड़ियों पर रोक

GRAP-3 के तहत BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल की चार पहिया गाड़ियों के चलने पर सख्त प्रतिबंध लगाने का प्रावधान है.

यह नियम इन इलाकों में लागू करने के लिए संबंधित सरकारों को निर्देश दिया गया है:
- दिल्ली
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
- गाजियाबाद
- गौतम बुद्ध नगर

हालांकि, दिव्यांग लोगों के लिए खास तौर पर तैयार की गई BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल गाड़ियों को छूट दी गई है. यह छूट तभी मिलेगी, जब गाड़ी का इस्तेमाल उनके निजी काम के लिए हो.

5. दिल्ली में रजिस्टर्ड पुराने डीजल मालवाहक वाहनों पर रोक

दिल्ली में रजिस्टर्ड BS-4 और उससे नीचे के डीजल मीडियम गुड्स व्हीकल (MGV) के चलने पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश है. हालांकि, जरूरी सामान ले जाने और जरूरी सेवाएं देने वाले वाहनों को इस नियम से छूट दी गई है.

6. बाहर से आने वाले डीजल मालवाहक वाहनों पर पाबंदी

दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-4 डीजल लाइट कमर्शियल व्हीकल (LCV) को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, जरूरी सामान ले जाने और जरूरी सेवाएं देने वाले वाहनों को छूट दी गई है.

7. पांचवीं तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड पढ़ाई

GRAP-3 के दौरान दिल्ली और कुछ NCR जिलों में पांचवीं तक की कक्षाओं को हाइब्रिड मोड में चलाना जरूरी बताया गया है.

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यह व्यवस्था इन इलाकों में लागू होती है:
- दिल्ली
- गुरुग्राम
- फरीदाबाद
- गाजियाबाद
- गौतम बुद्ध नगर

हाइब्रिड मोड का मतलब है कि बच्चे स्कूल जाकर भी पढ़ सकते हैं और ऑनलाइन क्लास भी ले सकते हैं. जहां ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध है, वहां ऑनलाइन क्लास चुनने का फैसला बच्चों और उनके अभिभावकों पर होगा. NCR के दूसरे इलाकों में भी राज्य सरकारें पांचवीं तक की कक्षाओं के लिए हाइब्रिड पढ़ाई पर विचार कर सकती हैं.

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8. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% कर्मचारियों के लिए WFH

GRAP-3 के तहत NCR की राज्य सरकारों और दिल्ली सरकार को सरकारी, नगर निगम और निजी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या 50 फीसदी तक सीमित करने पर फैसला लेने का निर्देश दिया गया है.

इस व्यवस्था के तहत बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम करने की अनुमति देने पर फैसला लिया जा सकता है.

9. केंद्र सरकार के दफ्तरों में भी WFH पर फैसला

GRAP-3 के दौरान केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों के लिए भी वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने पर उचित फैसला ले सकती है. इसका मतलब है कि केंद्र सरकार के दफ्तरों में WFH लागू करने का फैसला केंद्र सरकार के स्तर पर लिया जाएगा.

आम लोगों को भी इन नियमों का पालन करने की सलाह

GRAP-3 के दौरान CAQM ने आम लोगों से भी पॉल्यूशन कम करने में सहयोग करने की अपील की है.

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नागरिकों के लिए ये सुझाव दिए गए हैं:

- कम दूरी के लिए पैदल चलें या साइकिल का इस्तेमाल करें.
- ऑफिस जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करें.
- संभव हो तो दूसरे लोगों के साथ गाड़ी शेयर करें.
- जिन लोगों के काम में सुविधा है, वे घर से काम करें.
- घर गर्म रखने के लिए कोयले और लकड़ी का इस्तेमाल न करें.
- घरों में काम करने वाले गार्ड और दूसरे कर्मचारियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराएं, ताकि वे लकड़ी या कचरा न जलाएं.
- जरूरी काम एक साथ निपटाएं, ताकि बार-बार गाड़ी निकालने की जरूरत न पड़े.

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