अब दिल्ली में पुलिस थाने सीधे अस्पताल से होंगे जुड़े, सड़क दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगी समय पर मदद

दिल्ली में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब जल्द से जल्द इलाज मुहैया कराने की व्यवस्था की गई है. दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मेडिको कानूनी मामलों के लिए पुलिस थानों को अस्पतालों से जोड़ने और रीडिस्ट्रीब्यूशन की योजना को मंजूरी दी है. यह योजना सड़क दुर्घटनाओं समेत गंभीर आपातकालीन घटनाओं में प्रभावितों को क्विक मेडिकल ट्रीटमेंट और फॉरेंसिक सहायता सुनिश्चित करेगी.

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एलजी वीके सक्सेना ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत इलाज दिलाने के नए प्लान को मंजूरी दी है एलजी वीके सक्सेना ने सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को तुरंत इलाज दिलाने के नए प्लान को मंजूरी दी है

कुमार कुणाल

  • नई दिल्ली,
  • 28 जून 2025,
  • अपडेटेड 4:43 AM IST

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मेडिको लीगल केसेज यानि चिकित्सीय कानूनी मामलों (MLCs) और पोस्ट मॉर्टेम जांच (PMEs) के लिए पुलिस थानों को अस्पतालों से जोड़ने और उनके रीडिस्ट्रीब्यूशन (पुनःवितरण) की एक अहम योजना को मंजूरी दी है. यह पहल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ऐसे मामलों में प्रभावितों को जल्दी और प्रभावी चिकित्सा और फॉरेंसिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से बनाई गई है. इन मामलों में बलात्कार, सड़क दुर्घटना और अन्य आपातकालीन घटनाएं शामिल हैं.

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यह फैसला तीन नए आपराधिक न्याय अधिनियमों के जरिए भारी सुधारों का हिस्सा है. दिल्ली पुलिस, गृह विभाग, और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग (GNCTD) के बीच आपसी तालमेल और व्यापक समीक्षा बैठक के बाद यह प्रस्ताव तैयार किया गया. दिल्ली पुलिस ने संबंधित पुलिस थानों के साथ उनके निर्धारित अस्पतालों और वैकल्पिक अस्पतालों की सूची प्रस्तुत की, जिसे स्वास्थ्य विभाग ने जरूरतों और मौजूदा चुनौतियों के आधार पर एक योजना में बदला.

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स्वास्थ्य विभाग के तहत गठित समिति ने पुलिस थानों और अस्पतालों के बीच बेहतर लिंकिंग की सिफारिश की ताकि प्रभावितों को तत्काल चिकित्सा उपचार तथा मेडिको कानूनी जांच में किसी प्रकार की देरी न हो. गृह विभाग ने दिल्ली पुलिस और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर इन सिफारिशों की व्यवहार्यता और प्रभावशीलता की पूरी जांच की.

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इसके बाद, गृह विभाग के ड्राफ्ट नोटिफिकेशन को कानून विभाग ने भी कानूनी नजरिए से परखा और जरूरी बदलाव सुझाए. यह रीडिस्ट्रीब्यूशन BNSS अधिनियम, 2023 की धारा 194(3) के तहत लागू किया जा रहा है.

इस योजना के लागू होने से अपराध पीड़ितों और दुर्घटना प्रभावितों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिलेगी और पोस्ट मॉर्टेम सहित सभी मेडिको कानूनी प्रक्रियाएं तेजी से और सुचारू रूप से पूरी होंगी, जिससे न्याय की प्रक्रिया में रुकावट कम होगी और साथ ही पीड़ितों को न्याय जल्दी मिल पाएगा.

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