कनॉट प्लेस होगा व्हीकल फ्री? NDMC ने मांगा सुझाव, भड़के व्यापारी बोले- कारोबार चौपट हो जाएगा

NDMC ने दिल्ली के कनॉट प्लेस को व्हीकल फ्री बनाने का प्रस्ताव दिया है और इस पर लोगों से उनकी राय मांगी है. NDMC के इस प्रस्ताव का नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने विरोध किया है. उसका कहना है कि इससे व्यापार प्रभावित होगा. व्यापारियों का कहना है कि 'व्हीकल फ्री' बनाने से कनॉट प्लेस का 'Park & Shop' मॉडल खत्म हो जाएगा.

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कनॉट प्लेस को व्हीकल फ्री करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. (Photo- Pexels) कनॉट प्लेस को व्हीकल फ्री करने को लेकर विवाद शुरू हो गया है. (Photo- Pexels)

सुशांत मेहरा

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:50 PM IST

देश की राजधानी दिल्ली के दिल कनॉट प्लेस को 'व्हीकल फ्री' बनाने के सुझाव ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. न्यू दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल (NDMC) के चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद इस मुद्दे पर बहस छिड़ गई है.

NDMC प्रमुख ने इनर सर्कल को पेडेस्ट्रियन जोन बनाने के विचार पर जनता से राय मांगी है. दूसरी तरफ, नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (NDTA) ने इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए कहा है कि इससे कनॉट प्लेस का व्यापार पूरी तरह तबाह हो जाएगा.

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NDMC चेयरपर्सन मनोज द्विवेदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के जरिए आम लोगों से सुझाव मांगे हैं. उन्होंने पूछा कि क्या कनॉट प्लेस के इनर सर्कल को विदेशी शहरों या देश के प्रमुख मॉल रोड की तरह व्हीकल फ्री किया जाना चाहिए? ताकि लोग यहां बिना किसी ट्रैफिक के आजादी से घूम सकें.

मौसम के मुताबिक शेड्यूल भी सुझाया

उन्होंने इसके लिए मौसम के हिसाब से शेड्यूल भी सुझाया. इसके मुताबिक गर्मियों में कनॉट प्लेस शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक व्हीकल फ्री रहेगा. वहीं, सर्दियों में सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक और वीकेंड के लिए अलग समय सीमा तय की जाएगी.

व्हीकल फ्री पीरियड के दौरान सेंट्रल पार्क और इनर सर्कल में कई सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियां आयोजित करने पर भी राय मांगी गई है.

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व्यापारियों का साफ इनकार

NDMC चेयरपर्सन के इस पोस्ट के सामने आते ही व्यापारियों की संस्था NDTA ने अपनी असहमति जताई. NDTA के जॉइंट सेक्रेटरी अमित गुप्ता ने बताया कि किसी भी सरकारी एजेंसी ने इस बारे में व्यापारियों से बातचीत नहीं की है. उन्हें भी इसकी जानकारी सोशल मीडिया से ही मिली है. एसोसिएशन इस विचार के पूरी तरह खिलाफ है क्योंकि इससे कारोबार चौपट हो जाएगा.

'व्हीकल फ्री की जरूरत नहीं, असली समस्या अतिक्रमण'

NDTA का कहना है कि कनॉट प्लेस का डिजाइन पहले से ही पैदल यात्रियों के अनुकूल है. दुकानों के सामने चौड़े कवर्ड कॉरिडोर हैं, उसके बाद पेडेस्ट्रियन वॉकवे है और फिर बड़ा पार्किंग लॉट आता है. इसके बाद इनर सर्कल की सड़क शुरू होती है.

व्यापारियों का कहना है कि असली समस्या गाड़ियों की आवाजाही नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही है. अगर NDMC कॉरिडोर से सैकड़ों अवैध हॉकर्स और अतिक्रमण को हटा दे, तो पैदल चलने वालों के लिए जगह की कोई कमी नहीं रहेगी. इसके अलावा पार्किंग लॉट के बाहर गलत तरीके से पार्क होने वाली DTC बसों, ओला-उबर कैब और दूसरी गाड़ियों पर सख्ती से कार्रवाई की जानी चाहिए.

कनॉट प्लेस की पहचान है 'Park & Shop' मॉडल

व्यापारियों ने कहा कि सीपी की पहचान इसके 'Park & Shop' मॉडल पर टिकी है. ग्राहक अपनी गाड़ी से आते हैं, शोरूम के पास गाड़ी खड़ी करते हैं और खरीदारी करते हैं. अगर गाड़ियों की एंट्री रोकी गई तो ग्राहक दूर गाड़ी खड़ी करके पैदल चलने के बजाय दूसरे मॉल या बाजारों का रुख करेंगे.

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व्यापारियों का कहना है कि दिल्ली का मौसम विदेशी शहरों जैसा नहीं है. तेज गर्मी, उमस, धूल और प्रदूषण के बीच प्रीमियम ग्राहक दूर गाड़ी पार्क करके पैदल दुकानों तक नहीं आएंगे.

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बाजार को पब्लिक पार्क न बनाए NDMC

NDTA ने आशंका जाहिर की है कि गाड़ियों पर रोक लगाने से सीपी की कमर्शियल और प्रीमियम पहचान खत्म हो जाएगी. ये देश का एक अहम शॉपिंग डेस्टिनेशन है, इसे सिर्फ घूमने-फिरने के पार्क में तब्दील करना नुकसानदेह होगा. व्यापारियों का कहना है कि NDMC पहले अवैध अतिक्रमण हटाने और पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने की जिम्मेदारी निभाए.

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