दिल्ली में सर्दियों की शुरुआत के साथ हवा की हालत बिगड़ने लगी है. देश की राजधानी में प्रदूषण एक बार फिर गंभीर स्तर पर पहुंच गया है. आज 5 नवंबर की सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 371 दर्ज किया गया. यह 'बहुत खराब' कैटेगरी में आता है. लेकिन दिल्ली के सभी इलाकों में प्रदूषण का स्तर एक जैसा नहीं है. कुछ इलाकों में हवा और भी ज्यादा जहरीली हो गई है. जहांगीरपुरी और पंजाबी बाग सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाकों में शामिल हैं.
जहांगीरपुरी में AQI 444, पंजाबी बाग भी पीछे नहीं
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, 5 नवंबर को सुबह 7 बजे जहांगीरपुरी का AQI 444 दर्ज किया गया. यह दिल्ली के सबसे प्रदूषित इलाकों में पहले नंबर पर रहा. यहां हवा में PM2.5 कणों का स्तर सबसे ज्यादा असर डाल रहा था.
वहीं, पंजाबी बाग में AQI 437 दर्ज किया गया. यहां भी PM2.5 प्रदूषण का मुख्य कारण रहा. इन दोनों इलाकों में हवा की गुणवत्ता दिल्ली के औसत स्तर से काफी खराब रही.
IIT दिल्ली और DTU में भी बिगड़े हालात
प्रदूषण के मामले में IIT दिल्ली का इलाका तीसरे नंबर पर रहा. यहां AQI 430 दर्ज किया गया. इस इलाके में PM10 कणों का स्तर प्रदूषण की बड़ी वजह रहा.
इसके बाद DTU का नंबर आया. यहां सुबह 7 बजे AQI 428 दर्ज किया गया. यहां भी PM2.5 प्रदूषण का मुख्य कारण रहा. नरेला पांचवें सबसे प्रदूषित इलाके के रूप में सामने आया. यहां AQI 426 रिकॉर्ड किया गया. इस तरह दिल्ली के इन पांच इलाकों में प्रदूषण का स्तर 400 के पार रहा.
इंडिया गेट के पास AQI 399, आनंद विहार में 296
दिल्ली में प्रदूषण का असर अलग-अलग इलाकों में अलग स्तर पर दिख रहा है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, इंडिया गेट के आसपास गुरुवार सुबह AQI 399 दर्ज किया गया. यह 'बहुत खराब' कैटेगरी में है. वहीं, आनंद विहार में AQI 296 रहा, जो 'खराब' श्रेणी में आता है.
PM2.5 और PM10 से बिगड़ रही हवा
AQI के साथ प्रदूषण फैलाने वाले कणों का स्तर भी चिंता बढ़ा रहा है. PM2.5 बेहद छोटे कण होते हैं. ये सांस के साथ शरीर के अंदर तक पहुंच सकते हैं. वहीं, PM10 आकार में इनसे बड़े कण होते हैं. इनका स्तर बढ़ने से भी सांस लेने में परेशानी हो सकती है.
सुबह 6:45 बजे के मौसम के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का तापमान 23 डिग्री सेल्सियस था. हवा की रफ्तार सिर्फ 1 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई. कम हवा चलने पर प्रदूषक कण आसानी से फैल नहीं पाते. ऐसे में वे आसपास जमा हो सकते हैं.
दिल्ली में प्रदूषण का बढ़ता स्तर एक बार फिर चिंता का विषय बन गया है. खासकर उन इलाकों में जहां AQI 400 के पार पहुंच चुका है. CPCB के आंकड़े बताते हैं कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रदूषण का असर अलग-अलग स्तर पर झेलना पड़ रहा है.
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