CJP के संसद मार्च को दिल्ली पुलिस की नो परमिशन... धारा-163 लागू, कहा- नहीं माने तो होगा एक्शन

CJP के प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि इसके लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है. संसद सत्र से पहले नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की बात कही गई है.

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CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया हुआ है (File Photo- ITG) CJP ने 20 जुलाई को संसद मार्च का ऐलान किया हुआ है (File Photo- ITG)

अंशुल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 19 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:52 PM IST

CJP की ओर से 20 जुलाई को संसद मार्च के ऐलान के बाद दिल्ली पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है. पुलिस ने साफ कर दिया है कि इस मार्च के लिए न तो कोई अनुमति मांगी गई है, न ही मंजूरी दी गई है. ऐसे में बिना इजाजत मार्च, जुलूस या प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गई है, जिसे पहले CrPC की धारा 144 के नाम से जाना जाता था. इसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक जगह जुटने, जुलूस निकालने और प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी.

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संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. इसे देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. पुलिस के मुताबिक, आम लोगों, महत्वपूर्ण सरकारी इमारतों और सुरक्षा प्राप्त लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं. नई दिल्ली के अलावा, सेंट्रल दिल्ली के संवेदनशील इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है. प्रमुख रास्तों पर बैरिकेडिंग करके वाहनों की अच्छी तरह जांच करने के साथ ही गश्त भी तेज कर दी गई है.

दिल्ली पुलिस ने CJP के प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है. CJP की ओर से यह मार्च  NEET अनियमितताओं के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बुलाया गया है. इस पर पुलिस का कहना है कि संसद के आसपास का इलाका हाई सिक्योरिटी जोन है, इसलिए बिना अनुमति किसी भी मार्च को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी. बता दें कि जंतर-मंतर पर CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके का अनशन जारी है. वहीं, सोनम वांगचुक को शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था.  

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के लिए तय जगह जंतर-मंतर पर भी पहले अनुमति लेनी होगी. नियमों के मुताबिक, बिना मंजूरी किसी भी जगह सभा, प्रदर्शन या भीड़ जुटाने की इजाजत नहीं होगी. पुलिस ने चेतावनी दी है कि धारा 163 का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 223 और दूसरे कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी. संसद सत्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह कड़ी रहेगी, ताकि किसी भी हालात से तुरंत निपटा जा सके.

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