अभिजीत दिपके को बड़़ी राहत, कोर्ट ने शर्तों के साथ दी जमानत

दिल्ली की एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके को जमानत दे दी है. बीते दिन तिरंगा मार्च से पहले उन्हें हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. आज मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें जमानत दे दी.

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CJP प्रमुख अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. (Photo: PTI) CJP प्रमुख अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. (Photo: PTI)

अरविंद ओझा / अंशुल सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 5:51 PM IST

सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके को दिल्ली की मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सशर्त जमानत दे दी है. अदालत ने उन्हें पीस बॉन्ड यानी शांति बनाए रखने से जुड़ा 50 हजार रुपये के श्योरिटी बॉन्ड भरने का निर्देश दिया है. बॉन्ड भरने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें जल्द रिहा किया जाएगा.

मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के बाद यह साफ हो गया है कि अभिजीत दिपके को न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा जाएगा. रिहाई की प्रक्रिया के तहत उन्हें पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करने होंगे. कोर्ट ने साथ निर्देश दिया है कि वे पीस बॉन्ड के तहत शर्तों का पालन करेंगे और शांति भंग नहीं करेंगे.

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तिरंगा मार्च से पहले हिरासत में लिए गए थे दिपके

अभिजीत दिपके को शुक्रवार को राजधानी दिल्ली में प्रस्तावित 'लहरा दो तिरंगा' मार्च से पहले हिरासत में लिया गया था. बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. उनके साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा को भी एहतियाती प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया था लेकिन उन्हें बीते दिन ही रिहाई मिल गई थी. पुलिस ने दिपके को नई दिल्ली स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था.

मंदिर मार्ग थाने में मजिस्ट्रेट के सामने पेशी

अभिजीत दिपके को शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली की अदालत में पेश किया गया. उन्हें मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के सामने पेश किया गया. उनकी पेशी को लेकर उनके वकील के हवाले से जानकारी सामने आई थी. अदालत में पेशी के बाद उन्हें सशर्त जमानत दी गई. अब पीस बॉन्ड की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उनकी रिहाई होगी.

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धारा 163 के तहत की गई थी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को दिपके के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा के आधार पर एहतियाती कार्रवाई की थी. सीजेपी के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया था कि दिपके को ऐसी जगह ले जाया गया, जिसके बारे में तत्काल जानकारी नहीं दी गई और शुरुआत में उन्हें वकीलों से संपर्क करने की सुविधा भी नहीं मिली.

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निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर कई FIR

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के दूसरे इलाकों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान निषेधाज्ञा के उल्लंघन को लेकर कई एफआईआर दर्ज की गई हैं. पुलिस का कहना है कि लोगों को बार-बार इकट्ठा नहीं होने की चेतावनी दी गई थी, इसके बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हुई. अधिकारियों ने कहा कि धारा 163 के उल्लंघन पर कार्रवाई की जाएगी और बार-बार नियम तोड़ने वालों के खिलाफ भी कदम उठाए जाएंगे.

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