सऊदी अरब ने 14 अक्टूबर को मक्का की एक मस्जिद के अंदर अश्लील हरकत करने के आरोप में एक बांग्लादेशी महिला और एक पुरुष को मौत की सजा दी. इस घटना के संदर्भ में सोशल मीडिया पर ऐसी कई तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनका इससे कोई लेना-देना नहीं है.
ऐसे ही एक वीडियो में एक महिला और एक पुरुष के पीछे मक्का का काबा नजर आता है. महिला फर्श पर कुछ सामान रखती है, जिसे खोलने पर प्रेग्नेंसी टेस्ट किट दिखती है. इसे देखते ही पति के चेहरे पर खुशी आ जाती है. दोनों एक-दूसरे को गले लगाते हैं. इसके बाद वो शख्स काबा की तरफ झुककर सजदा करता है और महिला के सिर और हाथों को चूम लेता है. इस क्लिप को उन्हीं बांग्लादेशी नागरिकों का वीडियो बताया जा रहा है, जिन्हें सऊदी अरब में मौत की सजा दी गई.
इसी संदर्भ में शेयर हो रही एक तस्वीर में एक शख्स काबा के सामने अपनी प्रेग्नेंट पत्नी के पेट को चूमता दिखता है.
वहीं, एक अन्य वीडियो में बीच सड़क पर एक बुर्का पहने हुए एक महिला का सिर कलम किया जा रहा है.
आज तक फैक्ट चेक ने पाया कि ये सभी तस्वीरें-वीडियो अलग-अलग घटनाओं से जुड़े हैं और इनका मौत की सजा पाने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के मामले से कोई संबंध नहीं है.
कैसे पता चली सच्चाई?
पहले वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने से ये हमें इसी साल 8 अगस्त को अरबी भाषा में छपी एक रिपोर्ट में मिली. इसके मुताबिक, काबा के सामने इस पति-पत्नी का वीडियो काफी वायरल हुआ था, और इसके सही-गलत होने पर सोशल मीडिया दो खेमों में बंट गया था. कुछ लोगों ने इस बर्ताव की आलोचना की थी, तो कुछ ने समर्थन किया था.
आगे खोजने पर असली वीडियो हमें खदीजा बेलगोम नाम की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिला. इसी साल 7 अगस्त को उन्होंने बिली रहमान को टैग करते हुए ये वीडियो पोस्ट किया था और कैप्शन में लिखा था, 'उसे सबसे अनमोल तोहफा दिया, सबसे अनमोल जगह पर, जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर में, अल्हम्दुलिल्लाह!' दोनों के इंस्टाग्राम अकाउंट को देखकर ये बात साफ हो जाती है कि वे शादीशुदा हैं.
बिली ने आज तक फैक्ट चेक को बताया कि वे दोनों सही-सलामत हैं. उन्होंने लोगों से बिना जांचे ऐसी अफवाह न फैलाने की अपील की. बिली बांग्लादेशी मूल के हैं और कई सालों से लंदन में रहे रहे हैं. उन्होंने 2024 में खदीजा से शादी की थी और इसी साल अगस्त में उन्हें पहली बार पता चला था कि वे पिता बनने वाले हैं.
दूसरी तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर वो हमें रैमजी महमूद नाम के एक और इन्फ्लुएंसर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर मिली. उन्होंने 2024 में मक्का में काबा के पास अपनी प्रेग्नेंट पत्नी के साथ फोटोशूट करवाया था. इसी फोटोशूट के एक वीडियो में हमें ये तस्वीर मिली.
वहीं, सड़क पर महिला का सिर कलम करने वाले वीडियो को गूगल लेंस से खोजने पर इसका स्क्रीनशॉट हमें पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ की एक रिपोर्ट में मिला, जो 27 जनवरी 2015 को छपी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना मक्का की ही है.
‘मिडिल ईस्ट आई’ ने भी इस घटना की तस्वीर अपने फेसबुक पेज पर शेयर की थी. इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, लैला बिन अब्दुल मुतल्लिब बसिम नाम की म्यांमार की एक महिला पर अपनी सात साल की सौतेली बेटी के यौन शोषण और हत्या का आरोप था, जिसके बाद उन्हें मक्का की सड़क पर सरेआम मार दिया गया था.
सउदी में मौत की सजा किसे मिली?
बांग्लादेशी और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, मौत की सजा पाने वाले बांग्लादेशी नागरिकों के नाम नजरुल इस्लाम अब्दुल बशीर और स्वीटी अख्तर हैं. सऊदी अरब ने साफ तौर पर ये जानकारी नहीं दी कि दोनों को कब, कहां और किस हरकत के लिए गिरफ्तार किया गया था. कुछ खबरों में बताया गया है कि दोनों को अगस्त 2023 में अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार किया गया था. नजरुल की गिरफ्तारी साइबर अपराध तो स्वीटी की adultery (व्याभिचार) के मामले में हुई थी.
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बांग्लादेशी अधिकारियों का कहना है कि उन्हें मौत की सजा की पहले से कोई सूचना नहीं दी गई. बांग्लादेशी विदेश राज्य मंत्री हुमायूं कबीर ने इसे बेहद निराशाजनक बताया है और सऊदी अरब से स्पष्टीकरण मांगा है.
साफ है, दो बांग्लादेशी नागरिकों को सउदी अरब में मौत की सजा मिलने की घटना के संदर्भ में अलग-अलग लोगों की पुरानी तस्वीरें-वीडियो शेयर हो रहे हैं.
ऋद्धीश दत्ता