फ्रांस में चल रहे प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास ने वहां मौजूद भारतीयों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. दूतावास ने भारतीयों से सतर्क रहने और प्रदर्शन वाली जगहों से दूर रहने को कहा है. फ्रांस की सरकार ने प्रदर्शनों में हिंसा रोकने के लिए करीब 70 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया है.
इस बीच फ्रांस का बताकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है. वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी अपने साथ सुअर लेकर किसी प्रदर्शन वाली जगह पर तैनात दिख रहे हैं. वहीं पुलिस के पीछे कई प्रदर्शनकारी ‘फिलिस्तीन के झंडे’ लिए नजर आते हैं.
अब सोशल मीडिया पर इस वीडियो के बारे में कहा जा रहा है कि फ्रांस में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से निपटने का ये नया तरीका ढूंढ निकाला है. एक एक्स यूजर ने लिखा, “अद्भुत! फ्रांसीसी पुलिस पेरिस में होने वाले प्रदर्शन के लिए तैयार. डाॅग स्क्वाड तो सुना था पर ‘सुअर स्क्वाड’ पहली बार देख रहा हूं!”
आजतक फैक्ट चेक ने पाया कि ये किसी असल घटना का वीडियो नहीं है. इसे AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है.
कैसे पता लगाई सच्चाई?
कीवर्ड सर्च के जरिये हमें ऐसी कोई पुख्ता न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली, जिसमें ऐसी किसी घटना के बारे में बताया गया हो. वीडियो को गौर से देखने पर इसमें कई ऐसी गड़बड़ियां नजर आती हैं, जिनसे इसके AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बने होने का शक होता है.
मिसाल के तौर पर वीडियो में साफ-साफ नजर आ रहे दुकानों के नाम अचानक ही अटपटे और धुंधले हो जाते हैं. वहीं एक पुलिसकर्मी के हेलमेट पर ‘पुलिस’ की स्पेलिंग भी बदल जाती है.
वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारियों ने अपने हाथ में प्लेकार्ड पकड़ा हुआ है, जिन पर ‘Free Palestine’ के नारे लिखे हैं. ये नारे अचानक से अटपटे हो जाते हैं, जिन्हें पढ़ा भी नहीं जा सकता है.
इसके बाद हमने इस वीडियो को AI डिटेक्टर टूल्स से टेस्ट किया. Sightengine और Hive Moderation दोनों ही टूल्स ने इसके AI से बने होने की संभावना बताई. Sightengine ने इस वीडियो के AI से बने होने की 99 फीसदी संभावना बताई.
रिवर्स सर्च के जरिये हमें Jaranor Films नाम का एक इंस्टाग्राम अकाउंट मिला जिसने इस वीडियो को 22 अक्टूबर को पोस्ट किया था. साथ ही इसमें AI लेबल भी लगाया गया है. इस अकाउंट ने ऐसा ही एक और वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें पुलिसकर्मी अपने साथ सुअर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस अकाउंट पर AI से बने ढेरों वीडियो मौजूद हैं और हाल-फिलहाल के ज्यादातर वीडियो फ्रांस से संबंधित हैं.
साफ है कि वायरल हो रहा वीडियो असली नहीं है.
फैक्ट चेक ब्यूरो