बॉलीवुड एक्टर नाना पाटेकर के निधन के बाद एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता के बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. तनुश्री ने नाना की मौत पर ‘ईविल डेड’ यानी ‘बुरी आत्मा की मौत’ जैसा कमेंट किया था. अब बिग बॉस के पूर्व कंटेस्टेंट राजीव अदातिया ने इस बयान पर जमकर नाराजगी जताई है. उन्होंने तनुश्री का नाम लिए बिना उनके कमेंट को शर्मनाक और घटिया बताया है.
राजीव का कहना है कि किसी से कितने भी मतभेद क्यों न हों, लेकिन किसी की मौत का मजाक उड़ाना सही नहीं है. वहीं, तनुश्री भी अपने बयान पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने साफ कहा है कि उन्हें अपनी बात कहने का कोई पछतावा नहीं है. इतना ही नहीं, उन्होंने नाना को ‘सैडिस्ट’ तक कह दिया और उनकी मौत को किसी चमत्कार से कम नहीं बताया.
तनुश्री के बयान पर क्यों भड़के राजीव अदातिया?
नाना पाटेकर की मौत पर तनुश्री के बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. इसी बीच राजीव अदातिया ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी नाराजगी जाहिर की. हालांकि, उन्होंने अपने पोस्ट में तनुश्री का नाम नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना एक्ट्रेस के बयान की तरफ ही माना जा रहा है.
राजीव ने लिखा, “किसी एक्ट्रेस का नाना पाटेकर के लिए ‘ईविल डेड’ कहना बिल्कुल शर्मनाक और घटिया है. आपके निजी मतभेद या शिकायतें चाहे जो भी हों, एक सीमा होती है, जिसे आपको कभी पार नहीं करना चाहिए. आपको किसी को पसंद करना जरूरी नहीं है, लेकिन उसकी मौत का मजाक उड़ाना शर्मनाक है.”
‘कम से कम इतनी तो तहजीब रखिए कि किसी की मौत का जश्न न मनाएं’
राजीव अदातिया ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि मशहूर होने का मतलब यह नहीं है कि इंसान के अंदर क्लास या गरिमा भी हो. उन्होंने कहा कि लोगों को बेरहमी को बहादुरी और बदतमीजी को ताकत नहीं समझना चाहिए.
राजीव के मुताबिक, किसी की मौत पर किसी को जबरदस्ती दुख मनाने के लिए नहीं कहा जा सकता, लेकिन कम से कम इतनी इंसानियत और तहजीब तो होनी चाहिए कि किसी की मौत का जश्न न मनाया जाए.
राजीव की इस पोस्ट के बाद अब सबकी नजरें तनुश्री दत्ता के अगले रिएक्शन पर हैं. फिलहाल, इस आलोचना पर तनुश्री की ओर से कोई जवाब सामने नहीं आया है.
नाना पाटेकर और तनुश्री दत्ता के बीच क्या था विवाद?
नाना पाटेकर और तनुश्री दत्ता के बीच विवाद साल 2008 से जुड़ा है. तनुश्री ने आरोप लगाया था कि फिल्म ‘हॉर्न ओके प्लीज’ के एक गाने की शूटिंग के दौरान नाना ने उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और उनका यौन उत्पीड़न किया.
साल 2018 में मीटू आंदोलन के दौरान तनुश्री ने इस मामले को फिर से उठाया. अक्टूबर 2018 में उन्होंने नाना पाटेकर और तीन अन्य लोगों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी. उनके आरोपों ने भारतीय मनोरंजन जगत में काम की जगह पर महिलाओं के साथ होने वाले कथित उत्पीड़न को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी थी. इस मामले ने देश में #MeToo आंदोलन को सुर्खियों में लाने में अहम भूमिका निभाई.
हालांकि, नाना पाटेकर ने तनुश्री के आरोपों से इनकार किया था.
पुरानी दुश्मनी या बयान की हद पार?
एक तरफ तनुश्री अपने बयान पर कायम हैं, तो दूसरी तरफ राजीव अदातिया ने इसे गलत ठहराया है. इस पूरे मामले ने एक बार फिर पुराने मीटू विवाद को चर्चा में ला दिया है.
अब सवाल यही है कि क्या पुराने विवादों की नाराजगी किसी की मौत के बाद भी इसी तरह जाहिर की जानी चाहिए, या फिर ऐसे वक्त पर शब्दों की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है? फिलहाल, इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर बहस जारी है.
आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क