पहली बार राम बन भावुक हुए रवि किशन, डिप्रेशन से जूझे, बोले- आध्यात्म के सहारे जिंदा हूं

अयोध्या की रामलीला में पहली बार भगवान राम बने रवि किशन ने युवाओं को खास संदेश दिया. जानिए डिप्रेशन, ध्यान, सनातन धर्म और आध्यात्मिकता पर उन्होंने क्या कहा.

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अयोध्या की राललीला में राम बने रवि किशन (photo: screengrabs) अयोध्या की राललीला में राम बने रवि किशन (photo: screengrabs)

आजतक एंटरटेनमेंट डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:17 AM IST

भोजपुरी सिनेमा से लेकर बॉलीवुड और फिर राजनीति तक अपनी पहचान बनाने वाले रवि किशन इन दिनों एक खास वजह से चर्चा में हैं. गोरखपुर से बीजेपी सांसद रवि किशन अयोध्या की रामलीला में पहली बार भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं. भगवान राम का किरदार निभाने को लेकर वह काफी भावुक नजर आए. उन्होंने न सिर्फ इस भूमिका को अपने लिए सौभाग्य बताया, बल्कि युवाओं को भगवान राम, श्रीकृष्ण और भगवान शिव के जीवन से सीख लेने की सलाह भी दी.

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रवि किशन का कहना है कि जिंदगी में जब भी इंसान मुश्किलों या डिप्रेशन का सामना करता है, तब आध्यात्मिकता उसे उन हालात से बाहर निकलने की ताकत देती है.

‘भगवान राम की कृपा से पहली बार निभा रहा हूं ये भूमिका’

दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान रवि किशन ने कहा कि भगवान राम की कृपा से उन्हें पहली बार रामलीला में प्रभु श्रीराम का किरदार निभाने का मौका मिला है. उनके लिए यह सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि आस्था और आशीर्वाद से जुड़ा एक खास अनुभव है.

रवि किशन ने बताया कि इससे पहले वह भगवान परशुराम और केवट जैसे किरदार निभा चुके हैं. बचपन में उन्होंने माता सीता की भूमिका भी निभाई थी. अब भगवान राम का किरदार निभाना उनके लिए एक नई और बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रभु श्रीराम के आशीर्वाद से वह इस भूमिका के साथ पूरा न्याय कर पाएंगे.

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डिप्रेशन से जूझ रहे युवाओं को रवि किशन ने क्या सलाह दी?

रवि किशन ने आज की युवा पीढ़ी को खास संदेश देते हुए कहा कि उन्हें भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान शिव के बारे में जरूर पढ़ना चाहिए. उनके मुताबिक, आध्यात्मिकता इंसान को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और मुश्किल वक्त से बाहर निकलने में मदद कर सकती है.

उन्होंने युवाओं से रोजाना कम से कम आधा घंटा ध्यान करने की अपील भी की. रवि किशन का मानना है कि ध्यान, आध्यात्मिकता और अपनी संस्कृति से जुड़ाव इंसान को जीवन की चुनौतियों का सामना करने की शक्ति देते हैं.

‘साधारण परिवार से आया हूं, आज दुनिया मुझे जानती है’

अपनी जिंदगी के सफर का जिक्र करते हुए रवि किशन ने कहा कि वह एक साधारण पृष्ठभूमि से आते हैं. आज सिनेमा और गोरखपुर के सांसद के रूप में लोग उन्हें जानते हैं. उन्होंने अपनी इस यात्रा को भगवान की कृपा और जीवन में मिली सीख से जोड़ते हुए कहा कि सनातन परंपराएं, संस्कृति, धर्म और आध्यात्मिकता मुश्किल हालात से लड़ने की ताकत देते हैं.

रवि किशन का संदेश साफ है- जिंदगी में कितनी भी परेशानियां क्यों न आएं, अपने विश्वास, संस्कृति और आत्मबल को कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए.

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रामलीला में राम बनकर निभाएंगे बड़ी जिम्मेदारी

रवि किशन के लिए भगवान राम की भूमिका निभाना इसलिए भी खास है, क्योंकि इससे पहले वह रामलीला में कई दूसरे पौराणिक किरदार निभा चुके हैं. अब पहली बार प्रभु श्रीराम के रूप में मंच पर उतरकर वह दर्शकों के सामने एक नई छवि पेश करेंगे.

फिल्मों में अपने दमदार अभिनय और राजनीति में अपनी सक्रियता के लिए पहचाने जाने वाले रवि किशन के इस धार्मिक रूप को देखने के लिए लोगों में उत्सुकता रहना स्वाभाविक है. अब देखना होगा कि भगवान राम के किरदार में रवि किशन दर्शकों का दिल किस तरह जीतते हैं.

रवि किशन की इस भूमिका ने एक बार फिर यह दिखाया है कि उनके लिए अभिनय सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और परंपराओं से जुड़ने का भी जरिया है.

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