नितेश तिवारी की मचअवेटेड फिल्म 'रामायण' दिवाली 2026 में सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए तैयार है. जब से इस फिल्म का पहला लुक और ट्रेलर सामने आया है, तभी से सोशल मीडिया पर इसकी तुलना 2023 में आई ओम राउत की 'आदिपुरुष' से की जा रही है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
जहां 'आदिपुरुष' को उसके जरूरत से ज्यादा आधुनिक डायलॉग्स और कार्टूनिश CGI के लिए भारी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था, वहीं नितेश तिवारी की 'रामायण' के विजुअल्स को दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है. आइए देखते हैं तस्वीरों के जरिए कि कैसे दोनों फिल्मों के विजुअल टोन एक-दूसरे से पूरी तरह अलग हैं. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
दोनों ही रामायण में भगवान विष्णु का भव्य और दिव्य रूप दर्शाया गया है. 'रामायण' वाले सीन में एक नीली, ब्रह्मांडीय और शांत आभा दिखाई देती है, जहां भगवान विष्णु के चार हाथों में चक्र और कमल का फूल बेहद प्रामाणिक और अलौकिक लगता है. वहीं 'आदिपुरुष' वाले फ्रेम में पूरे ब्रह्मांड के ग्रहों के बीच विशालकाय आकृति दिखाई गई है, जो काफी हद तक एनिमेटेड और VFX-हेवी नजर आती है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
राम और सीता के बीच का एक इमोशनल सीन है. ऊपर 'रामायण' की तस्वीर में रणबीर कपूर (भगवान राम) बेहद प्यार और सादगी से साई पल्लवी (सीता) के बालों में फूल लगाते दिख रहे हैं. इसके उलट नीचे 'आदिपुरुष' के सीन में प्रभास और कृति सेनन को पहाड़ की चोटी पर आधुनिक और ड्रामेटिक अंदाज में दिखाया गया है, जहां बैकग्राउंड पूरी तरह CGI जनरेटेड लगता है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
रावण के किरदार और उसके दरबार को लेकर भी दोनों फिल्मों में काफी बड़ा अंतर देखने को मिलता है. 'रामायण' में यश का रावण अवतार भव्य, सुनहरे और पारंपरिक भारतीय राजसी लुक में दिखता है, जैसा कि पौराणिक कथाओं में वर्णन मिलता है. दूसरी ओर, 'आदिपुरुष' में सैफ अली खान के रावण वाले सीन को बहुत ही डार्क, हॉलीवुड-स्टाइल का विलेन लुक दिया गया था, जिसे दर्शकों ने खास पसंद नहीं किया था. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
युद्ध के सीन में भी दोनों फिल्मों का विजुअल ट्रीटमेंट बिल्कुल अलग है. 'रामायण' के सीन में मैदान की धूल, योद्धाओं के हथियार और लड़ाई की बारीकियां काफी रियलिस्टिक और जमीनी लगती हैं. वहीं 'आदिपुरुष' के युद्ध वाले सीन्स में अत्यधिक डार्क और गेमिंग स्टाइल VFX का इस्तेमाल किया गया है, जिससे पूरा माहौल वास्तविक लगने के बजाय एक एनिमेटेड दुनिया जैसा अहसास कराता है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
कुंभकर्ण और विशालकाय राक्षसों की एंट्री पर नजर डालें तो 'रामायण' में विशालकाय कुंभकर्ण को आग और धुएं के बीच बहुत ही स्वाभाविक तरीके से बड़ा दिखाया गया है. इसके विपरीत 'आदिपुरुष' में रावण के महल और काली दीवारों के बीच की लाइटिंग और टेक्सचर बहुत ज्यादा बनावटी नजर आता है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
धनुष-बाण चलाने वाले सीन में दोनों फिल्मों के टोन का फर्क साफ झलकता है. 'रामायण' में रणबीर कपूर का राम रूप धूल भरी आंधी-हवा के बीच बहुत ही दिव्य और शांत तेवर के साथ धनुष ताने दिखता है. वहीं 'आदिपुरुष' में प्रभास समुद्र के किनारे उफनती लहरों के बीच बहुत ही एग्रेसिव और मॉडर्न सुपरहीरो की तरह पोज देते नजर आते हैं. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
माता सीता के किरदार और लंका ले जाने वाले दृश्यों में भी बड़ा अंतर है. 'रामायण' में साई पल्लवी का सीता लुक बेहद सादा, मर्यादित और भारतीय परंपरा के अनुकूल है. पुष्पक विमान भी भव्य है. वहीं 'आदिपुरुष' में कृति सेनन के इस सीन को बादलों और डार्क बैकग्राउंड के साथ काफी ज्यादा एनिमेटेड बना दिया गया था. पुष्पक विमान की जगह यहां चमगादड़ का इस्तेमाल किया गया. जिससे इमोशनल कनेक्ट कम हो जाता है.
(Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
शूर्पणखा वाले प्रसंग में भी दोनों फिल्मों की प्रेजेंटेशन अलग-अलग है. 'रामायण' में कुटिया के बाहर का सीन काफी पारंपरिक मिट्टी के घर और भारतीय पहनावे के साथ प्रामाणिक लगता है. जबकि 'आदिपुरुष' में शूर्पणखा का डर और एक्सप्रेशन काफी हद तक डार्क हॉरर फिल्मों की याद दिलाता है, जिसमें नैचुरल टच गायब है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
ध्यान लगाने वाले दृश्यों में 'रामायण' का विजुअल बेहद शांत, सुनहरा और आध्यात्मिक अनुभव देता है, जहां भगवान राम हाथ जोड़कर ध्यान में लीन हैं. वहीं 'आदिपुरुष' में प्रभास को पानी के अंदर गहरे नीले बैकग्राउंड में ध्यान लगाते दिखाया गया था, जो विजुअली तो अलग था लेकिन उसमें पौराणिक गहराई की कमी खलती है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास वाले लुक की तुलना करें तो 'रामायण' में तीनों किरदार सूती भगवा कपड़ों, रुद्राक्ष की मालाओं और सादगी भरे अंदाज में बहुत ही सहज और असली लगते हैं. वहीं 'आदिपुरुष' में उनके पहनावे और कटिंग को थोड़ा आधुनिक और लेदर-स्टाइल टच दिया गया था, जो वास्तविक वनवासी लुक से थोड़ा अलग हो गया था. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
वहीं रामायण के 'लक्ष्मण रेखा' वाले प्रसंग को भी दोनों ही फिल्मों में अलग तरीके से दिखाया गया. रामायण में जहां लक्ष्मण जमीन पर आग और मिट्टी के बीच एक प्राकृतिक व सुरक्षात्मक रेखा खींचते नजर आते हैं. जो असली लगता है. वहीं 'आदिपुरुष' के सीन में इसे एक चमकीली, जाल जैसी आधुनिक लेजर और डिजिटल ग्रिड इफेक्ट्स के साथ दिखाया गया है, जो काल्पनिक गेमिंग तकनीक जैसा अहसास कराती है. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)
वहीं 'रामायण' के जटायु को नेचुरल रोशनी, चिड़ियों के झुंड और खुले आसमान के बीच एक असली और विशाल पक्षी के तौर पर दिखाया. जबकि 'आदिपुरुष' के नीचे वाले फ्रेम में जटायु को गहरे डार्क बैकग्राउंड में बहुत अधिक VFX-हेवी और एनिमेटेड ग्रैफिक्स के साथ प्रेजेंट किया गया है. जो बनावटी लगा. (Photo: YT/Sony Pictures Entertainment/T-Series)