उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों पर चुनाव के नामांकन शुरू होने के साथ ही राजनीति की बयार तेजी से बह रही है. राज्यसभा चुनाव को लेकर पल-पल बदलते सियासी घटनाक्रम के बीच एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने लखनऊ से लेकर दिल्ली तक के राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है.
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 'सरप्राइज' प्रत्याशी और रिलायंस ग्रुप से जुड़े धनराज परिमल नथवानी के नामांकन के बाद सामने आई एक तस्वीर अब चर्चा का सबसे बड़ा केंद्र बन गई है. इस तस्वीर में अखिलेश यादव और सपा प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी के साथ उत्तर प्रदेश के विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान भी नजर आ रहे हैं.
सपा नेताओं के साथ यह तस्वीर सामने आते ही सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के साथ योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री राकेश सचान क्या कर रहे थे.
अखिलेश के साथ राकेश सचान की तस्वीर
यूपी राज्यसभा चुनाव के लिए सपा के दो उम्मीदवारों ने बुधवार को नामांकन दाखिल किया, जिसमें पहला नाम प्रोफेसर रामगोपाल यादव और दूसरा नाम उद्योगपति धनराज परिमल नथवानी का है. धनराज नथवानी बीजेपी समर्थित राज्यसभा सांसद परिमल नथवानी के बेटे हैं और मुकेश अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े हुए हैं. सपा उम्मीदवार के तौर पर धनराज नथवानी ने राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया.
धनराज नथवानी ने नामांकन के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव और सपा विधायकों के साथ यूपी विधानसभा के अध्यक्ष सतीश महाना से मुलाकात की. इस दौरान ली गई तस्वीर में अखिलेश यादव और सपा विधायकों के संग योगी सरकार के मंत्री व बीजेपी नेता राकेश सचान भी नजर आ रहे हैं. इसके बाद से ही यह सवाल उठ रहा है कि समाजवादी पार्टी के उम्मीदवारों के साथ राकेश सचान क्या कर रहे.
राकेश सचान पर सपा ने क्या है?
समाजवादी प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा कि योगी के कैबिनेट मंत्री अखिलेश यादव से मिलने विधानसभा पहुंचे थे, जहां अखिलेश यादव और धनराज नथवानी और दूसरे समाजवादी पार्टी के सदस्यों के साथ मौजूद थे.
हीं, अखिलेश यादव ने राकेश सचान के सवाल पर कहा कि विधानसभा के स्पीकर साहब से भी तो मुलाकात हुई है, तो क्या सरकार बदल जाएगी. अब जनता बदलेगी सरकार, अब हम जनता के बीच जा रहे हैं.
क्या बीजेपी के भीतर से क्रॉस वोटिंग के आसार?
राज्यसभा चुनाव में 10वीं सीट के लिए छिड़े कांटे के मुकाबले के बीच राकेश सचान की मौजूदगी ने कई गंभीर राजनीतिक सवाल खड़े कर दिए हैं. सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या बीजेपी के भीतर से ही क्रॉस वोटिंग के आसार बनने लगे हैं?
धनराज नथवानी की उम्मीदवारी के बाद जिस तरह के अप्रत्याशित समीकरण बन रहे हैं, उसमें सत्ताधारी खेमे के मंत्री की सपा नेताओं और उनके प्रत्याशी के साथ आई तस्वीर कई नए इशारे कर रही है. राकेश सचान पूर्व में सपा से दो बार विधायक और एक बार सांसद रह चुके हैं. बाद में उन्होंने सपा छोड़कर कांग्रेस का दामन थामा था और फिर बीजेपी में शामिल हो गए थे.
मंत्रिमंडल विस्तार में विभाग छिनने का दर्द?
राकेश सचान की सपा नेताओं के साथ मौजूदगी को नए राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है. गौरतलब है कि पिछले मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान राकेश सचान से एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा विभाग वापस ले लिया गया था. इसके बाद से ही पार्टी के भीतर उनके असंतोष को लेकर रह-रहकर खबरें आती रही हैं. ऐसे में राज्यसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच क्या राकेश सचान पाला बदलने की फिराक में हैं, जिसके चलते वे सपा नेताओं के साथ नजर आ रहे हैं?
कानपुर देहात और कुर्मी बिरादरी के बड़े चेहरे
राकेश सचान केवल योगी सरकार में मंत्री भर नहीं हैं, बल्कि वे कानपुर देहात और पूरे मध्य यूपी में कुर्मी बिरादरी का एक बड़ा और असरदार चेहरा माने जाते हैं. कुर्मी समाज उत्तर प्रदेश की गैर-यादव ओबीसी राजनीति में एक निर्णायक भूमिका निभाता है.
सूबे में बड़े सियासी कद और पिछड़े समाज से आने वाले राकेश सचान की इस तस्वीर को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. यह घटनाक्रम बीजेपी के लिए राज्यसभा की 10वीं सीट के गणित को बिगाड़ने के साथ-साथ आने वाले सियासी समीकरणों पर भी गहरा असर डाल सकता है.
सपा के 'ट्रम्प कार्ड' ने बढ़ा दी बेचैनी
अखिलेश यादव द्वारा धनराज नथवानी को मैदान में उतारे जाने के बाद से ही बीजेपी के लिए अपने आठवें प्रत्याशी को जिताने का रास्ता बेहद कठिन नजर आ रहा था. अब जब बीजेपी के अपने ही मंत्री इस तरह के सियासी फ्रेम में दिख रहे हैं, तो यह सवाल और गहरा गया है कि क्या राज्यसभा चुनाव में कोई बड़ा उलटफेर होने वाला है?
कुमार अभिषेक