मथुरा में आयोजित ‘पंचायत आजतक’ के मंच से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश की चुनौतियों को समस्या मानने के बजाय उनमें संभावनाएं तलाशीं और उन्हें विकास के अवसर में बदला, जिन लोगों ने चुनौतियों को समस्या माना, उन्होंने उत्तर प्रदेश को कर्फ्यूग्रस्त, दंगाग्रस्त और अराजक बनाया, जबकि उनकी सरकार ने इन्हीं चुनौतियों में संभावनाएं देखीं और उन्हें समाधान तक पहुंचाने का प्रयास किया.
योगी आदित्यनाथ ने ब्रज भूमि में आए बदलाव का जिक्र करते हुए कहा कि मथुरा-वृंदावन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बरसाना में होली का रंगोत्सव, ब्रज रज महोत्सव, पंचकोशी परिक्रमा, गोवर्धन परिक्रमा और 84 कोसी परिक्रमा जैसे आयोजनों ने धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ाया है, उन्होंने कि क्या 2017 से पहले इन संभावनाओं को इसी तरह आगे बढ़ाया जा सकता था.
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मुख्यमंत्री ने जून 2016 की मथुरा की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जिस धरती पर उस समय 29 लोगों की जान गई थी और उपद्रव का माहौल था, आज उसी जगह वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है. उन्होंने कहा कि जहां पहले हजारों की संख्या में श्रद्धालु आने को तैयार नहीं होते थे, वहीं अब बड़ी संख्या में लोग ब्रज भूमि पहुंच रहे हैं. पिछले वर्ष अकेले ब्रज भूमि में 11 करोड़ श्रद्धालु और पर्यटक आए, वहीं, वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश में 156 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का दावा करते हुए उन्होंने कहा कि इससे आस्था को अर्थव्यवस्था से जोड़ने का नया अनुभव देश और दुनिया के सामने आया है.
योगी ने कहा कि यह बदलाव उस सोच का परिणाम है जो चुनौती से भागती नहीं, बल्कि चुनौती में संभावनाएं तलाशती है और उन संभावनाओं को समाधान तक पहुंचाकर सफलता के नए प्रतिमान स्थापित करती है.
‘यूपी की आबादी चुनौती नहीं'
मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को भी चुनौती के बजाय अवसर बताया, उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और इसकी बड़ी आबादी के साथ सबसे बड़ी युवा आबादी भी प्रदेश के पास है. इसके अलावा उत्तर प्रदेश के पास समृद्ध इतिहास, संस्कृति, धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र, बड़ा भौगोलिक क्षेत्रफल और देश का सबसे बड़ा बाजार मौजूद है.
उन्होंने कहा कि प्रदेश के पास ऐसी सभी क्षमताएं पहले से मौजूद थीं, जो उसे केवल जनसंख्या के लिहाज से ही नहीं, बल्कि हर दृष्टि से देश में नंबर एक बनाने की क्षमता रखती थीं, लेकिन पिछली सरकारों ने इन चुनौतियों को समस्या माना, जिससे प्रदेश की दुर्गति हुई, हमारी सरकार ने प्रदेश की आबादी को डेमोग्राफिक डिविडेंड के रूप में देखा है, युवा शक्ति को स्किलिंग से जोड़ने, स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने और युवाओं को स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़ने का काम डबल इंजन की सरकार ने आगे बढ़ाया है.
‘अन्नदाता को समस्या नहीं माना, समाधान पर काम किया’
मुख्यमंत्री ने कृषि क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के पास देश की सबसे उर्वर भूमि है, उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें अन्नदाता किसानों को चुनौती और समस्या के तौर पर देखती थीं, जिसका परिणाम किसानों की निराशा और आत्महत्या के रूप में सामने आया, हमारी सरकार ने किसान को समस्या नहीं माना, बल्कि अन्नदाता की समस्याओं को समझकर उनके समाधान का प्रयास किया, उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में कृषि विकास दर 8 फीसदी से बढ़कर 21 फीसदी हो गई है.
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