PM मोदी ने पूर्णिया से ही क्यों किया अपने बिहार चुनाव अभियान का आगाज? BJP के सीमांचल रिपोर्ट कार्ड में है जवाब

सीमांचल के चार जिलों: अररिया (6 सीटें), पूर्णिया (7 सीटें), कटिहार (7 सीटें) और किशनगंज (4) में प्रभुत्व और पतन के बीच झूलती रही है. किशनगंज भगवा पार्टी के लिए वर्जित क्षेत्र बना हुआ है. फरवरी 2005 के चुनावों से लेकर 2020 तक, यहां भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली है. 

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पीएम मोदी ने अपने बिहार चुनाव अभियान की शुरुआत पूर्णिया से की. (File Photo: PTI) पीएम मोदी ने अपने बिहार चुनाव अभियान की शुरुआत पूर्णिया से की. (File Photo: PTI)

शुभम सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 15 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 7:51 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को बिहार के पूर्णिया का दौरा किया, जहां भारतीय जनता पार्टी का ट्रैक रिकॉर्ड असमान रहा है. पिछले पांच विधानसभा चुनावों का जिलावार विश्लेषण बताता है कि पार्टी सीमांचल के चार जिलों: अररिया (6 सीटें), पूर्णिया (7 सीटें), कटिहार (7 सीटें) और किशनगंज (4) में प्रभुत्व और पतन के बीच झूलती रही है.

2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में, भाजपा ने इस क्षेत्र की 11 सीटों पर चुनाव लड़कर 8 सीटें जीती थीं. इनमें अररिया और कटिहार से 3-3 सीटें, जबकि पूर्णिया से 2 सीटें भाजपा के खाते में गईं. किशनगंज जिले से भाजपा का कोई भी उम्मीदवार विजयी नहीं हुआ. 

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2015 के विधानसभा चुनाव में, भाजपा को इस क्षेत्र से 6 सीटें मिलीं. एक बार फिर, किशनगंज पार्टी के लिए फायदेमंद नहीं रहा- बाकी तीन जिलों ने पार्टी को 2-2 सीटें दीं. भाजपा का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 में आया था, जब उसने 16 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़कर 13 पर जीत हासिल की थी. कटिहार की 7 में से 5 सीटों पर भाजपा को जीत मिली. अररिया और पूर्णिया में 4-4 सीटें भाजपा को मिलीं. 

पिछले विधानसभा चुनाव में कटिहार में भाजपा ने तीन सीटों पर चुनाव लड़ा था और सभी पर जीत हासिल की थी. जिले में कुल सात सीटें हैं. कटिहार में 2010 में भाजपा का स्ट्राइक रेट 100 प्रतिशत था. लेकिन 2015 में, जिले में स्थिति बिल्कुल अलग थी, जहां भगवा पार्टी का केवल 33 प्रतिशत स्ट्राइक रेट था.

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अररिया भाजपा के लिए एक अच्छा मैदान है. पिछले पांच विधानसभा चुनावों में पार्टी का स्ट्राइक रेट 50 प्रतिशत से कम नहीं रहा. 2020 में, भाजपा ने 4 सीटों पर चुनाव लड़ा और 3 पर जीत हासिल की. 2015 में, 4 में से 2 सीटें भाजपा के पक्ष में थीं. और 2010 में, 5 में से 4 सीटों पर भाजपा के पक्ष में फैसला आया था.

किशनगंज भगवा पार्टी के लिए वर्जित क्षेत्र बना हुआ है. फरवरी 2005 के चुनावों से लेकर 2020 तक, यहां भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली है. 

पूर्णिया, जहां आज प्रधानमंत्री मोदी ने रैली की, एक स्विंग डिस्ट्रिक्ट रहा है. 2020 में, यहां भाजपा का स्ट्राइक रेट 67 प्रतिशत था. 2010 में यह आश्चर्यजनक रूप से 80 प्रतिशत तक पहुंच गया था, लेकिन 2015 में घटकर 40 प्रतिशत रह गया. यही कारण है कि 7 सीटों वाला यह जिला इस क्षेत्र में जीत का एक प्रमुख वाहक है. इसलिए यह आश्चर्य की बात नहीं है कि प्रधानमंत्री ने अपने बिहार चुनाव अभियान की शुरुआत यहीं से शुरू करने का फैसला किया.

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