उत्तराखंड में कथित फोन हैकिंग के आरोपों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया है कि एक गिरोह नेताओं और उनके परिवारों के फोन हैक कर उनकी निजी बातचीत की जानकारी जुटा रहा है. उन्होंने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर कदम नहीं उठाए गए तो वह गैरसैंण में होने वाले आगामी विधानसभा सत्र के दौरान आत्मदाह करेंगे.
बुधवार, को हल्द्वानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हृदयेश ने कहा कि कथित फोन हैकिंग का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस की चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह जैसे नेताओं के फोन भी टैप किए जा रहे हैं.
कांग्रेस विधायक ने आशंका जताई कि यदि नेताओं की आपसी बातचीत की जानकारी बाहर पहुंचती है तो चुनाव के दौरान उनके खिलाफ रणनीतिक कदम उठाए जा सकते हैं. उन्होंने कहा कि निजता सुरक्षित नहीं रहेगी तो लोकतंत्र के सामने गंभीर सवाल खड़े होंगे.
हृदयेश ने दो लोगों पर भी फोन टैपिंग में कथित रूप से शामिल होने का आरोप लगाया. उनके मुताबिक, उन्होंने इन लोगों को कुछ समय के लिए अपना फोन दिया था. विधायक ने दावा किया कि 24 अप्रैल 2025 को उन्होंने दोनों के खिलाफ पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई. हालांकि, उन्होंने कथित हैकिंग में शामिल लोगों की पहचान सार्वजनिक नहीं की और न ही अपने आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस साक्ष्य पेश किया.
पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
विधायक ने अपनी पत्नी और 15 वर्षीय बेटी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उनका आरोप है कि कथित गिरोह बिना किसी डर के काम कर रहा है. हृदयेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह केवल आत्मदाह का प्रयास करने की बात नहीं कर रहे, बल्कि लोकतंत्र और निजता के मुद्दे पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में ऐसा कदम उठाएंगे. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई उनके निजी हितों के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए है.
राज्य सरकार की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर कांग्रेस विधायक ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि सरकार इस तरह की गतिविधियों में शामिल है. उन्होंने मुख्यमंत्री के साथ अपने व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्हें अच्छा व्यक्ति बताया.
हरीश रावत ने जताई चिंता, धैर्य बनाए रखने की अपील
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी हृदयेश की ओर से उठाए गए मुद्दों को गंभीर बताया. सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया में रावत ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में सक्रिय लोगों के लिए संगठित गिरोह किस तरह मुश्किल और असहज परिस्थितियां पैदा कर सकते हैं, इस बारे में हृदयेश ने चिंता जताई है. उन्होंने ऐसे गिरोहों को कथित संरक्षण मिलने के आरोपों का भी उल्लेख किया.
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रावत ने हृदयेश से धैर्य, साहस और संयम बनाए रखने की अपील की. उन्होंने कहा कि इस मुश्किल समय में कांग्रेस उनके साथ खड़ी है और आगे भी उनका साथ देती रहेगी. फिलहाल फोन हैकिंग और कथित गिरोह की गतिविधियों को लेकर विधायक के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. मामले में पुलिस की कार्रवाई और शिकायत पर आगे की स्थिति महत्वपूर्ण होगी.
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