योगी सरकार के काउंटर में सपा की महिलाओं वाली स्कीम, डिंपल का ऐलान- हर साल देंगे 40 हजार

उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा ने महिलाओं के लिए बड़ा चुनावी वादा किया है। डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत हर साल 40 हजार रुपये देने का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि राशि में सालाना बढ़ोतरी होगी और मोबाइल, लैपटॉप, प्रशिक्षण व शिक्षा से महिला सशक्तिकरण किया जाएगा,

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महिला आरक्षण से लेकर हाथरस कांड तक बीजेपी पर बरसे अखिलेश-डिंपल (Photo-ITG) महिला आरक्षण से लेकर हाथरस कांड तक बीजेपी पर बरसे अखिलेश-डिंपल (Photo-ITG)

समर्थ श्रीवास्तव

  • लखनऊ,
  • 26 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:32 PM IST

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों की सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं. राज्य की 'आधी आबादी' यानी महिला मतदाताओं को साधने के लिए राजनीतिक दलों के बीच वादों की होड़ शुरू हो चुकी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 'लोकनाट्य अहिल्याबाई योजना' की शुरुआत और बीजेपी द्वारा 60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए आजीवन मुफ्त बस सेवा तथा ₹50 हजार तक की सहायता योजना की तैयारी के बीच समाजवादी पार्टी ने भी बड़ा दांव खेला है.

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लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी में मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' का ऐलान किया. प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए सांसद डिंपल यादव ने कहा कि अगर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है, तो 'स्त्री सम्मान समृद्धि योजना' की शुरुआत की जाएगी. 

इसके तहत महिलाओं को सालाना ₹40,000 की आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल ₹40,000 तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि साल-दर-साल इस राशि में बढ़ोतरी भी की जाएगी.

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डिजिटल और तकनीकी रूप से भी सशक्त करने का दावा
डिंपल यादव ने योजना के बहुआयामी स्वरूप को समझाते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत सिर्फ वित्तीय मदद ही नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 5 प्रमुख स्तंभों पर काम किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मोबाइल, लैपटॉप, पैसा, पाठशाला और प्रशिक्षण जैसे माध्यमों से महिला सशक्तिकरण का काम किया जाएगा.

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सपा की महिला विधायकों और सांसदों की मौजूदगी में डिंपल यादव ने कहा कि पार्टी के 'PDA' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के नारे में 'A' का एक बड़ा मतलब 'आधी आबादी' (महिलाएं) भी है. सपा का मानना है कि जब तक महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत नहीं किया जाएगा, तब तक प्रदेश का समग्र विकास संभव नहीं है.

गौरतलब है कि सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) पहले से ही वरिष्ठ महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा चला रही है और आगामी चुनाव से पहले आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं के लिए ₹50,000 की 4 किस्तों में मदद वाली योजना पर मंथन कर रही है. ऐसे में सपा द्वारा सीधे ₹40,000 सालाना देने और उसमें हर साल इजाफा करने का वादा कर चुनावी मुकाबले को और अधिक रोचक बना दिया गया है.

महिलाओं को लेकर अखिलेश ने घेरा

समाजवादी पार्टी ने महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर सत्ताधारी बीजेपी को घेरते हुए कई गंभीर सवाल उठाए. अखिलेश यादव ने कहा, "जब महिला आरक्षण बिल संसद से पास हो चुका है, तो बीजेपी इसे लागू करने में देरी क्यों कर रही है? इसे आने वाले अगले चुनावों में ही लागू किया जाना चाहिए. जब रक्षाबंधन पर बसें चला रहे हैं और बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं, तो आरक्षण भी तुरंत लागू करें."

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सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी के लिए 'नारी' सिर्फ एक चुनावी नारा बनकर रह गई है. जब भी बीजेपी 'नारी वंदन' की बात करे, तो देश को हाथरस कांड याद करना चाहिए कि कैसे मां-बेटी के साथ क्रूरता हुई और उन्हें जला दिया गया. सपा नेताओं ने याद दिलाते हुए कहा कि कोई नहीं भूला होगा जब अग्निकांड के दौरान मुख्यमंत्री ने पीड़ितों से कहा था कि वे 'भाषण सुनने के मूड में नहीं हैं'. आज बेटियों पर सबसे ज्यादा अन्याय हो रहा है और असुरक्षा का माहौल है.

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