मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' कार्यक्रम के 'यूपी से निकलेगा विपक्ष का रास्ता' सत्र में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने अपने चुनाव लड़ने का ऐलान किया और साथ ही 2027 के विधानसभा चुनावों, कांग्रेस की तैयारियों और राज्य के राजनीतिक हालातों पर बेबाक राय रखी.
अजय राय ने कहा कि कांग्रेस संघर्ष और क्रांतिकारियों की पार्टी है. देश और प्रदेश में युवाओं, किसानों और महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार के खिलाफ अगर कोई मजबूती से आवाज उठा रहा है, तो वह राहुल गांधी हैं. गाजीपुर से गाजियाबाद तक हर जगह कांग्रेस संघर्श करती नजर आ रही है.
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यूपी में कांग्रेस पूरी ताकत के साथ आएगी और सरकार बनाएगी. राष्ट्रीय नेतृत्व का निर्णय है कि हमें किसके साथ मिलकर चुनाव लड़ना है. अजय राय ने प्रदेश अध्यक्ष के रूप में अपने 3 साल के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता जमीन पर उतरकर लड़ाई लड़ रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पूरी ताकत के साथ वापस आएगी और सरकार बनाएगी.
सपा से गठबंधन और सीटों का गणित
समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन और सीटों के बंटवारे से जुड़े सवाल पर अजय राय ने रुख साफ किया, उन्होंने कहा कि किसके साथ चुनाव लड़ना है और कितनी सीटों पर लड़ना है, इसका अंतिम निर्णय पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व करेगा। उनका मुख्य काम उत्तर प्रदेश के हर गांव और गली में संगठन को मजबूत बनाना है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश में जहां भी जनता के साथ अन्याय या अत्याचार हुआ है, कांग्रेस कार्यकर्ता अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर लोगों की आवाज बने हैं. साथ ही अजय राय ने 2027 में पिंडरा सीट से चुनाव लड़ने का किया ऐलान.
पीएम मोदी को चुनाव आयोग ने बेईमानी से जिताया
अजय राय ने दावा किया कि 2024 लोकसभा चुनाव की मतगणना के दौरान दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद चुनाव आयोग ने अपनी अधिकृत वेबसाइट से वाराणसी सीट का अपडेट देना बंद कर दिया था उन्होंने आरोप लगाया कि शाम 4 बजे अचानक नरेंद्र मोदी को 1,52,000 वोटों से विजयी घोषित कर दिया गया. उन्होंने कहा कि मीडिया और जनता को राउंड-वार आंकड़े नहीं दिखाए गए, जो यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग ने निष्पक्षता नहीं बरती।
उन्होंने आरोप लगाया कि वाराणसी के तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों (डीएम/कमिशनर) ने प्रक्रिया में गड़बड़ी करके चुनाव जिताने का काम किया, जिसके इनाम स्वरूप उन्हें दिल्ली में उपराज्यपाल का पीएस नियुक्त किया गया. इस बात से साबित होता है कि पीएम मोदी चुनाव जीतने वाले को ईनाम दिया गया.
पिंडरा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान
2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर अजय राय ने स्पष्ट किया कि वाराणसी और पिंडरा उनका घर है,. उन्होंने याद दिलाया कि वह पिंडरा से लगातार चुनाव जीतते रहे हैं और 2009 में बसपा सरकार के दौर में निर्दलीय चुनाव लड़कर जीत हासिल की थी. उन्होंने ऐलान किया कि वह आगामी विधानसभा चुनाव पिंडरा सीट से ही लड़ेंगे.हमसे पहले पिंडरा सीट पर कभी बीजेपी नहीं जीती और न ही जनसंघ जीती है. हमने अपने संघर्ष और कार्यकर्ताओं के दम पर जीत दर्ज की थी.
भाजपा छोड़ने और 'गुजरात कंपनी' पर प्रहार
भाजपा छोड़ने के अपने राजनीतिक सफर पर बोलते हुए राय ने कहा कि 1996 में जिस सीट (पिंडरा/कोलसला) पर जनसंघ और भाजपा की जमानत जब्त होती थी, वहां उन्होंने अपनी मेहनत से जीत दर्ज की थी.
उन्होंने कहा कि जब तक अटल बिहारी वाजपेयी की भाजपा थी, तब तक कार्यकर्ताओं का सम्मान था, लेकिन अब पार्टी को "गुजरात की कंपनी" कॉर्पोरेट की तरह चला रही है, जहां जमीनी कार्यकर्ताओं को किनारे कर दिया गया है, इसी वजह से उन्होंने भाजपा का त्याग किया था.
मछली विवाद पर अजय राय ने सीएम की दी चुनौती
अजय राय ने मछली-भात खाने वाले विवाद पर अपनी बात रखते हुए सीएम योगी को सीधे चुनौती दी. उन्होंने कहा कि सीएम योगी ने आरोप लगाया है कि हमने मछली भात खाया, जिससे हमारी छवि धूमिल हुई है. इस बात को लेकर हमने कोर्ट में चुनौती दी है कि साबित करें नहीं तो माफी मांगे.
उन्होंने कहा गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान घर में बंद (हाउस अरेस्ट) कर दिया गया था. उन्होंने दावा किया कि सत्ता पक्ष के इशारे पर विपक्षी प्रवक्ताओं और कार्यकर्ताओं को गालियां दिलवाई जाती हैं और जब वे आवाज उठाने की कोशिश करते हैं, तो प्रशासनिक तंत्र का इस्तेमाल कर उन्हें रोक दिया जाता है।
उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि हक की मांग करने वाले छात्रों का भविष्य खराब करने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलनों में शामिल होने पर छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराए जा रहे हैं ताकि वे प्रतियोगी परीक्षाओं में न बैठ सकें और किसी नौकरी में आवेदन न कर सकें.
राय ने याद दिलाया कि सिर्फ दिल्ली, बिहार या झारखंड में ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) और लखनऊ में भी हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे थे. उन्होंने कहा कि प्रयागराज में 15 से 20 हजार छात्रों ने एकजुट होकर सरकार की नीतियों का पुरजोर विरोध किया और राहुल गांधी की आवाज के साथ अपनी मांगें उठाईं.
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