'मथुरा में भी बनेगा भव्य मंदिर'... सपा, बीजेपी, AIMIM के नेता कैसे भिड़ गए

मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि और भव्य मंदिर निर्माण के मुद्दे को लेकर भाजपा और सपा प्रवक्ताओं में तीखी राजनीतिक जंग देखने को मिली. हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रवक्ता वारिस पठान के बीच जमकर बहस हुई.

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 मथुरा के मुद्दे पर भिड़ गए सपा और बीजेपी के प्रवक्ता (Photo-ITG) मथुरा के मुद्दे पर भिड़ गए सपा और बीजेपी के प्रवक्ता (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:14 PM IST

मथुरा में आयोजित 'पंचायत आजतक' के मंच पर भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी के प्रवक्ताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया और सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमीक जमाई ने राम मंदिर,श्रीकृष्ण जन्मभूमि, बांके बिहारी कॉरिडोर, विकास कार्यों और तुष्टिकरण की राजनीति को लेकर एक-दूसरे पर जोरदार राजनीतिक हमले किए.

श्री कृष्ण जन्मभूमि पर सपा और बीजेपी में भिड़ंत
बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि जैसे अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है, उसी तरह संवैधानिक और न्यायिक तरीके से मथुरा में भी भगवान श्री कृष्ण का भव्य मंदिर बनेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर भगवान शिव और श्री कृष्ण का आशीर्वाद है और न्यायपालिका में चल रहे इस मामले में अंततः हिंदुओं की ही जीत होगी.

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गौरव भाटिया ने सपा पर तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्ष सुबह उठकर खुद को 'यदुवंशी' बताता है, लेकिन मंदिर के मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट नहीं करता. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि योगी आदित्यनाथ के सामने 100 अखिलेश यादव भी आ जाएं, तो 2027 ही नहीं, 2033 और 2035 का चुनाव भी भाजपा ही जीतेगी. विपक्षी 'टूटी साइकिल' का चुनाव में पता भी नहीं चलेगा.

बीजेपी प्रवक्ता पर सपा ने साधा निशाना
सपा प्रवक्ता अमीक जमाई ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा की नजर मथुरा के गोस्वामी समाज के 500 करोड़ रुपये पर है. उन्होंने आरोप लगाया कि बांके बिहारी कॉरिडोर के नाम पर धार्मिक स्थलों का व्यवसायीकरण किया जा रहा है और अयोध्या के बाद अब भाजपा की 'डाकू' नजरें मथुरा पर टिकी हैं.

अमीक जमाई ने कहा कि मथुरा में जितने बड़े विकास कार्य और रोड बने हैं, वे अखिलेश यादव की सरकार में बने थे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने स्थानीय समस्याओं जैसे हर साल यमुना में आने वाली बाढ़, गंदे पानी की समस्या और युवाओं के लिए पेपर लीक के मुद्दे पर कोई ठोस काम नहीं किया है.

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अयोध्या की तरह मथुरा भी मुक्त होगा-जैन

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने ऐतिहासिक तथ्यों का जिक्र करते हुए कहा कि 1670 (1617) में औरंगजेब ने हमारे मूल मंदिर को तोड़कर वहां ढांचा खड़ा किया था. बाद में 1815 में मराठों और फिर पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रयासों से इस भूमि के ऐतिहासिक महत्व को पुनर्स्थापित किया गया. उन्होंने दावा किया कि हिंदू पक्ष ने कानूनी लड़ाई में अग्निपरीक्षा पार कर ली है.

विष्णु शंकर जैन ने स्पष्ट किया कि मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि विवाद पर 1991 का 'प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट'  लागू नहीं होता. मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. उन्होंने विश्वास जताया कि कोर्ट द्वारा एडवोकेट कमिश्नर सर्वे की प्रक्रिया पूरी होते ही सच्चाई सामने आ जाएगी और हिंदू पक्ष अदालत के जरिए ही अपनी भूमि को मुक्त कराएगा. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वहां मस्जिद थी, तो कंस का कारागार और पौराणिक अवशेष वहां कैसे मिल रहे हैं?

वारिस पठान और AIMIM का पलटवार

 AIMIM नेता वारिस पठान ने हिंदू पक्ष के दावों को खारिज करते हुए इसे 1991 के कानून का उल्लंघन बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी लाभ के लिए जानबूझकर अदालती प्रक्रियाओं के जरिए देश के माहौल को गरमाने की कोशिश की जा रही है और 1991 के कानून की भावना से खिलवाड़ किया जा रहा है. 

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डिप्टीसीएम का बचाव तो सपा पर सीधा प्रहार

सपा द्वारा बीजेपी के उपमुख्यमंत्रियों पर की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए गौरव भाटिया ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक जैसे नेता विरासत की राजनीति से नहीं, बल्कि अपने संघर्ष और मेहनत के दम पर ज़मीन से उठकर इस पद तक पहुंचे हैं

सपा प्रमुख पर तंज कसते हुए भाटिया ने कहा कि अखिलेश यादव के नाम से उनका उपनाम हटा दिया जाए, तो उन्हें कोई चपरासी की नौकरी भी न दे। हमारे उपमुख्यमंत्रियों पर हमें गर्व है, जिन्होंने अखिलेश यादव को राजनीति में पछाड़ कर रख दिया है।" उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ से अखिलेश यादव की कोई तुलना ही नहीं हो सकती.

 मुस्लिम सियासत पर AIMIM का सवाल

बहस के दौरान AIMIM नेता वारिस पठान ने बीजेपी के 'सबका साथ, सबका विकास' के नारे पर सवाल उठाते हुए घेरा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश से लेकर केंद्र सरकार तक बीजेपी मुस्लिम समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने से कतराती है. चुनाव में किसी मुस्लिम प्रत्याशी को टिकट न दिए जाने और कैबिनेट में प्रतिनिधित्व न होने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि विदेश जाकर 'अल हबीबी' करने वाली भाजपा देश में अल्पसंख्यकों को उनका हक नहीं देती. 

वहीं, गौरव भाटिया ने विपक्षी नेताओं को जवाब देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वे जननेता हैं जिन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की धरती पर भव्य हिंदू मंदिर का निर्माण करवाया. उन्होंने राज्यसभा सांसद गुलाम अली खटाना का उदाहरण देते हुए कहा कि बीजेपी में काम करने वाले हर वर्ग के व्यक्ति को पूरा सम्मान मिलता है.

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असदुद्दीन ओवैसी और AIMIM पर तंज

 AIMIM के जनाधार पर हमला बोलते हुए सपा प्रवक्ता ने कहा कि पिछली बार यूपी की 100 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली ओवैसी की पार्टी की 99 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी. उन्होंने ओवैसी को 'रजाकारों का रहनुमा' बताते हुए कहा कि जनता ने इस तरह की विभाजनकारी राजनीति को खारिज कर दिया है.

बहस के दौरान मचे घमासान और विपक्षी नेताओं की नाराजगी पर तंज कसते हुए भाटिया ने कहा कि जब कड़वी सच्चाई और राष्ट्रवाद की बात आती है तो विपक्ष को मिर्ची लग जाती है. उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले दलों को अब जनता पूरी तरह से बेनकाब कर चुकी है.

शंकर जैन ने मथुरा के पूरे मामले को उठाया

हिंदू पक्ष के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने ऐतिहासिक रिपोर्टों, पुरातात्विक साक्ष्यों और कानूनी दस्तावेजों का हवाला देते हुए शाही ईदगाह मस्जिद पर हिंदू पक्ष के दावे को मजबूती से रेखांकित किया. अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि 1968 में शाही ईदगाह मस्जिद प्रबंधन और श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ के बीच हुआ समझौता पूरी तरह से अवैध और अमान्य था.

उन्होंने कहा कि वह संपत्ति श्री कृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के नाम पर है, ऐसे में सेवा संघ को समझौता करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं था. इसी समझौते को कोर्ट में चुनौती दी गई है और अदालत ने इसे स्वीकार भी किया है. विष्णु शंकर जैन ने कहा कि 1862 से 1865 के बीच पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग (ASI) के पहले डायरेक्टर एलेक्जेंडर कनिंघम द्वारा कराई गई खुदाई रिपोर्ट में स्पष्ट है कि विवादित ढांचे की दीवारों पर स्वास्तिक, कमल के फूल और हिंदू पौराणिक प्रतीक चिन्ह बने हुए हैं, जो इस्लाम की मान्यताओं में नहीं होते.

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आर्टिकल 32, 226 और वक्फ एक्ट पर प्रहार

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 32 और 226 नागरिकों को मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए सीधा अधिकार देता है. कोई भी कानून या 'प्लेस ऑफ वर्शिप एक्ट' संविधान से ऊपर नहीं हो सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि विवादित ढांचा वक्फ संपत्ति में दर्ज नहीं है और मुस्लिम पक्ष के पास मालिकाना हक का कोई सिंगल डॉक्यूमेंट उपलब्ध नहीं है.

जनीतिक मंशा या चुनाव लड़ने के सवालों पर विष्णु शंकर जैन ने कहा कि उनका पूरा मामला भावनाओं पर नहीं, बल्कि कड़े सबूतों (Evidences) और कानूनी तथ्यों पर आधारित है. जनता और देश को जागरूक करना उनका अधिकार है कि कोर्ट में असल केस क्या है और पुरातात्विक सच क्या कहता है.

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