नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने नीट यूजी 2026 री-एग्जाम का रिजल्ट और फाइनल आंसर की जारी कर दी है. इसमें करीब 11.21 लाख छात्र पास हुए हैं. रिजल्ट जारी होने के बाद अब इन सफल हुए छात्रों की कहानियां सामने आ रही है. ऐसे में बिहार के सहरसा से भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है जहां, एक ही घर के तीन बच्चों ने नीट की परीक्षा पास कर ली है. इसकी पीछे न केवल छात्रों की मेहनत छुपी हुई है बल्कि उन छात्रों के माता-पिता की सफलता और संघर्ष भी है. लेकिन उससे खास बात ये है कि जब दिनभर पिता दुकान में घर चलाने के लिए मेहनत कर रहे थे, तो बच्चों ने इस उपलब्धि के लिए दिन-रात एक कर दी है.
तीनों बच्चों पर है गर्व
यह कहानी सहरसा के कहरा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत मुरली बसंतपुर पंचायत की है. यहां के तुलसियाही के तीन भाई बहनों ने साबित कर दिया कि हौसला मजबूत हों तो फिर सफलता पाने में कोई भी कमी नहीं रह जाती है. यहां के रहने वाले एक किराना दुकानदार रोहित आनंद के दो बेटे और एक बेटी ने नीट परीक्षा में सफलता हासिल की है. इस सफलता से माता-पिता बेहद खुश हैं.
नहीं की कोई कोचिंग
आपको बता दें कि इनकी सफलता में किसी बड़ी कोचिंग मंडी और कोचिंग का नाम नहीं शामिल है. बल्कि तीनों ने सहरसा में रहकर ही तैयारी की है. संसाधनों से जुड़ी तमाम तरह की परेशानियों के बाद भी तीनों ने हार नहीं मानी और अपने कामयाबी के पीछे लगे रहे. तीनों भाई-बहनों का नामरजनीश, प्रह्लाद और साक्षी कुमारी है.
पिता ने पढ़ाई के खर्च को नहीं समझा बोझ
छात्रों का कहना है कि परिवार की स्थिति मजबूत नहीं थी. लेकिन उनके पिता ने उनके पढ़ाईके खर्च को कभी बोझ नहीं समझा बल्कि और अच्छे से पढ़ने और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया.
एक-दूसरे की करते थे मदद
तैयारी के दौरान तीनों भाई बहन एक दूसरे की मदद करते थे. तीनों ने समय को मैनेज किया और रोजाना पढ़ाई को अपनी आदत बनाई और जब नतीजें सामने आए तो, हर किसी की आंखों में खुशी के आंसू थे.
आजतक एजुकेशन डेस्क