सोशल मीडिया पर इस समय एक पुराना मामला वापस से चर्चा में आ गया है. यह कहानी अमेरिका की एक महिला कर्मचारी डेबी स्टीवंस की है जिसने अपनी बॉस की जान बचाने के लिए अपनी किडनी डोनेट कर दी. उसे लगा कि ऐसा करने से उसके और उसकी बॉस के साथ संबंध अच्छे हो जाएंगे. लेकिन कुछ महीनों बाद उसका बिल्कुल उलटा ही हुआ. बॉस ने यह कहते हुए उसे कुछ महीनों बाद नौकरी से ही निकाल दिया कि वह बहुत छुट्टी लेती है. बॉस के इस कदम से कर्मचारी पूरी तरह से हैरान हो गई और मामला कोर्ट में पहुंच गया.
नहीं मैच हुई किडनी फिर भी की मदद
दावा है कि डेबी स्टीवंस की किडनी उनकी बॉस की किडनी से मैच नहीं कर रही थी. इसके बावजूद वह पीछे नहीं हटीं और पेयर्ड एक्सचेंज प्रोग्राम में हिस्सा लिया. इसमें किडनी डोनर अपनी किडनी किसी दूसरे मरीज को डेनेट करता है और उसकी किडनी किसी और के काम में आती है. इससे कई मरीजों को ट्रांसप्लांट की सुविधा मिल जाती है. कुछ इस तरह डेबी ने अपने बॉस को किडनी डोनेट कर जान बचाई.
ऑपरेशन के बाद आ रही थीं दिक्कतें
किडनी डोनेट करने के कुछ महीनों बाद ही डेबी को कई हेल्थ से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ा. ऐसे में वह ऑफिस से लगातार छुट्टी लेती रही लेकिन डेबी ने दावा किया कि इस दौरान ऑफिस में उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया गया.
बॉस पर लगाए आरोप
डेबी ने आरोप लगाया कि उनकी बॉस ने उनकी इस रिकवरी प्रोसेस को लेकर नाराजगी जताई है. उन्होंने दावा किया कि छुट्टी लेने पर बॉस ने उन्हें ताना दिया. उन्होंने आगे आरोप लगाया कि उन्हें आवश्यक ब्रेक तक देने के लिए परेशान किया गया. उनकी बॉस ने कहा कि तुम बहुत छुट्टी लेती हो, इसलिए तुम्हें नौकरी से निकाल दिया जाता है.
चल गई नौकरी
लेकिन जब डेबी ने जब इसकी शिकायत कंपनी के मैनेजर से तो उन्होंने भी कुछ नहीं किया. लेकिन डेबी ने हार नहीं मानी और यह मामला लेकर कोर्ट में पहुंच गईं. यह विवाद कई सालों तक चला लेकिन अंत में दोनों पक्षों के बीच गोपनीय समझौता हुआ, जिसके बाद मामला समाप्त कर दिया गया.
आजतक एजुकेशन डेस्क