कितना बदल जाएगा NEET 2027? नीलेकणी पैनल-पूर्व ISRO हेड की सलाह से बदलेगा पूरा पैटर्न

नीट परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के दाग धोने के लिए एनटीए (NTA) के पूरे सिस्टम को बदलने की तैयारी अंतिम दौर में है. नंदन नीलेकणी की अगुवाई वाली टास्क फोर्स और पूर्व इसरो प्रमुख की सलाह पर नीट 2027 तक बड़े फेरबदल दिख सकते हैं. पेन-पेपर मोड की जगह ऑनलाइन परीक्षा (CBT), एआई आधारित मॉनिटरिंग और परीक्षा को साल में एक से ज्यादा बार कराने जैसे अहम सुझावों पर विचार चल रहा है.

Advertisement
नीट 2027: डिजिटल परीक्षा और हाईटेक सुरक्षा का नया दौर शुरू नीट 2027: डिजिटल परीक्षा और हाईटेक सुरक्षा का नया दौर शुरू

आजतक एजुकेशन डेस्क

  • नई दिल्ली ,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:08 PM IST

अगर आप भी साल 2027 या उसके बाद नीट (NEET UG) परीक्षा में बैठने की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत काम की है. पिछले सालों में पेपर लीक, फर्जीवाड़े और धांधली के दाग झेल चुकी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को पूरी तरह से बदलने का काम अब अंतिम चरण में है.

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी फटकार और निर्देशों के बाद गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स (HPTF), जिसके प्रमुख नंदन नीलेकणी हैं, अब एनटीए के पूरे सिस्टम को हाईटेक और अचूक बनाने में जुटी है. इस टास्क फोर्स ने पूर्व इसरो (ISRO) अध्यक्ष के. राधाकृष्णन से भी अहम परामर्श किया है, जिन्होंने 2024 नीट विवाद के बाद परीक्षा सुधारों के लिए अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. जान‍िए क्या-क्या बदल सकता है और अब तक क्या बड़े कदम उठाए गए हैं? आसान भाषा में समझते हैं.

Advertisement

ऑनलाइन कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट' (CBT) की तैयारी

पेपर लीक और फिजिकल क्वेश्चन पेपर की चोरी रोकने का सबसे बड़ा तरीका ऑनलाइन परीक्षा को माना जा रहा है. नीलेकणी टास्क फोर्स और एनटीए इस दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं कि नीट-यूजी को बहुत जल्द कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) में बदल दिया जाए. इसके लिए देशभर में सुरक्षित और बड़े परीक्षा केंद्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है.

साल में कई बार परीक्षा और 12वीं के मार्क्स का वेटेज?

सुधार कमेटी के पास छात्रों, अभिभावकों और एक्सपर्ट्स की तरफ से कई अहम प्रस्ताव पहुंचे हैं, जिन पर विचार चल रहा है:

साल में 4 बार परीक्षा: जेईई मेन की तर्ज पर नीट को भी साल में एक से अधिक बार (या 4 बार तक) आयोजित करने का सुझाव है, ताकि छात्रों का पूरा एक साल बर्बाद न हो.
12वीं के अंकों को वेटेज: कोचिंग कल्चर के प्रभाव को कम करने के लिए 12वीं बोर्ड के अंकों को नीट मेरिट या योग्यता में वेटेज देने की सिफारिशें भी आई हैं.

Advertisement

AI की नजर और 'हाई-टेक' सुरक्षा व्यवस्था

नीट परीक्षा में अब इंसानी लापरवाही या धांधली की गुंजाइश खत्म करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है.  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉनिटरिंग के जरिये एआई और डेटा एनालिटिक्स के जरिए परीक्षा के दौरान असामान्य पैटर्न, गड़बड़ी या फर्जी उम्मीदवारों की पहचान की जाएगी. सेंटर पर एंट्री से पहले सीआईएसएफ (CISF) की कड़ी सुरक्षा के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन और पूरी तरह डिजिटल फ्रिस्किंग होगी.

NTA का होगा कायाकल्प

सुप्रीम कोर्ट के रुख को देखते हुए एनटीए का ढांचा भी बदला जा रहा है. पहले जहां एनटीए काफी हद तक आउटसोर्सिंग और अस्थायी कर्मचारियों पर निर्भर थी, अब उसमें स्थायी विशेषज्ञ स्टाफ और परमानेंट टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट खुद एनटीए के नए अपग्रेडेड सिस्टम और फैसिलिटी का निरीक्षण कर सकता है.

तैयारी करने वाले छात्रों के लिए क्या है मैसेज?

नीलेकणी टास्क फोर्स की पहली अंतरिम रिपोर्ट सामने आने वाली है. हालांकि, बदलाव रातों-रात लागू नहीं होंगे, लेकिन यह तय है कि NEET 2027 तक परीक्षा का पूरा पैटर्न काफी ज्यादा पारदर्शी, डिजिटल और आधुनिक हो जाएगा. छात्रों को अब केवल रट्टा मारने के बजाय एआई-बेस्ड मॉनिटरिंग और कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट (CBT) के हिसाब से खुद को ढालने की जरूरत होगी.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »