दिल्ली के मुखर्जी नगर में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों की समस्याएं सुनने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अचानक इलाके में पहुंचीं. यहां उन्होंने विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनकी परेशानियां जानीं. छात्रों ने मुफ्त लाइब्रेरी, पीजी के महंगे किराए और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए. इसके बाद मुख्यमंत्री ने बंद पड़े शौचालय को पिंक टॉयलेट में बदलने और सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट व सीसीटीवी जैसी सुविधाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए.
क्या है विवाद?
बता दें कि मुखर्जी नगर दिल्ली का प्रमुख कोचिंग हब है. यहां बड़ी संख्या में छात्र UPSC, SSC और दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने आते हैं. लेकिन पढ़ाई के खर्च के अलावा उन्हें रहने की जगह, किराया, सुरक्षा और लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं को लेकर भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. हाल के दिनों में दिल्ली के छात्र इलाकों में पीजी और किराये के कमरों की सुरक्षा का मुद्दा भी चर्चा में रहा है. सितंबर 2026 में सत्य निकेतन में एक पांच मंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें पांच दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र थे. इसके बाद छात्रों के रहने की जगहों की सुरक्षा और इमारतों की हालत पर सवाल उठे.
मुखर्जी नगर समेत कई छात्र इलाकों में रहने वाले विद्यार्थियों ने छोटे कमरों, ज्यादा किराए, सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस मिलने की परेशानी और खराब रखरखाव जैसी समस्याएं भी बताई हैं. कुछ जगहों पर साफ-सफाई, पानी, सीलन और सुरक्षा को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं.
मुख्यमंत्री ने क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विद्यार्थियों की समस्याएं सुनने के बाद अधिकारियों को इलाके में सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए. बंद पड़े शौचालय को पिंक टॉयलेट में बदलने का निर्देश भी दिया गया, ताकि महिला विद्यार्थियों को बेहतर और सुरक्षित सुविधा मिल सके. हालांकि, निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों और जमीन पर उनके लागू होने में अंतर है. छात्रों को इन सुविधाओं का वास्तविक लाभ कब तक मिलेगा, यह संबंधित विभागों की कार्रवाई पर निर्भर करेगा.
सुशांत मेहरा