इजरायली सेना और शिन बेट ने शनिवार को गाजा पट्टी में एक हमले की घोषणा की. मध्य गाजा के नुसेरात इलाके में हुए इस हमले में सहेर निदाल सकर मारा गया. इजरायली रक्षा बल का कहना है कि सकर जिहादी संगठनों से जुड़ा था और 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले में शामिल था.
सेना के अनुसार सकर ने नोआ अर्गमनी और अविनतन ओर के अपहरण में हिस्सा लिया था. दोनों को नोवा म्यूजिक फेस्टिवल से अगवा किया गया था. उस दिन की कुख्यात फुटेज में सकर अर्गमनी को मोटरसाइकिल पर बैठाकर गाजा पट्टी ले जाते दिखे थे. यह हमला इजरायल पुलिस की विशेष गिदओनिम यूनिट 33 ने अंजाम दिया.
यह भी पढ़ें: रूस की मुसीबत बढ़ी... यूक्रेन ने लॉन्च किया रोबोट आर्मी, हाई रिस्क वाले सारे काम मशीनी सैनिकों के हाथ
इजरायली सेना के बयान के मुताबिक सकर युद्ध के दौरान हमास को हथियार पहुंचाने में शामिल था. हाल के दिनों में वह सैनिकों और इजरायली नागरिकों पर हमलों की तैयारी कर रहा था. सेना ने कहा कि वह हमास और इस्लामिक जिहाद के सेना विंग के आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहा था और युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा था. इजरायली सेना ने कहा कि खतरे को खत्म करने के लिए उसे निशाना बनाया गया.
7 अक्टूबर 2023 के हमले में हमास के नेतृत्व में कई हमले हुए थे. नोवा फेस्टिवल उस दिन के सबसे प्रभावित स्थलों में से एक था जहां कई लोगों को अगवा किया गया या जान गंवानी पड़ी. अर्गमनी और ओर के अपहरण की घटना उस दिन की कई घटनाओं में शामिल थी. इजरायली पक्ष इस हमले को उसी से जोड़कर देख रहा है.
हमले का तरीका और दावा
नुसेरात मध्य गाजा का इलाका है. इजरायली बयान में साफ कहा गया कि यह हमला खतरे को दूर करने के उद्देश्य से किया गया. गिदओनिम यूनिट 33 को विशेष अभियानों के लिए जाना जाता है. सेना ने सकर को जिहादी संगठनों से जुड़ा बताया लेकिन विस्तृत संगठनात्मक संबंधों का जिक्र नहीं किया.
युद्धविराम के दौरान भी हमलों की तैयारी का आरोप गंभीर है. इजरायली पक्ष का कहना है कि सकर हाल तक सक्रिय रहा और सैनिकों तथा नागरिकों को निशाना बनाने की योजना बना रहा था. इस दावे के साथ हमले को रक्षात्मक कदम बताया गया.
यह भी पढ़ें: नेपाल में हिमलुंग हिमाल बेस कैंप में एवलांच, 10 पर्वतारोही लापता
यह हमला गाजा में जारी सेना कार्रवाइयों के बीच हुआ. इजरायली सेना समय-समय पर ऐसे व्यक्तियों को निशाना बनाने का दावा करती रही है जिन्हें वह 7 अक्टूबर की घटनाओं या बाद की गतिविधियों से जोड़ती है. सकर के मामले में अपहरण की फुटेज को सबूत के रूप में पेश किया गया.
नोआ अर्गमनी की रिहाई बाद में हुई थी लेकिन उस दिन की घटनाएं अभी भी चर्चा में रहती हैं. इजरायली बयान में सकर को हथियार आपूर्ति और हालिया हमला योजनाओं से जोड़कर उसकी सक्रियता को रेखांकित किया गया.
इजरायली सेना और शिन बेट के अनुसार सहेर निदाल सकर को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि वह खतरा बना हुआ था. नुसेरात में हुए हमले में उसके मारे जाने की पुष्टि की गई. यह घटना 7 अक्टूबर की घटनाओं और उसके बाद की सेना कार्रवाइयों की कड़ी में देखी जा रही है. आधिकारिक बयान में उसे अपहरण, हथियार आपूर्ति और युद्धविराम उल्लंघन से जोड़ा गया है.
aajtak.in