चीन ने DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल की रॉकेट फोर्स में कॉम्बैट तैनाती की, जानिए ताकत

चीन ने पहली बार कई DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइल लॉन्चर सार्वजनिक रूप से दिखाया हैं. रक्षा एक्सपर्ट इसे इस मिसाइल की पूरी कॉम्बैट तैयारी का संकेत मान रहे हैं. जानिए DF-17 क्यों सबसे एडवांस हथियारों में गिनी जाती है.

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ये है चीन की डीएफ-17 हाइपरसोनिक मिसाइल. (File Photo:X/Global Times) ये है चीन की डीएफ-17 हाइपरसोनिक मिसाइल. (File Photo:X/Global Times)

ऋचीक मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:24 AM IST

चीन ने पहली बार अपनी DF-17 हाइपरसोनिक मिसाइलों की बड़ी झलक दुनिया को दिखाई है. सोमवार को सरकारी टीवी पर जारी एक वीडियो में पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) रॉकेट फोर्स के कम से कम छह DF-17 मिसाइल लॉन्चर एक साथ सड़क पर चलते दिखाई दिए. जानकारों का कहना है कि इससे पता चलता है कि यह मिसाइल अब बड़ी संख्या में सेना में शामिल हो चुकी है और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल की जा सकती है.

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DF-17 चीन की सबसे मॉर्डन मिसाइलों में गिनी जाती है. यह हाइपरसोनिक मिसाइल है, यानी आवाज की रफ्तार से पांच गुना तेज उड़ सकती है. इसकी एक और बड़ी खासियत यह है कि यह उड़ते समय अपना रास्ता बदल सकती है. इसी वजह से इसे पकड़ना या रोकना मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम के लिए आसान नहीं माना जाता.

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इससे पहले भी चीन DF-17 को दिखा चुका है, लेकिन पहली बार एक साथ इतने लॉन्चर नजर आए हैं. जून 2026 में सैन्य अभ्यास के दौरान भी इस मिसाइल को लॉन्च की तैयारी में दिखाया गया था. अब सामने आए नए वीडियो को इसकी पूरी तैयारी और बड़े पैमाने पर तैनाती का संकेत माना जा रहा है.

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कहीं से भी लॉन्च हो सकती है

DF-17 को एक बड़े मोबाइल लॉन्चर से दागा जाता है. यह लॉन्चर मिसाइल को एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकता है और वहीं से लॉन्च भी कर सकता है. यानी इसके लिए किसी तय लॉन्च पैड की जरूरत नहीं होती. इससे इसकी सही जगह का पता लगाना दुश्मन के लिए मुश्किल हो जाता है.

जानकारों के मुताबिक, यह मिसाइल उड़ान के दौरान कई बार दिशा बदल सकती है. इसका रास्ता पहले से तय नहीं होता. यही वजह है कि इसे ट्रैक करना और बीच में रोकना आसान नहीं होता. यह हर मौसम में काम कर सकती है और अपने लक्ष्य पर सटीक हमला करने में सक्षम मानी जाती है.

रक्षा मामलों से जुड़े खुले आकलनों के मुताबिक DF-17 की रेंज करीब 1,800 से 2,500 किलोमीटर तक मानी जाती है. इस दूरी में पूर्वी एशिया के कई अहम इलाके आते हैं. चीन का कहना है कि यह मिसाइल उसकी सुरक्षा को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाती है.

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पहली बार कब दिखी थी?

DF-17 को पहली बार 2019 में चीन की नेशनल डे परेड में दुनिया के सामने लाया गया था. इसकी बनावट सामान्य बैलिस्टिक मिसाइलों से अलग है. इसमें हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल लगा है, जो तेज रफ्तार से उड़ते हुए रास्ता बदल सकता है.

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वीडियो से पता चलता है कि चीन अब DF-17 मिसाइल को बड़े पैमाने पर तैनात कर चुका है. हालांकि इसकी पूरी क्षमता की अलग से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस तरह की मिसाइलें आने वाले समय में युद्ध का तरीका बदल सकती हैं.

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