फ्रांस के दक्षिण-पश्चिम में बसे ले पोर्ज (Le Porge) गांव में जंगल की भीषण आग के बाद एक बड़ा खुलासा हुआ है. यहां 400 से ज्यादा वर्ल्ड वॉर 2 के गोले और दूसरे विस्फोटक मिले हैं. जुलाई में लगी आग के दौरान गांव के करीब 3,500 लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े थे. आग शांत होने के बाद जब अधिकारी इलाके की जांच कर रहे थे, तब जमीन के नीचे दबा यह गोला-बारूद मिला. अधिकारियों का कहना है कि आग की तेज गर्मी की वजह से कुछ गोले फट गए और तभी उनके बारे में पता चला.
आग लगने के दौरान गांव के पास कई धमाकों की आवाज भी सुनाई दी थी. इसके बाद बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची. पहले एक खेत से 75 गोले मिले. फिर पूरे इलाके की जांच की गई, जिसमें 400 से ज्यादा गोले और दूसरे विस्फोटक बरामद हुए. लोगों की सुरक्षा को देखते हुए कुछ समय के लिए इस इलाके में आने-जाने पर रोक लगा दी गई.
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आग की गर्मी से मिला सुराग
अधिकारियों के मुताबिक, मिले गोलों में फ्रांस और जर्मनी दोनों के मोर्टार शेल शामिल हैं. माना जा रहा है कि ये वर्ल्ड वॉर 2 के समय के हैं. ये गोले कई सालों से जमीन के नीचे दबे थे. जंगल की आग के दौरान जमीन बहुत ज्यादा गर्म हो गई. इसी गर्मी की वजह से कुछ गोले फट गए और अधिकारियों को उनका पता चल गया.
अधिकारियों ने कहा कि इन पुराने गोलों में अब भी धमाका होने का खतरा था. अगर इनमें विस्फोट होता, तो इनके टुकड़े काफी दूर तक जा सकते थे और लोगों को नुकसान पहुंचा सकते थे. इसलिए पहले पूरे इलाके को सुरक्षित किया गया. इसके बाद बम निरोधक टीम ने सभी गोले और दूसरे विस्फोटकों को हटाया। जांच पूरी होने के बाद लोगों को अपने घर लौटने की इजाजत दे दी गई.
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इस साल फ्रांस में रिकॉर्ड जंगल की आग
इस साल फ्रांस में जंगल की आग ने 1.6 लाख हेक्टेयर (160,000 हेक्टेयर) से ज्यादा जमीन जला दी है. यह देश में अब तक की सबसे बड़ी जंगल की आग मानी जा रही है. वैज्ञानिकों का कहना है कि क्लाइमेट चेंज की वजह से यूरोप में जंगल की आग पहले से ज्यादा बड़ी और तेजी से फैल रही है. बढ़ती गर्मी, लंबे समय तक सूखा और तेज हवाएं ऐसी आग को और खतरनाक बना रही हैं.
वर्ल्ड वॉर 2 खत्म हुए 80 साल से ज्यादा हो चुके हैं. इसके बाद भी यूरोप के कई इलाकों में आज भी पुराने बम और गोले जमीन के नीचे दबे मिल जाते हैं. कई बार निर्माण का काम, सूखा या जंगल की आग जैसी घटनाओं के बाद ये सामने आ जाते हैं. हाल ही में हंगरी में डेन्यूबे नदी का पानी कम होने पर भी वर्ल्ड वॉर 2 के कई बम दिखाई दिए थे.
यह घटना दिखाती है कि जंगल की आग सिर्फ पेड़ों और घरों को ही नुकसान नहीं पहुंचाती. कई बार इसकी वजह से जमीन के नीचे सालों से छिपी खतरनाक चीजें भी सामने आ जाती हैं. इसलिए आग के बाद ऐसे इलाकों की अच्छी तरह जांच करना बहुत जरूरी होता है.
आजतक साइंस डेस्क