अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान द्वारा किए जा रहे सटीक हमलों के पीछे केवल तेहरान का नहीं, बल्कि रूस और चीन का भी सहयोग शामिल है. दावा है कि रूस और चीन ईरान को आवश्यक इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा प्रदान कर सहयोग कर रहे हैं.