करियर में आपकी शुरुआत कहाँ से हुई, इससे ज़्यादा यह मायने रखता है कि आप समय रहते मार्केट की नब्ज को पहचानकर कौन सा फैसला लेते हैं. टेक इंडस्ट्री में सही प्लानिंग और लगातार खुद को अपस्किल करने का एक ज़बरदस्त उदाहरण पेश किया है डेटा इंजीनियर शशांक मिश्रा ने. कभी महीने के लगभग 41 हजार रुपये से करियर की शुरुआत करने वाले शशांक आज 1 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना पैकेज पर काम कर रहे हैं.
उनकी यह ग्रोथ कोई रातों-रात मिला चमत्कार नहीं है, बल्कि एक सही समय पर लिए गए दूरदर्शी फैसले और खुद को लगातार तराशने का नतीजा है. उनकी कहानी सोशल मीडिया के एक यूजर ने साझा की है जिससे कई लोगों को नई सीख मिल रही है. आइए उनकी कहानी से समझते हैं शशांक ने ये सब कैसे किया...
एनआईटी से डिग्री और 41 हजार की पहली जॉब
लखनऊ यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीएससी करने के बाद शशांक ने मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT), इलाहाबाद से एमसीए (MCA) की पढ़ाई पूरी की. साल 2017 में पढ़ाई खत्म होते ही उन्हें 'ओपेरा सॉल्यूशंस' (Opera Solutions) नाम की सर्विस-बेस्ड कंपनी में बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर पहली नौकरी मिली. यहाँ उनका शुरुआती पैकेज करीब 5 LPA था, यानी हाथ में करीब 41,000 रुपये महीने की सैलरी आती थी.
एक छोटे से फैसले ने बदल दी करियर की दिशा
सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में काम करते हुए शशांक ने इंडस्ट्री के बदलते ट्रेंड्स को बारीकी से समझा. उन्होंने देखा कि आने वाला दौर डेटा का है. बस, इसी एक सोच के साथ उन्होंने अपने करियर का रुख सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग से मोड़कर 'डेटा इंजीनियरिंग' की तरफ कर लिया.
इस एक बदलाव के बाद उन्होंने पेटीएम, अमेजन, एक्सपीडिया (Expedia) और मैकिन्से (McKinsey & Company) जैसी वैश्विक टेक और फिनटेक कंपनियों में बड़े पैमाने पर डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल-टाइम डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम तैयार किए.
सीखे 79 स्किल्स, तब जाकर मिला 1 Cr का पैकेज
शशांक का मानना है कि पारंपरिक टेक डिग्री के भरोसे बैठकर ग्रोथ नहीं मिल सकती. उन्होंने अपने करियर ग्राफ के दौरान डेटा लेक, डेटाबेस, क्लाउड, डेटा प्रोसेसिंग और एआई (AI) समेत कुल 79 अलग-अलग स्किल्स पर महारत हासिल की. आज शशांक एक कंपनी में सीनियर डेटा इंजीनियर के पद पर तैनात हैं और 1 करोड़ से अधिक के सैलरी पैकेज पर हैं. उनका सफर यह साफ दिखाता है कि अगर आप लगातार अपनी स्किल्स अपडेट करते रहें, तो सैलरी का आंकड़ा किसी भी सीमा को पार कर सकता है.