Shiva Sharma Murder Case: नेपाल टू नागपुर वाया आगरा... 11 दिनों तक पुलिस को चकमा देती रही श्रद्धा दुबे, ऐसे हुई गिरफ्तारी

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर को नागपुर से गिरफ्तार किया गया है. जानिए 9 से 20 अक्टूबर तक फरारी की पूरी टाइमलाइन और इस मामले में उठने वाले अहम सवाल.

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पुलिस ने श्रद्धा दुबे और उसकी बहन को नागपुर से पकड़ा है (फोटो-ITG) पुलिस ने श्रद्धा दुबे और उसकी बहन को नागपुर से पकड़ा है (फोटो-ITG)

परवेज़ सागर

  • नई दिल्ली,
  • 20 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:19 PM IST

लखनऊ के कारोबारी और कैफे संचालक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रही मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे को 20 अक्टूबर 2026 को महाराष्ट्र के नागपुर से गिरफ्तार कर लिया गया. यूपी एसटीएफ, लखनऊ पुलिस और नागपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश भी पकड़े गए. 

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इन तीनों के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में शिवा शर्मा की हत्या के आरोप में मामला दर्ज है. करीब 11 दिनों तक पुलिस उनकी तलाश में उत्तर प्रदेश से लेकर नेपाल तक सुराग खंगालती रही. इस दौरान नेपाल में छिपने, लखनऊ लौटने, वकील से मिलने और आगरा के रास्ते नागपुर पहुंचने की खबरें सामने आईं.

श्रद्धा दुबे की फरारी के दौरान पुलिस को कई अलग-अलग लोकेशन की सूचनाएं मिलीं. शुरुआत में उसके नेपाल भागने की जानकारी सामने आई, फिर उसके उत्तर प्रदेश लौटने और आगरा पहुंचने की खबरें आईं. इसके बाद 20 अक्टूबर को नागपुर के एक फ्लैट से उसकी गिरफ्तारी हुई. 

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की गतिविधियों और आगरा में किराए पर ली गई टैक्सी से मिले सुरागों ने जांच को आगे बढ़ाने में मदद की. हालांकि, इन 11 दिनों के दौरान उनके हर ठिकाने, यात्रा के पूरे रास्ते और नागपुर में उन्हें किसने पनाह दी, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने आना बाकी है.

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9 अक्टूबर 2026: शिवा शर्मा की मौत के बाद फरार

उस शाम लखनऊ के हजरतगंज इलाके में बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद 28 वर्षीय कारोबारी शिवा शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां रात करीब 9 बजे उनकी मौत हो गई. इसके बाद उनकी मां रंजना शर्मा ने श्रद्धा दुबे और अन्य लोगों पर हत्या का आरोप लगाया. पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज किया. जांच के दौरान श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश की गतिविधियां पुलिस के रडार पर आईं. मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, तीनों घटना के बाद लखनऊ से निकल गए थे.

9-10 अक्टूबर: लखनऊ से रुपईडीहा बॉर्डर और फिर नेपाल

जानकारी के अनुसार, शिवा की मौत के बाद श्रद्धा दुबे अपनी स्कॉर्पियो से बहन रश्मि और ड्राइवर तनवीर के साथ लखनऊ से निकली. उनकी गाड़ी चौक और पक्के पुल के रास्ते सीतापुर होते हुए बहराइच जिले के रुपईडीहा बॉर्डर तक पहुंची. 10 अक्टूबर की सुबह करीब 6:10 से 6:20 बजे के बीच गाड़ी सीमा के पास कस्टम कार्यालय की पार्किंग में खड़ी मिली. इसके बाद पुलिस को आशंका हुई कि तीनों पैदल सीमा पार कर नेपाल चले गए. सीमा के पास गाड़ी मिलने के बाद जांच एजेंसियों ने मोबाइल सर्विलांस और अन्य तकनीकी सुरागों के जरिए उनकी तलाश तेज कर दी. 

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10-15 अक्टूबर: नेपाल में कहां छिपी थी श्रद्धा?

नेपाल पहुंचने के बाद श्रद्धा की वास्तविक लोकेशन को लेकर अलग-अलग खबरें सामने आईं. कुछ रिपोर्ट में नेपाल के बांके और सुर्खेत का जिक्र किया गया, जबकि दूसरी खबरों में पोखरा में उसकी मौजूदगी की बात कही गई. पुलिस ने इन सूचनाओं के आधार पर तलाश की और नेपाल पुलिस से संपर्क साधा. लेकिन इन सभी जगहों पर श्रद्धा के ठहरने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई, इसलिए उन्हें उसके प्रमाणित ठिकाने नहीं माना जा सकता. इस बीच पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि और तनवीर की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया, जिसे बाद में बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया गया.

वीडियो जारी कर खुद को बताया बेकसूर

पुलिस की तलाश के बीच श्रद्धा दुबे के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए. इन वीडियो में उसने खुद को निर्दोष बताया और शिवा शर्मा की मौत को हत्या के बजाय आत्महत्या करार दिया. श्रद्धा का दावा था कि शिवा भारी कर्ज और मानसिक तनाव से परेशान था. उसने यह भी मांग की कि अपार्टमेंट के सीसीटीवी फुटेज सामने लाए जाएं, ताकि घटना का सच सामने आ सके. हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली जगहों से उसकी वास्तविक लोकेशन की पुष्टि नहीं हो पाई. पुलिस इन वीडियो और उनसे जुड़े डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है.

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17-18 अक्टूबर: नेपाल से वापसी और वकील से मुलाकात

फरारी के बीच श्रद्धा के नेपाल से दोबारा उत्तर प्रदेश लौटी. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उसने महाराजगंज सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश किया और फिर लखनऊ पहुंची. कुछ खबरों में उसके बुर्का पहनकर यात्रा करने का जिक्र किया गया, ताकि पहचान छिपाई जा सके. 18 अक्टूबर को लखनऊ हाई कोर्ट परिसर में वकीलों से मुलाकात करने और कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बात भी सामने आई. हालांकि, उसकी वापसी के सटीक सीमा मार्ग और पूरे सफर की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है. इस बीच मामले की जांच में लापरवाही को लेकर पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हुई.

19 अक्टूबर: आगरा से सहारनपुर!

लखनऊ में वकील से मुलाकात के बाद श्रद्धा के आगरा पहुंचने की खबर आई. रिपोर्टों के मुताबिक, उसने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे का रास्ता लिया और आगरा के एक होटल में ठहरी. जानकारी के अनुसार, श्रद्धा अपनी बहन के साथ आगरा के ओम पैलेस होटल पहुंची थी और होटल में उसकी एंट्री देवराज यादव नाम के व्यक्ति ने कराई थी. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि वह करीब 24 घंटे तक कमरे में रही. इस दौरान उसकी लोकेशन को लेकर पुलिस के सामने चुनौती बनी रही. फिर उसके पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की तरफ जाने की सूचना भी सामने आई.

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20 अक्टूबर: आगरा से नागपुर तक पहुंचने का सुराग

आगरा के बाद श्रद्धा, उसकी बहन और ड्राइवर के नागपुर पहुंचने की जानकारी सामने आई. शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, आरोपियों ने आगरा से विमान के जरिए नागपुर की यात्रा की थी. हालांकि, किस उड़ान से उन्होंने सफर किया, टिकट किसने बुक किए और नागपुर में फ्लैट की व्यवस्था किसने की, इसका विस्तृत आधिकारिक ब्योरा सामने नहीं आया. जांच एजेंसियों को आगरा में किराए पर ली गई टैक्सी से सुराग मिले, जिनके आधार पर पुलिस नागपुर तक पहुंची. तकनीकी इनपुट और दूसरी जानकारियों की मदद से यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस ने नागपुर पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की.

20 अक्टूबर को नागपुर में एक फ्लैट पर की गई संयुक्त कार्रवाई के दौरान श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर तनवीर अली उर्फ दानिश को गिरफ्तार कर लिया गया. यूपी एसटीएफ और लखनऊ पुलिस की कार्रवाई में नागपुर पुलिस ने सहयोग किया. इसके साथ ही करीब 11 दिनों से जारी तलाश खत्म हुई. अब जांच में आरोपियों से पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि वे नेपाल से भारत कब और किस रास्ते से लौटे, आगरा से नागपुर तक कैसे पहुंचे और फरारी के दौरान उन्हें किसने मदद पहुंचाई.

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पुलिस को कैसे चकमा देती रही श्रद्धा?

श्रद्धा की फरारी में सबसे अहम बात अलग-अलग शहरों से सामने आए सुराग हैं. शुरुआत में पुलिस को नेपाल में उसके छिपे होने की सूचना मिली, फिर उसके उत्तर प्रदेश लौटने और लखनऊ में वकील से मिलने की खबर सामने आई. इसके बाद आगरा के होटल और टैक्सी से जुड़े सुरागों ने जांच को नागपुर तक पहुंचाने में मदद की. मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि श्रद्धा लगातार अपनी लोकेशन बदल रही थी. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि हर पड़ाव पर उसे किसने मदद दी और पुलिस की गतिविधियों की जानकारी उसे कैसे मिलती रही. इन सवालों का जवाब विस्तृत जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद ही सामने आ सकेगा.

क्या है शिवा शर्मा की मौत का मामला?

लखनऊ के अलीगंज स्थित कपूरथला क्षेत्र के निवासी शिवा शर्मा चिकन कारोबार और कैफे संचालन से जुड़े थे. वह मॉडल और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर श्रद्धा दुबे के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे. 9 अक्टूबर को हजरतगंज के बालू अड्डा स्थित अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद उनकी मौत हो गई. शिवा की मां रंजना शर्मा की शिकायत पर पुलिस ने श्रद्धा, उसकी बहन रश्मि और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया. परिजनों का आरोप है कि शिवा को पहले प्रताड़ित किया गया और फिर चौथी मंजिल से धक्का दिया गया.

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पोस्टमार्टम के दौरान शिवा के शरीर पर 11 चोटों का उल्लेख किए जाने की बात सामने आई है. परिवार ने श्रद्धा पर मारपीट और धमकियां देने के आरोप लगाए हैं. दूसरी तरफ, श्रद्धा ने वीडियो के जरिए दावा किया कि शिवा कर्ज और मानसिक तनाव के कारण परेशान था और उसने आत्महत्या की थी. उसने सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग भी की थी. पुलिस मोबाइल चैट, कॉल डिटेल्स, ऑडियो क्लिप, सीसीटीवी फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट सहित तमाम सबूतों की जांच कर रही है. मौत हत्या थी या आत्महत्या, इसका फैसला जांच और अदालत तय करेगी. क्योंकि गिरफ्तारी आरोप साबित नहीं करती.

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