Mathura-Aligarh Rail Link: मेन लाइन से बस 60KM दूर... लेकिन आजादी के 79 साल बाद भी सीधी रेल नहीं, अब सर्वे शुरू

मथुरा से रेलवे की मुख्य लाइन गुजरती है, लेकिन करीब 60 किलोमीटर दूर अलीगढ़ जाने के लिए आज भी सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है. अब इस परेशानी को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ा है. रेलवे ने मथुरा-अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित नई रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे शुरू कर दिया है.

Advertisement
मथुरा से रेलवे की मुख्य लाइन गुजरती है, लेकिन करीब 60 किलोमीटर दूर अलीगढ़ जाने के लिए आज भी सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है. (File Photo) मथुरा से रेलवे की मुख्य लाइन गुजरती है, लेकिन करीब 60 किलोमीटर दूर अलीगढ़ जाने के लिए आज भी सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:19 AM IST

मथुरा और अलीगढ़ उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहर हैं. मथुरा धार्मिक पर्यटन के लिहाज से अहम है, जबकि अलीगढ़ शिक्षा, कारोबार और औद्योगिक गतिविधियों के लिए जाना जाता है. दोनों शहरों के बीच दूरी करीब 60 किलोमीटर है, लेकिन इनके बीच सीधी रेल लाइन नहीं होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है. मथुरा से भारतीय रेलवे की मेन रेल लाइन गुजरती है, लेकिन यहां से करीब 60 किलोमीटर दूर अलीगढ़ जाने के लिए आज भी सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं है.

Advertisement

आजादी के 79 साल बाद भी रेल नेटवर्क की कमी दोनों शहरों के बीच दूरी की प्रमुख वजह बनी हुई है. रेलवे ने अब इस परेशानी को दूर करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. मथुरा और अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित नई रेल लाइन के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे का काम शुरू हो गया है. इसके अलावा आगरा-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को मथुरा तक बढ़ाने की मांग पर भी विचार किया जा रहा है. अगर इन दोनों प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो मथुरा और आसपास के यात्रियों को रेल सफर के नए विकल्प मिल सकते हैं.

60 किलोमीटर की दूरी, लेकिन सीधी ट्रेन नहीं

मथुरा से होकर रेलवे की मुख्य लाइन गुजरने के बावजूद अलीगढ़ के लिए सीधा रेल संपर्क नहीं होना यात्रियों के लिए एक अहम मुद्दा रहा है. प्रस्तावित नई रेल लाइन का उद्देश्य इसी कमी को दूर करना है. इससे दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले यात्रियों को सुविधा होगी. प्रस्तावित रेल लिंक के लिए रेलवे ने फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) शुरू कर दिया है. यह किसी नई रेल लाइन की योजना को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: दिवाली-छठ पर रेलवे ने दी राहत! इन रूट्स पर चलाईं 14 स्पेशन ट्रेनें, देखें टाइम टेबल

सर्वे के दौरान प्रस्तावित मार्ग और उससे जुड़े तकनीकी पहलुओं का आकलन किया जाएगा. योजना के मुताबिक, यह रेल लिंक पूर्वोत्तर रेलवे के मथुरा-कासगंज सेक्शन पर मेडू जंक्शन के रास्ते मथुरा को अलीगढ़ से जोड़ेगा. हालांकि, सर्वे शुरू होने का मतलब यह नहीं है कि रेल लाइन को निर्माण की अंतिम मंजूरी मिल गई है. परियोजना की मंजूरी, निर्माण शुरू होने और ट्रेनें चलने की समयसीमा को लेकर अभी आगे के फैसलों का इंतजार करना होगा.

हेमा मालिनी ने उठाई थी रेल लाइन की मांग

मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने दोनों शहरों के बीच सीधी रेल लाइन की मांग उठाई थी. उन्होंने 14 सितंबर को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर इस प्रस्ताव पर ध्यान देने की मांग की थी. इसके बाद रेलवे अधिकारियों और आगरा डिवीजन का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के बीच रेल सेवाओं और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. हेमा मालिनी ने कहा था कि आजादी के 79 साल बाद भी दोनों पड़ोसी शहरों के बीच सीधी रेल लाइन नहीं है और हजारों यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है. उनके मुताबिक, नई रेल लाइन बनने से यात्रा आसान होगी और आने-जाने में लगने वाला समय कम हो सकेगा.

Advertisement

यह भी पढ़ें: 48 मिनट में मुंबई-पुणे, 3.50 घंटे में दिल्‍ली-वाराणसी... इन रूटों पर दौड़ेंगी 7 बुलेट ट्रेनें!

मथुरा तक बढ़ सकती है वंदे भारत एक्सप्रेस?

नई रेल लाइन के प्रस्ताव के साथ मथुरा के यात्रियों के लिए एक और मांग पर चर्चा हो रही है. आगरा-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को मथुरा तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर रेलवे विचार करेगा. इससे मथुरा के यात्रियों को सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकता है. हालांकि, इस विस्तार के लिए मथुरा स्टेशन पर पर्याप्त रखरखाव सुविधाएं विकसित करना जरूरी बताया गया है. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, इन सुविधाओं के उपलब्ध होने के बाद ही प्रस्ताव पर आगे विचार किया जा सकता है. फिलहाल ट्रेन के विस्तार को मंजूरी मिलने या इसे शुरू करने की कोई अंतिम तारीख सामने नहीं आई है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »