नौकरी बदलकर PF निकाल लिया, ये रिकॉर्ड भूले तो नहीं?
नौकरी बदलने के बाद अगर आपने अपना PF निकाल लिया है, तो हो सकता है आपको लगे कि पुरानी नौकरी से जुड़ा पूरा हिसाब खत्म हो गया. लेकिन PF निकालने के बाद भी एक रिकॉर्ड ऐसा है, जिसे नजरअंदाज करना आगे भारी पड़ सकता है. यह रिकॉर्ड आपकी पेंशन से जुड़ा है. दरअसल, नौकरी बदलने के दौरान सिर्फ PF का पैसा ही नहीं, पुरानी पेंशन योग्य सेवा का रिकॉर्ड भी आगे बढ़ना जरूरी है. अगर यह रिकॉर्ड नहीं जुड़ा, तो भविष्य में पेंशन की पात्रता का हिसाब प्रभावित हो सकता है.
EPF और EPS में क्या फर्क है?
कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) दोनों कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा हैं, लेकिन दोनों का काम अलग है. EPF में कर्मचारी और नियोक्ता की ओर से जमा रकम रिटायरमेंट के लिए फंड तैयार करती है. इस रकम पर ब्याज भी मिलता है. वहीं EPS में कर्मचारी की पेंशन योग्य सेवा अवधि का रिकॉर्ड महत्वपूर्ण होता है. यही वजह है कि नौकरी बदलते समय सिर्फ यह देखना काफी नहीं है कि PF का पैसा नए खाते में पहुंचा या पुराना PF निकाल लिया गया. यह भी देखना जरूरी है कि पुरानी EPS सर्विस का रिकॉर्ड सही तरीके से आगे बढ़ा है या नहीं.
PF निकाल लेने से EPS सर्विस खत्म नहीं होती
यह बात समझना सबसे जरूरी है. अगर आपने पुरानी नौकरी का PF निकाल लिया है, तो इसका मतलब यह नहीं है कि उस नौकरी की EPS सेवा अवधि भी खत्म हो गई. नौकरी बदलने पर पिछली नौकरी में पूरी की गई पेंशन योग्य सेवा को आगे के रोजगार रिकॉर्ड से जोड़ना जरूरी होता है. भविष्य में EPS पेंशन की पात्रता तय करने में कुल योग्य सेवा अवधि का रिकॉर्ड काम आता है. इसलिए अगर पुरानी नौकरी की सर्विस नए रिकॉर्ड में दिखाई नहीं दे रही है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय रहते जांच लेना बेहतर है.
10 साल की सर्विस क्यों है अहम?
आम तौर पर EPS के तहत मंथली पेंशन के लिए कम से कम 10 साल की पात्र सेवा जरूरी होती है. अब मान लीजिए आपने तीन अलग-अलग कंपनियों में नौकरी की. पहली कंपनी में 4 साल, दूसरी में 3 साल और तीसरी में 4 साल काम किया. अगर इन नौकरियों की पेंशन योग्य सेवा सही तरीके से दर्ज है, तो कुल सेवा अवधि का रिकॉर्ड आगे काम आ सकता है. लेकिन अगर पुरानी सर्विस रिकॉर्ड में जुड़ी ही नहीं है, तो आपकी कुल योग्य सेवा कम दिखाई दे सकती है. इसलिए नौकरी बदलने के बाद EPS सर्विस रिकॉर्ड की जांच करना जरूरी है.
Form 13 से क्या होगा?
अगर PF निकालने के बाद आपको पता चलता है कि पुरानी EPS सर्विस आगे नहीं जुड़ी है, तो इसका मतलब यह नहीं कि अब कुछ नहीं हो सकता. EPFO की प्रक्रिया के तहत Form 13 के जरिए पुराने PF और पेंशन सेवा रिकॉर्ड को मौजूदा खाते से जोड़ने की प्रक्रिया की जा सकती है. इसका मकसद पुराने Member ID को मौजूदा UAN से जोड़ते हुए PF और सर्विस हिस्ट्री को आगे ले जाना है. Form 13 में कर्मचारी की व्यक्तिगत जानकारी, पुराने PF/पेंशन खाते की जानकारी, नौकरी की शुरुआत और समाप्ति की तारीख और मौजूदा PF खाते की जानकारी शामिल होती है.
Form 13 में कौन-कौन सी जानकारी होती है?
Form 13 को मोटे तौर पर तीन हिस्सों में समझ सकते हैं. Part A में नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल, बैंक अकाउंट नंबर और IFSC जैसी व्यक्तिगत जानकारी होती है. Part B में पुराने PF/पेंशन खाते, पुराने संस्थान का पता और नौकरी शुरू करने और छोड़ने की तारीख जैसी जानकारी दर्ज होती है. Part C में मौजूदा PF/पेंशन खाते, संस्थान की जानकारी और वर्तमान नौकरी की Date of Joining जैसी जानकारी होती है. इस फॉर्म पर पिछले या मौजूदा नियोक्ता की ओर से डिजिटल या फिजिकल वेरिफिकेशन/अटेस्टेशन की जरूरत प्रक्रिया के मुताबिक हो सकती है.
Form 13 ऑनलाइन कैसे जमा करें?
अगर आपको पुरानी PF/EPS सर्विस ट्रांसफर करनी है, तो ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए EPFO के सदस्य पोर्टल पर UAN और पासवर्ड से लॉगिन करना होगा. इसके बाद Online Services > One Member – One EPF Account (Transfer Request) विकल्प पर जाना होता है. फिर अपनी व्यक्तिगत जानकारी और मौजूदा नौकरी की जानकारी जांचें. इसके बाद जिस पुराने PF खाते को ट्रांसफर करना है, उसे चुनें. दावे को सत्यापित करने के लिए पुराने या मौजूदा नियोक्ता में से संबंधित विकल्प चुनना होता है. इसके बाद Get OTP के जरिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP से सत्यापन पूरा किया जाता है.
Date of Exit भी जरूर चेक करें
पुरानी नौकरी की Date of Exit सही होना भी जरूरी है. अगर यह अपडेट नहीं है या इसमें गलती है, तो आगे PF/EPS रिकॉर्ड से जुड़ी प्रक्रिया में परेशानी आ सकती है. इसके लिए UAN और पासवर्ड से EPFO सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करके Manage सेक्शन में जाएं और Mark Exit विकल्प देखें. इसके बाद संबंधित PF अकाउंट और नौकरी की जानकारी जांचें. नौकरी छोड़ने का सही कारण और सही Date of Exit दर्ज करें. आधार आधारित OTP सत्यापन पूरा करने के बाद रिक्वेस्ट सबमिट की जा सकती है.
नौकरी बदलने के बाद ये चीजें जरूर जांचें
अगर आप नौकरी बदल रहे हैं या बदल चुके हैं, तो सिर्फ PF बैलेंस देखकर निश्चिंत न हो जाएं. अपने UAN, KYC, नाम, सर्विस हिस्ट्री रिकॉर्ड और Date of Exit की जानकारी भी जांचें. सबसे जरूरी यह देखना है कि पुरानी नौकरी की पेंशन योग्य सेवा सही तरीके से दर्ज है या नहीं. खासकर तब, जब आपने पुरानी नौकरी का PF निकाल लिया हो. आखिर में आपकी EPS पेंशन पात्रता का हिसाब आपकी योग्य सेवा अवधि के रिकॉर्ड से जुड़ा है. इसलिए नौकरी बदलने के बाद PF का पैसा निकालना एक अलग बात है और अपनी पेंशन सर्विस को सुरक्षित रखना दूसरी. पुरानी सर्विस कहीं छूट गई है, तो EPFO की प्रक्रिया के जरिए उसे सही कराने की कोशिश करना बेहतर है.