चीन में एक एक्सपेरिमेंटल मैग्लेव प्लेटफॉर्म पर ट्रेन की टेस्टिंग की गई, जिसने कुछ महीने में ही तीसरी बार अपने ही रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. चीन की हुबेई ईस्ट लेक ने इसकी टेस्टिंग की है. एक्सपेरिमेंटल प्लेटफॉर्म पर हुई टेस्टिंग में 1.1 टन वजनी वाहन 5.3 सेकंड में 800 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचा गया.
इंडिपेंडेंट की एक रिपोर्ट के अनुसार, 1.1 टन वजनी इस वाहन ने हुबेई प्रांत के डोंगहू प्रयोगशाला में 1 किमी लंबे ट्रैक पर परीक्षण को पूरा किया है. हालांकि, इसकी टेस्टिंग पैसेंजर ट्रेनों के लिए नहीं हुआ है, लेकिन फ्यूचर में इसके बारे में सोचा जा सकता है.
टेस्टिंग के दौरान वाहन लगभग 600 मीटर की दूरी तय करने के बाद 800 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंच गया और फिर ट्रैक के अंत में नियंत्रित तरीके से रुक गया. इस पूरी प्रक्रिया को पूरा करने में वाहन को लगभग आठ सेकंड लगे.
हालांकि, नियमित यात्री ट्रेनों के विपरीत, यह टेस्टिंग वाहन लोगों को ले जाने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है. रिसर्चर इसका यूज उन तकनीकों के परीक्षण के लिए कर रहे हैं जिनका भविष्य में रॉकेटरी, एयरोस्पेस और अन्य हाई स्पीड सिस्टम में यूज हो सके.
यह सिस्टम स्थायी मैग्नेट संस्पेंशन ट्रैक को विद्युत मैग्नेटिक के साथ जोड़ती है. यह मॉडल पहियों और रेल के पारंपरिक संपर्क पर निर्भर नहीं करता है, इसलिए रोलिंग घर्षण काफी कम हो जाता है, हालांकि बहुत ज्यादा स्पीड पर हवा की रुकावट तेजी से महत्वपूर्ण हो जाता है.
ईस्ट लेक लेबोरेटरी के प्लेटफॉर्म ने 16 जून, 2025 को 650 किमी प्रति घंटा और 14 जुलाई को 700 किमी प्रति घंटा की गति हासिल की और अब यह गति 800 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई.
ईस्ट लेक लेबोरेटरी का कहना है कि शंघाई मैग्लेव ट्रेन यात्रियों को काफी कम गति से ले जाती है. यह टेस्टिंग प्लेटफॉर्म भविष्य के मैग्लेव परिवहन, विद्युत चुम्बकीय स्लेज, स्पेस परीक्षण और अन्य हाई स्पीड सिस्टम पर रिसर्च में सहायक हो सकता है.