यमुना एक्सप्रेसवे पर बनेगा नया स्मार्ट सिटी, सेक्टर-150 स्पोर्ट्स सिटी में भी शुरू होगा काम

लंबे समय से चले आ रहे विवादों के बीच स्पोर्ट्स सिटी में निर्माण कार्य 2021 से रुका हुआ था. दिसंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद इसे पुनर्जीवित करने के प्रयासों में तेजी आई है.

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स्पोर्ट्स सिटी को भी मिली संजीवनी (Photo-ITG) स्पोर्ट्स सिटी को भी मिली संजीवनी (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:35 PM IST

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना अर्बन नोड के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर क्षेत्र में एक नया शहर विकसित करने की योजना की घोषणा की है.  यह प्राधिकरण के केवल औद्योगिक विकास वाले शुरुआती विजन के विस्तार का एक बड़ा प्रतीक है.

यमुना प्राधिकरण के अनुसार, इस योजना को अब औद्योगिक नोड से आगे बढ़ाकर एक कम्प्लीट इकोसिस्टम के रूप में ढाला गया है. औद्योगिक विकास के साथ-साथ यहां आवासीय सेक्टर, स्कूल, कॉलेज, एक यूनिवर्सिटी, बड़े अस्पताल, होटल, मॉल और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना है.

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YEIDA ने टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट और शहर का मास्टर प्लान तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी नियुक्त करने के लिए टेंडर जारी कर दिया है. एजेंसियां 5 अगस्त तक अपनी बोलियां जमा कर सकती हैं, जबकि तकनीकी बोलियां 7 अगस्त को खोली जाएंगी. प्राधिकरण के मुताबिक, चुनी गई कंसलटेंट एजेंसी के पास फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने के लिए छह महीने का समय होगा, जिसके बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप देने के लिए चार महीने का समय और मिलेगा.

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यमुना अथॉरिटी के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया कहते हैं- 'नोएडा एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर के बीच लगभग 8,000 हेक्टेयर में नया शहर विकसित किया जाएगा, हम इसकी टेक्नो-इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए एक विशेषज्ञ एजेंसी का चयन कर रहे हैं."

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स्पोर्ट्स सिटी प्रोजेक्ट्स को नया जीवन

यह घोषणा सेक्टर-150 स्थित 'स्पोर्ट्स सिटी' के अटके हुए आवासीय प्रोजेक्ट्स को फिर से शुरू करने के एक संबंधित कदम के साथ आई है. नोएडा अथॉरिटी ने SC-2 प्लॉट पर फंसे हुए प्रोजेक्ट्स के लिए जॉइंट डेवलपर्स को शामिल करने की अनुमति दे दी है, जिससे वित्तीय संकट से जूझ रहे बिल्डरों को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए आर्थिक और तकनीकी पार्टनर्स तलाशने का मौका मिलेगा इससे प्रोजेक्ट्स पूरे हो सकेंगे और फ्लैट खरीदारों को जल्द घर मिलने की उम्मीद जगी है.

योजना के लिए तेज़ समय-सीमा 

मास्टर प्लान 10 महीनों के भीतर तैयार हो जाएगा और योजना को अंतिम मंजूरी मिलते ही ज़मीन पर काम शुरू कर दिया जाएगा. अधिकारियों का कहना है कि इस तेज़ शेड्यूल का मकसद यमुना एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में त्वरित विकास को बढ़ावा देना है.

अदालती फैसलों ने साफ किया रास्ता

हाल ही में 300 एकड़ के SC-2 प्लॉट के लेआउट को मंजूरी दी गई है, और कई बिल्डरों ने नक्शे पास कराने के लिए आवेदन किया है. SC-2 प्लॉट में 24 सब-लीज्ड बिल्डर प्रोजेक्ट्स हैं, जबकि SC-1 में 27 प्रोजेक्ट्स हैं। मई में आए सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद अब SC-1 के लेआउट का काम भी प्रगति पर है.

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