आप दुनिया के किस कोने में रहते हैं, यह तय करता है कि आपकी जेब से हर महीने किराए के नाम पर कितनी बड़ी रकम निकलने वाली है. बढ़ती मांग, जमीन की कमी और बदलते आर्थिक हालातों ने दुनिया भर के रियल एस्टेट मार्केट को पूरी तरह बदल दिया है. डॉयचे बैंक की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार शहर के मुख्य हिस्से में 3-बेडरुम के अपार्टमेंट के औसत मासिक किराए के आधार पर दुनिया के सबसे महंगे शहरों की सूची तैयार की गई है, जिसमें चौंकाने वाले वैश्विक रुझान सामने आए हैं.
वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो दुनिया के टॉप 10 सबसे महंगे किराए वाले शहरों में से चार अकेले अमेरिका के हैं, जबकि दो शहर स्विट्जरलैंड के शामिल हैं. इस सूची में न्यूयॉर्क दुनिया का सबसे महंगा शहर बनकर उभरा है, जहां 3-बेडरुम फ्लैट का किराया आसमान छू रहा है, जबकि अन्य अमेरिकी शहरों में सैन फ्रांसिस्को तीसरे, बोस्टन चौथे और लॉस एंजिल्स छठे पायदान पर हैं. स्विट्जरलैंड का ज्यूरिख दुनिया का दूसरा सबसे महंगा किराए वाला शहर है, जबकि जिनेवा इस सूची में 10वें नंबर पर है. इस टॉप 10 लिस्ट में सिंगापुर पांचवें, हॉन्गकॉन्ग सातवें, लंदन आठवें और सिडनी नौवें स्थान पर काबिज हैं.
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दिल्ली-मुंबई का क्या नंबर?
अगर आप दिल्ली, मुंबई या बेंगलुरु के किराए से परेशान हैं, तो वैश्विक स्तर पर यह आंकड़े आपको थोड़ा सुकून दे सकते हैं, क्योंकि इस ग्लोबल लिस्ट में भारत का कोई भी शहर टॉप 50 में भी शामिल नहीं है. भारतीय शहरों में मुंबई सबसे महंगा है, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसका स्थान 52वां है, जबकि भारत का आईटी हब बेंगलुरु इस सूची में वैश्विक स्तर पर 67वें नंबर पर आता है और देश की राजधानी दिल्ली इस मामले में तीसरे नंबर पर रहते हुए ग्लोबल रैंकिंग में 68वें स्थान पर है.
किराए के अलावा अगर शहर के मुख्य हिस्से में प्रति वर्ग मीटर घर खरीदने की कीमत देखी जाए, तो वहां भी मुंबई 44वें, दिल्ली 65वें और बेंगलुरु 67वें स्थान पर है, यानी दुनिया के बड़े देशों के मुकाबले भारत के सबसे महंगे शहरों में भी घर खरीदना या किराए पर लेना काफी सस्ता है.
दूसरी तरफ, हॉन्गकॉन्ग अभी भी दुनिया का सबसे महंगा प्रॉपर्टी मार्केट बना हुआ है, भले ही वहां कीमतें कोविड से पहले के स्तर से करीब 10% नीचे चल रही हैं. वहीं, दक्षिण कोरिया का सियोल तीसरे नंबर पर है, जहां टेक्नोलॉजी बूम और सीमित सप्लाई के कारण मकानों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं, जबकि ज्यूरिख, सिंगापुर और जिनेवा भी टॉप 5 रियल एस्टेट मार्केट्स में शामिल हैं. इन आंकड़ों से साफ है कि दुनिया के बड़े देशों के मुकाबले भारत के सबसे महंगे और प्रमुख शहरों में भी घर खरीदना या किराए पर रहना आज भी काफी किफायती है.
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