बेंगलुरु में आधी सैलरी खा जाती है EMI! घर की कीमतों में लगी आग, बेबस हुआ वर्किंग क्लास

बेंगलुरु का रियल एस्टेट मार्केट इस वक्त अपने सबसे बड़े उफान पर है, जहां मुख्य शहर से 1 करोड़ रुपये से कम के फ्लैट्स लगभग गायब हो चुके हैं, पिछले 5-6 सालों में जहां ज़मीन के दाम 300% तक उछले हैं, वहीं आमदनी की रफ्तार इसकी तुलना में बेहद धीमी रही है.

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बेंगलुरु में प्रॉपर्टी की कीमतों ने बढ़ाई मिडिल क्लास टेंशन (Photo-ITG) बेंगलुरु में प्रॉपर्टी की कीमतों ने बढ़ाई मिडिल क्लास टेंशन (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली ,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 4:38 PM IST

सोशल मीडिया पर एक शख्स ने बेंगलुरु में लगातार बढ़ते घरों के दामों पर अपनी चिंता जताई है. उनका कहना है कि शहर में काम करने वाले कई पेशेवरों के लिए अब अपना घर खरीदना पहुंच से बाहर होता जा रहा है. उन्होंने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि क्या बेंगलुरु धीरे-धीरे अपने ही नौकरीपेशा वर्ग को शहर से बाहर कर रहा है? इस सवाल के बाद कई अन्य यूजर्स ने भी अपने ऐसे ही अनुभव शेयर किए.

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यह पोस्ट 'शंकर वोन मैसूरु' नाम के एक X यूजर ने शेयर की थी. कैप्शन में लिखा था, "2026 में बेंगलुरु में घर खरीदना किसी सपने से कम नहीं लगता.  किसी अच्छे इलाके में एक ठीक-ठाक 2BHK घर की कीमत आम तौर पर ₹1.4–1.8 करोड़ से शुरू होती है, जबकि शहर के मुख्य इलाकों में ₹1 करोड़ से कम कीमत वाले घर लगभग खत्म ही हो गए हैं. ज़्यादातर मिड-लेवल प्रोफेशनल्स के लिए सिर्फ़ महीने की EMI ही ₹80,000 से ₹1.1 लाख के बीच होती है, यह रकम अच्छी-खासी टेक सैलरी का भी एक बड़ा हिस्सा खा जाती है.'

वो आगे लिखते हैं- 'यह वह पीढ़ी है जो अपने माता-पिता की तुलना में कहीं ज़्यादा कमाती है, फिर भी यहां अपना घर होना एक दशक पहले की तुलना में और भी मुश्किल लगता है. बढ़ती इनकम और तेजी से बढ़ती प्रॉपर्टी की कीमतों के बीच का अंतर लगातार बढ़ रहा है, जिससे कई लोग साल-दर-साल "लगभग तैयार" वाली स्थिति में ही अटके रह जाते हैं. क्या बेंगलुरु चुपचाप अपनी ही वर्कफोर्स को यहां घर खरीदने की क्षमता से बाहर कर रहा है, या यह बस एक नया नॉर्मल है, जिसे हम सबको स्वीकार करना होगा? कमेंट्स में ईमानदारी से बताएं क्या आप अभी भी यहां घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, या आपने दूसरे शहरों में देखना शुरू कर दिया है?

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सोशल मीडिया यूजर्स ने क्या प्रतिक्रिया दी?

इस पोस्ट पर लोगों के कमेंट्स की बाढ़ आ गई, जहां कई लोगों ने बेंगलुरु के साथ-साथ कर्नाटक के अन्य शहरों के भी अनुभव साझा किए. एक यूजर ने लिखा: "आपने अभी मैसूरु के हालात नहीं देखे हैं, वहां एक साधारण 30×40 का प्लॉट ही 1.2 से 1.5 करोड़ रुपये में बिक रहा है. "

दूसरे यूजर का कमेंट था "घर या फ्लैट खरीदना बिल्कुल नामुमकिन हो गया है, जमीन या कोई स्वतंत्र घर ढूंढना कितना दर्दनाक है, इसे मैं बयां नहीं कर सकता. अगर बेंगलुरु का विस्तार उत्तर और पूर्व की तरफ नहीं हुआ, तो इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट और शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव और ज्यादा बढ़ जाएगा."

बीते सालों में बढ़ती कीमतों को याद करते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा- "यह पिछले चार सालों से नया सामान्य बन गया है. हम हर साल नवंबर और दिसंबर में BSK 6th स्टेज में प्रॉपर्टी देखने जाया करते थे. 2023 में जमीन 8,000 रुपये प्रति स्क्वायर फीट थी. 2024 में यह 10,000 से 11,000 रुपये हुई. 2025 में यह 13,000 से 15,000 रुपये तक पहुंच गई. आखिरकार मैंने 2026 में इसे 15,000 रुपये प्रति स्क्वायर फीट के हिसाब से खरीदा और अब वे 16,000 रुपये मांग रहे हैं. असली त्रासदी यह है कि मेरे दोस्त ने वही प्रॉपर्टी 2019 में सिर्फ 5,000 रुपये प्रति स्क्वायर फीट में खरीदी थी. 

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