अगर आप उत्तर प्रदेश में घर या दुकान खरीदने की सोच रहे हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण यानी यूपी रेरा ने राज्य के 5 जिलों में 11 नई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी है. इन प्रोजेक्ट्स में कुल 2,086.06 करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है, जिसके तहत 1,873 रेजिडेंशियल और कमर्शियल यूनिट्स का निर्माण किया जाएगा.
दरअसल, यूपी रेरा की 215वीं बैठक में गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, गाजियाबाद, बाराबंकी और मुरादाबाद की परियोजनाओं को हरी झंडी मिली है. इन प्रोजेक्ट्स के तहत 1,873 आवासीय और व्यावसायिक इकाइयों का निर्माण होगा. सबसे बड़ा निवेश नोएडा में जबकि सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट लखनऊ को मिले हैं.
ये फैसला यूपी रेरा की 215वीं अथॉरिटी बैठक में लिया गया. प्राधिकरण के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी की अध्यक्षता में ये बैठक हुई. बैठक में सभी प्रोजेक्ट्स के प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा के बाद उन्हें मंजूरी दी गई. प्राधिकरण ने साफ किया कि मंजूर किए गए प्रोजेक्ट्स में रेरा एक्ट के नियमों का पालन कराया जाएगा और तय समय-सीमा में काम पूरा हो, इसकी निगरानी भी की जाएगी.
गौतमबुद्ध नगर में सबसे बड़ा निवेश
निवेश के लिहाज से गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा सबसे आगे रहा. यहां 2 रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जिनमें करीब 1,800.36 करोड़ रुपये का निवेश होगा. इन प्रोजेक्ट्स के तहत कुल 1,398 रेजिडेंशियल यूनिट्स बनाई जाएंगी. यानी अकेले नोएडा में मंजूर कुल निवेश का करीब 86 फीसदी हिस्सा आ रहा है.
लखनऊ में सबसे ज्यादा 5 प्रोजेक्ट्स
प्रोजेक्ट्स की संख्या के मामले में लखनऊ टॉप पर है. यहां कुल 5 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी मिली है, जिनमें 2 रेजिडेंशियल और 3 कमर्शियल प्रोजेक्ट्स शामिल हैं. इनमें करीब 169.53 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है और कुल 198 यूनिट्स बनाई जाएंगी.
बाराबंकी में एक रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है. इसमें करीब 5.78 करोड़ रुपये के निवेश से 53 रेजिडेंशियल यूनिट्स बनेंगी.
गाजियाबाद में दो रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. दोनों में कुल 106.84 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 211 रेजिडेंशियल यूनिट्स तैयार होंगी.
मुरादाबाद में एक कमर्शियल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली है. इसमें करीब 3.55 करोड़ रुपये का निवेश होगा और 13 यूनिट्स बनाई जाएंगी.
निर्माण सेक्टर को भी मिलेगा फायदा
यूपी रेरा के मुताबिक, इन प्रोजेक्ट्स में प्रस्तावित 2,086.06 करोड़ रुपये का निवेश सिर्फ रियल एस्टेट तक सीमित नहीं रहेगा. इसका असर कंस्ट्रक्शन मटेरियल, ट्रांसपोर्ट, इंजीनियरिंग और लेबर जैसे जुड़े हुए सेक्टर्स पर भी पड़ेगा. प्राधिकरण का कहना है कि इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के नए मौके भी बनेंगे.
घर खरीदारों के हितों पर रहेगा फोकस
यूपी रेरा ने कहा कि प्रोजेक्ट्स के रजिस्ट्रेशन के बाद उनकी निगरानी करना और नियमों का पालन सुनिश्चित कराना प्राधिकरण की अहम जिम्मेदारी है. प्राधिकरण का मकसद ऐसा सिस्टम बनाना है, जिसमें प्रमोटर्स को साफ प्रोसेस मिले और घर खरीदारों के हितों की भी पूरी सुरक्षा हो.
रेरा अध्यक्ष ने क्या कहा?
यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी के मुताबिक, प्राधिकरण प्रदेश में रियल एस्टेट विकास को व्यवस्थित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए लगातार काम कर रहा है. उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट्स को तय प्रक्रिया के तहत समय पर मंजूरी देने के साथ-साथ उनके विकास पर नजर भी रखी जा रही है. भूसरेड्डी ने कहा कि प्रमोटर्स और घर खरीदारों, दोनों के लिए भरोसेमंद व्यवस्था बनाए रखना प्राधिकरण की प्राथमिकता है.
आदित्य के. राणा