₹11.5 करोड़ जुर्माना, ₹546 cr रिफंड का आदेश... अवधूत साठे पर SEBI का बड़ा एक्शन

SEBI Action on Avadhut Sathe: सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी और उसके डायरेक्टर्स पर कुल ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है और लोगों को ₹546.17 करोड़ लौटाने का ​आदेश दिया है. सेबी के मुताबिक, एकेडमी ट्रेडिंग सिखाने के साथ शेयर खरीदने-बेचने की सलाह भी दे रही थी, जिसके लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन नहीं था.

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सेबी ने अवधूत साठे एकेडमी पर 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, 546 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश दिया. (File Photo) सेबी ने अवधूत साठे एकेडमी पर 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया, 546 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश दिया. (File Photo)

आजतक बिजनेस डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 24 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST

शेयर बाजार में ट्रेडिंग सीखने के लिए अगर कोई एकेडमी पैसे लेती है, तो उससे उम्मीद की जाती है कि वह सही तरीके से ट्रेनिंग देगी. लेकिन अगर ट्रेनिंग के नाम पर शेयर खरीदने-बेचने की सलाह भी दी जाए और इसके लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन न हो, तो मुश्किल बढ़ सकती है. ऐसा ही एक मामला अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी का है.

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सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने एकेडमी और उसके डायरेक्टर्स पर कुल ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है. साथ ही, एकेडमी और उसके फाउंडर अवधूत साठे को ₹546.17 करोड़ उन लोगों को लौटाने का आदेश दिया है, जिन्होंने उनकी गैर-पंजीकृत सेवाओं के लिए पैसे दिए थे. सेबी ने ₹67.87 करोड़ का ब्याज भी जमा करने को कहा है. इसके अलावा, अवधूत साठे और उनकी एकेडमी को शेयर बाजार में कारोबार करने से रोक दिया गया है.

सेबी ने तीन लोगों और कंपनी पर अलग-अलग जुर्माना लगाया है. अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी पर ₹6 करोड़, ट्रेडिंग गुरु अवधूत साठे पर ₹4 करोड़ और गौरी अवधूत साठे पर ₹1.5 करोड़ का जुर्माना लगाया गया है. जुर्माने की कुल राशि ₹11.5 करोड़ है. अवधूत साठे और उनकी एकेडमी दो साल तक शेयर बाजार में कारोबार नहीं कर सकेंगे. अगर रिफंड का आदेश पूरा होने में दो साल से ज्यादा समय लगता है, तो रोक आगे भी जारी रह सकती है. गौरी साठे पर छह महीने की रोक लगाई गई है.

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ट्रेडिंग सिखाने के नाम पर क्या हो रहा था?

सेबी के मुताबिक, एकेडमी सिर्फ शेयर बाजार की जानकारी नहीं दे रही थी, बल्कि लोगों को खास शेयर खरीदने और बेचने के सुझाव भी दे रही थी. ये सुझाव लाइव सेशन और वॉट्सऐप के जरिए दिए जाते थे. इनमें बताया जाता था कि कौन-सा शेयर खरीदना या बेचना है, उसकी कीमत कहां तक जा सकती है और नुकसान होने पर किस स्तर पर शेयर बेच देना चाहिए. ऐसी सलाह देने के लिए सेबी में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए.

नियामक का कहना है कि अवधूत साठे की ट्रेडिंग एकेडमी बिना रजिस्ट्रेशन के ये सेवाएं दे रही थी. सेबी ने एकेडमी के उन विज्ञापनों और टेस्टिमोनियल पर भी सवाल उठाए, जिनमें ट्रेडिंग से बहुत ज्यादा मुनाफा कमाने की बातें दिखाई गई थीं. जांच में ट्रेडिंग के दौरान नुकसान भी मिला. सेबी के मुताबिक, मार्च 2024 में अवधूत साठे की ट्रेडिंग एकेडमी को चेतावनी देने के बाद भी ऐसे दावे जारी रहे.

इंवेस्टर्स को कैसे मिलेगा रिफंड?

सेबी ने एकेडमी और अवधूत साठे को आदेश मिलने के 30 दिनों के अंदर रिफंड का नोटिस जारी करने को कहा है. यह नोटिस एक अंग्रेजी, एक हिंदी और एक स्थानीय भाषा के अखबार में छपवाना होगा. इस नोटिस में बताया जाएगा कि कौन लोग रिफंड के लिए दावा कर सकते हैं और पैसे वापस पाने के लिए क्या करना होगा. भुगतान बैंक के जरिए किया जाएगा, ताकि हर लेनदेन का रिकॉर्ड रहे. पूरी प्रक्रिया की जांच एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट करेगा. सेबी ने रिफंड की रकम जुटाने के लिए जरूरी मामलों को छोड़कर एकेडमी और अवधूत साठे की संपत्ति बेचने पर भी रोक लगाई है. जब तक जरूरी रकम ट्रांसफर नहीं हो जाती, उनके बैंक खातों से पैसे निकालने पर भी पाबंदी रहेगी.

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गौरी अवधूत साठे के बारे में सेबी ने क्या कहा?

सेबी के आदेश में गौरी अवधूत साठे की भूमिका को अलग माना गया है. नियामक को ऐसे सबूत नहीं मिले कि उन्होंने खुद निवेश सलाह दी, इस पूरे काम की योजना बनाई या इससे गलत तरीके से कमाई की. फिर भी सेबी ने उन पर ₹1.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है और छह महीने तक शेयर बाजार से जुड़े कारोबार पर रोक लगाई है. जिन लोगों ने एकेडमी की इन सेवाओं के लिए पैसे दिए थे, वे अखबारों में जारी होने वाले नोटिस में दी गई जानकारी के आधार पर अपना रिफंड क्लेम कर सकेंगे.

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