प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करने को एक बड़ा टारगेट दिया है. साथ ही उन्होंने भारतीय कारोबार में वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति बढ़ाने और उच्चतम स्तर पर कम्पीट करने की अपील की है.
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षाओं को एक बड़ा घरेलू बाजार बनने से आगे बढ़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंपनियों के निर्माण पर फोकस करना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारा लक्ष्य फॉर्च्यून 500 में 50 भारतीय कंपनियों को शामिल करना होना चाहिए. पीएम ने भारत की कंपनियों को यह टारगेट ऐसे समय में दिया है, जब उन्होंने भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण के लिए एक बड़े नजरिए की रूपरेखा पेश की है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, नवाचार और ग्लोबल ट्रेड के प्रमुख के तौर पर उभर रहे हैं.
दुनिया के टॉप 5 बैंकों में भारत का एक बैंक
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में बैंकिंग क्षेत्र फल-फूल रहा है. वैश्विक स्तर पर शीर्ष पांच बैंकों में एक भारतीय बैंक होना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय कंपनियों को दुनिया की शीर्ष पांच दवा कंपनियों में शामिल होने का प्रयास करना चाहिए.
5 से 7 सालों में हासिल करना होगा लक्ष्य
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति का परिणाम प्रमुख क्षेत्रों में विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त कंपनियों के रूप में दिखना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को अपने युवाओं की शक्ति और देश की बढ़ती क्षमताओं का उपयोग करके अगले पांच से सात वर्षों में वह हासिल करना होगा जो पिछले पांच से सात दशकों में हासिल नहीं किया जा सका.
इस महत्वाकांक्षा में टेक्नोलॉजी और भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. मोदी ने कहा कि भारत को अपनी डिजिटल टेक को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना होगा और मेड-इन-इंडिया 6G को विश्व स्तर पर उपलब्ध कराना होगा.
तेजी से बढ़ा मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
उन्होंने पिछले 12 सालों में भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि डिफेंस में लगभग चार गुना, इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण में लगभग सात गुना और मोबाइल फोन उत्पादन में 33 गुना बढ़ोतरी हुई है.
आजतक बिजनेस डेस्क