15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से 'शक्ति की सप्तधारा' का आह्वान किया था, जिसमें कृषि और फूड प्रोसेसिंग को देश की विकास यात्रा की दूसरी प्रमुख धारा बताया. वैसे भी कृषि हमारे देश की रीढ़ है, और अभी भी सबसे ज्यादा लोग कृषि पर निर्भर हैं.
ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का जो लक्ष्य रखा है. उसमें कृषि का अहम योगदान रहने वाला है. पीएम मोदी ने सप्तधारा का नारा 15 अगस्त को दिया और उसके ठीक तीन दिन के बाद ही देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान एक्शन में नजर आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के विकसित भारत के विजन को पूरा करने के लिए कृषि क्षेत्र को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाएंगे.
दरअसल, इस कड़ी में शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कृषि और ग्रामीण विकास परिवार के अधिकारियों, वैज्ञानिकों, किसानों, 'लखपति दीदियों', निर्यातकों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के प्रतिनिधियों को 'शक्ति की सप्तधारा' संकल्प की शपथ दिलाई.
'शक्ति की सप्तधारा' से नई दिशा
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि शक्ति की सप्तधारा से कृषि और ग्रामीण भारत को वैश्विक पहचान मिलेगी. इसके माध्यम से 2047 तक 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय लक्ष्य के अनुरूप कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समृद्ध, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का रोडमैप तैयार किया गया है. देश के किसानों के पास मिर्च, मसाले, फल, फूल, पारंपरिक खाद्य उत्पाद और अनेक कृषि ऊपजों की बड़ी विविधता है. इन उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार कर उन्हें वैश्विक बाजारों की मांग के अनुरूप तैयार किया जा सकता है.
कार्यक्रम के केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि साल 2047 के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने, फसलों की गुणवत्ता सुधारने और फूड प्रोसेसिंग के क्षेत्र को मजबूती देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कृषि उत्पादों के निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा.
'लखपति दीदी' योजना का विस्तार
ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 'लखपति दीदी' योजना के विस्तार और इसके क्रियान्वयन पर गहन चर्चा की गई. इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है. अब प्रधानमंत्री जी ने छह करोड़ लखपति दीदियां बनाने का लक्ष्य दिया है. उन्होंने कहा कि तीन करोड़ नई लखपति दीदियों का निर्माण ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा.
मंत्रालय ने देश को विकसित भारत बनाने के लिए सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी निगरानी और जन-केंद्रित दृष्टिकोण के साथ किया जाएगा. इसका सीधा लाभ अंतिम छोर पर खड़े किसान और ग्रामीण महिलाओं तक बिना किसी बाधा के पहुंचेगा.
इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासामी और दोनों मंत्रालयों के चारों विभागों के सचिव, सीनियर अधिकारी और कृषि वैज्ञानिक उपस्थित रहे.
पीएम मोदी का सपना करेंगे पूरा
आखिर में शिवराज सिंह चौहान ने विश्वास दिलाया कि पीएम मोदी ने जो विकसित भारत का सपना देखा है. उसे पूरा करने के लिए कृषि पर खास जोर दिया जाएगा. भारत न केवल खाद्यान्न उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक मजबूत आर्थिक शक्ति के रूप में उभरेगा.
बता दें, पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय कृषि को केवल देश तक सीमित न रखकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा जाना चाहिए. भारत का 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) होने जा रहा है. इससे वैश्विक बाजार अब भारतीय किसानों के लिए खुल रहे हैं. भारत द्वारा किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से भारतीय कृषि उत्पादों को बड़े अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिल रही है.
आजतक बिजनेस डेस्क