कच्चे तेल के दामों में 1 हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट, US-ईरान तनाव घटा तो बाजार को मिली राहत

अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ हवाई हमलों को अचानक रोकने और कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई. ब्रेंट क्रूड 8.7 फीसदी गिरकर 88.36 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो एक हफ्ते का सबसे निचला स्तर है.

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कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट. (File photo: ITG) कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट. (File photo: ITG)

aajtak.in

  • वाशिंगटन,
  • 28 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:52 AM IST

ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जो जुलाई के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गईं. अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों को अचानक स्थगित कर दिया, जिससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ी और होर्मुज में शिपिंग फिर से शुरू होने की संभावना बनी हैं. वहीं, सऊदी अरब के तेल निर्यात में बाधाएं और रूस के ब्लैक सी टर्मिनल पर ड्रोन हमलों के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है.

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सोमवार को ब्रेंट क्रूड वायदा 8.42 डॉलर यानी 8.7 प्रतिशत गिरकर 88.36 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ जो 17 जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर है. अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड वायदा भी 6.70 डॉलर यानी 7.5 प्रतिशत गिरकर 82.61 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ जो 16 जुलाई के बाद का सबसे कम स्तर है. ये भारी गिरावट इसलिए आई, क्योंकि अमेरिका ने वीकेंड में ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का अभियान अचानक स्थगित कर दिया. इससे कूटनीतिक समाधान की उम्मीद बढ़ी है, जिससे होर्मुज में शिपिंग दोबारा शुरू हो सके.

पिछले वीकेंड ब्रेंट वायदा 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था. संघर्ष के कारण होर्मुज से तेल शिपमेंट कम हो गए थे और ये रेड सी तक फैल गया था. इससे दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब के एशिया को बाब अल-मंदेब से होने वाले निर्यात में बाधा आई थी.

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ट्रंप ने कूटनीतिक को दिया मौका

संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कूटनीति को अधिक समय देने के लिए हमलों को रोकने का फैसला किया है. सोमवार को डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका की ईरान के साथ अच्छी बातचीत हो रही है और किसी समझौते की अच्छी संभावना है. हालांकि, उन्होंने ये भी चेतावनी दी कि कूटनीति विफल होने पर सख्त सैन्य कार्रवाई की जाएगी.

सऊदी ने नष्ट किए ड्रोन

सोमवार को पूरे दिन के दौरान तेल की कीमतें गिरती रहीं, क्योंकि सऊदी अरब के वायु रक्षा तंत्र ने इराक से दागे गए ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया. यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के यनबू तेल निर्यात हब को जोड़ने वाली संवेदनशील आपूर्ति लाइनों को निशाना बनाने का दावा किया.विशेषज्ञों के अनुसार, सैन्य हमलों में अस्थायी रोक के बावजूद भौतिक रूप से तेल का प्रवाह सीमित बना हुआ है.

कजाकिस्तान में घटा उत्पादन

उधर, रूस के ब्लैक सी स्थित मुख्य निर्यात टर्मिनल पर ड्रोन हमलों के कारण बंद होने से दुनिया के शीर्ष 10 तेल उत्पादकों में शामिल कजाकिस्तान का दैनिक उत्पादन आधे से भी कम हो गया. हालांकि, ऊर्जा मंत्रालय ने बाद में बताया कि कैस्पियन पाइपलाइन कंसोर्टियम के ब्लैक सी टर्मिनल ने तेल की लोडिंग दोबारा शुरू कर दी है. बाजार विश्लेषकों का मानना है कि औपचारिक समझौता न होने तक तेल बाजार में भारी उतार-चढ़ाव बना रहेगा.

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