रास्ते में गाड़ी रोकी, फिर रॉड से किया वार... सासाराम EO मर्डर केस में ड्राइवर का बड़ा कबूलनामा

सासाराम नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या के मामले में पुलिस ने ड्राइवर मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार किया है. ड्राइवर ने पूछताछ में खुद हत्या की बात कबूल की है. पुलिस को शक ड्राइवर पर तब हुआ जब उसके शरीर पर कोई चोट नहीं मिली और उसके बयान बार-बार बदलते रहे.

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ड्राइवर ने विवाद के चलते EO की हत्या कर दी. (Photo- ITGD) ड्राइवर ने विवाद के चलते EO की हत्या कर दी. (Photo- ITGD)

रोहित कुमार सिंह

  • पटना,
  • 03 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:10 AM IST

सासाराम नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) हत्या मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. मगध के IG विकास वैभव ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि EO की हत्या उनके ही ड्राइवर मिथिलेश कुमार ने की थी. पुलिस पूछताछ में ड्राइवर ने हत्या की बात स्वीकार की है.

इस पूरे मामले में पुलिस को सबसे पहले ड्राइवर मिथिलेश कुमार के बयान पर शक हुआ. घटना के बाद ड्राइवर ने पुलिस को बताया था कि कुछ अज्ञात अपराधियों ने रास्ते में गाड़ी रोककर EO के साथ मारपीट की और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया. इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.

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लेकिन जांच के दौरान पुलिस ने देखा कि घटना के वक्त गाड़ी में मौजूद ड्राइवर के शरीर पर एक भी चोट या खरोंच के निशान नहीं थे. पुलिस के सामने सवाल था कि अगर अपराधियों ने गाड़ी रोककर हमला किया था तो ड्राइवर को कोई नुकसान क्यों नहीं हुआ. यहीं से पुलिस का शक ड्राइवर पर गहरा गया.

अपने ही बयानों के चलते फंसा ड्राइवर

इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की. पूछताछ में ड्राइवर के बयान बार-बार बदलता रहा. उसने पहले बताया कि दो अपाची बाइक पर अपराधी आए थे. बाद में उसने कहा कि एक अपाची बाइक पर अपराधी आए थे. कहानी में ड्राइवर के बदलते बयान के बाद पुलिस को लगा कि घटना को लेकर गलत जानकारी दी जा रही है.

IG विकास वैभव के मुताबिक, जब ड्राइवर से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने पूरी घटना का खुलासा कर दिया. उसने स्वीकार किया कि उसने ही एक्जिक्यूटिव ऑफिसर की हत्या की है.

पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर ने हत्या की वजह काम का दबाव और तनाव बताया है. उसने बताया कि वो लंबे समय से ज्यादा ड्यूटी को लेकर परेशान था. कई बार EO और उसके बीच बहस भी हुई थी. नगर परिषद के दूसरे कर्मचारियों से पूछताछ में भी दोनों के बीच विवाद की बात सामने आई है.

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क्यों की EO की हत्या?

ड्राइवर ने पुलिस को बताया कि घटना वाले दिन भी दिन में दोनों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी. इसके बाद रात में जब दोनों गाड़ी से पटना की ओर जा रहे थे, तभी रास्ते में फिर विवाद हुआ.

ड्राइवर के मुताबिक, उसने गाड़ी रोककर पेशाब करने जाने की बात कही थी, लेकिन EO ने गाड़ी नहीं रोकने को कहा. इसी बात को लेकर दोनों के बीच बहस बढ़ गई. इसके बाद उसने गाड़ी रोक दी और गाड़ी में रखी रॉड से हमला कर दिया.

पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर ने बताया कि पहले उसने गाड़ी के अंदर से रॉड से वार किया. इसके बाद जब EO नीचे उतरे तो उसने कई बार रॉड से हमला किया. घटनास्थल पर मिले खून के निशान और अन्य सबूतों की भी जांच की जा रही है.

हत्या के बाद ड्राइवर ने घटना को अज्ञात अपराधियों की वारदात बताने की कोशिश की. पुलिस के मुताबिक, उसने गाड़ी को इस तरह खड़ा किया कि मामला सड़क हादसे जैसा लगे. इसके बाद उसने अपने एक स्टाफ को फोन कर अपराधियों की ओर से हमला किए जाने की सूचना दी.

यह भी पढ़ें: बिहार में सनसनीखेज वारदात, डेहरी नगर परिषद के EO की बेरहमी से हत्या

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IG विकास वैभव ने बताया कि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है. फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की है. सबसे अहम बात ये है की हत्या में ड्राइवर मिथलेश कुमार ने जिस रोड का इस्तेमाल करके नहर में फेंक दिया था उस रोड को भी गोताखोरों की मदद से बरामद कर लिया गया है.

तेजस्वी यादव ने दी प्रतिक्रिया

RJD नेता तेजस्वी यादव ने पोस्ट करके अधिकारी के हत्या पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, 'बिहार में एनडीए के एक विधायक ने डेहरी-डालमिया नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी से 50 लाख की मांग की. मांग पूर्ति नहीं होने पर अधिकारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई. ये बिहार की ध्वस्त विधि व्यवस्था का जीता-जागता प्रमाण है. नरेंद्र मोदी आपके ट्रबल इंजन सरकार में आपके MLA ने एक ईमानदार अधिकारी की बलि ली है. क्या ये कथित जंगलराज से अच्छा काम हुआ है? इस राज का कोई तो नामकरण कीजिए.'

उन्होंने आगे कहा, 'शोक-संतप्त परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना जाहिर की और हर संभव मदद का भरोसा दिया. शाम में दिवंगत अधिकारी की अंत्येष्टि में सम्मिलित होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. DGP से निष्पक्ष जांच कर हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा देनी की मांग की. मुख्यमंत्री से न्याय और निष्पक्षता की अपेक्षा करना खुद को धोखा देना है क्योंकि वो तो खुद ही अपराधियों के संरक्षक है.'

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