जमुई नाबालिग केस में बड़ा एक्शन, 15-20 दिन में सजा दिलाने की तैयारी, 225 लोग रडार पर

जमुई में नाबालिग से छेड़खानी मामले में मुख्य आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव गिरफ्तार हो चुके हैं. जिला प्रशासन ने आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए 15 से 20 दिनों में स्पीडी ट्रायल की जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का लक्ष्य रखा है. मामले में डीएसपी दीप्ति मोनाली और डीडीसी शिप्रा चौधरी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. वहीं 225 लोगों को चिन्हित किया गया है.

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जमुई कांड के आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की तैयारी. (Photo: Screengrab) जमुई कांड के आरोपियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की तैयारी. (Photo: Screengrab)

राकेश कुमार सिंह

  • जमुई ,
  • 24 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 6:36 PM IST

जमुई में नाबालिग से छेड़खानी के मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है. जिला प्रशासन ने इस मामले में आरोपियों को जल्द सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल कराने की तैयारी शुरू कर दी है. जमुई के जिलाधिकारी नवीन और एसपी विश्वजीत दयाल ने संयुक्त प्रेस वार्ता कर पूरे मामले में की जा रही कार्रवाई की जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि 15 से 20 दिनों के अंदर स्पीडी ट्रायल की जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए जमुई की डीएसपी दीप्ति मोनाली और उप विकास आयुक्त शिप्रा चौधरी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. 

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अधिकारियों के मुताबिक मामले के मुख्य दोनों आरोपित नंदन यादव और हरेराम यादव को गिरफ्तार किया जा चुका है. पुलिस के अनुसार नंदन यादव ने फायरिंग की थी. इसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस की ओर से गोली चलाई गई और उसे गिरफ्तार किया गया. वहीं हरेराम यादव को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. पुलिस के अनुसार इस पूरे कांड में अब तक कुल पांच गिरफ्तारियां हुई हैं. एक अन्य आरोपित की भूमिका का सत्यापन अभी जारी है.

वीडियो और एआई कंटेंट को लेकर 225 लोग चिन्हित

मामले की कार्रवाई सिर्फ मुख्य आरोपियों तक सीमित नहीं है. पुलिस ने घटना से जुड़े वीडियो, एआई से तैयार किए गए कंटेंट और पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली गतिविधियों को लेकर कुल 225 लोगों को चिन्हित किया है. एसपी विश्वजीत दयाल ने बताया कि पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में साइबर थाना कांड संख्या 45/26 के तहत 120 लोगों पर मामला दर्ज किया गया है. इसके अलावा एआई से वीडियो तैयार कर घटना को जातिगत रंग देने के मामले में साइबर थाना कांड संख्या 46/26 दर्ज किया गया है. पुलिस के अनुसार अब तक 225 लोगों को चिन्हित किया गया है. इन लोगों को नोटिस भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि घटना के बाद स्कूटी के नंबर के आधार पर पीड़िता की पहचान की गई थी. मामले में तीन नाबालिगों को विधि निरुद्ध किया गया था. इनमें से एक मिथिलेश चौधरी के बालिग होने की पुष्टि हुई है. प्रशासन ने इस मामले में पीड़िता की पहचान को लेकर विशेष सावधानी बरतने की बात कही है. अधिकारियों ने कहा कि पीड़िता की पहचान, उसके पहनावे या घटना के समय को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करना उचित नहीं है. डीएम नवीन ने बताया कि नंदन यादव के पिता गनौरी यादव के खिलाफ साल 2003 के डबल मर्डर मामले में कार्रवाई हो चुकी है. उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. वहीं हरेराम यादव की बालू खनन से जुड़ी गतिविधियों की भी जांच की जा रही है.

जिला प्रशासन ने मामले में स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है. डीएसपी दीप्ति मोनाली और डीडीसी शिप्रा चौधरी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है. प्रशासन का लक्ष्य है कि 15 से 20 दिनों के अंदर स्पीडी ट्रायल से जुड़ी जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं, ताकि गिरफ्तार आरोपियों को जल्द सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ सके. मामले को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और एआई से तैयार सामग्री को लेकर भी प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. अधिकारियों ने कहा कि अपुष्ट वीडियो और एआई से तैयार सामग्री को प्रसारित नहीं किया जाना चाहिए. साथ ही पीड़िता की पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी को सोशल मीडिया पर साझा करने से बचने की अपील की गई है.

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15 से 20 दिन में औपचारिकताएं पूरी करने का लक्ष्य

इस पूरे मामले में पुलिस एक तरफ गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई आगे बढ़ा रही है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया पर पीड़िता की पहचान उजागर करने और एआई से तैयार सामग्री प्रसारित करने वालों पर भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है. 225 लोगों को चिन्हित किए जाने के बाद अब उन्हें नोटिस भेजकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. जमुई प्रशासन का कहना है कि मामले में स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है. इसके लिए नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है और 15 से 20 दिनों में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है.
 

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