FASTag बदलने की कहानी अब पुरानी होने वाली है. अभी तक अगर आपको अपने FASTag का बैंक बदलना होता था, तो नया टैग लेना पड़ता था और कार की विंडस्क्रीन पर लगा पुराना FASTag भी हटाना पड़ता था. यानी बैंक बदलने के साथ टैग भी बदलो. अब NHAI ने इस पूरे झंझट को खत्म कर दिया है. दरअसल, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑप इंडिया (NHAI) ने एक नई फास्टैग पोर्टेबेलिटी सर्विस शुरू की है, जिसे वनटैग (OneTag) नाम दिया गया है.
इस सर्विस के जरिए यूजर अपने फास्टैग से लिंक्ड बैंक को आसानी से बदल सकेंगे. ये कुछ वैसा ही होगा जैसा कि आप अपने मोबाइल नंबर को पोर्ट करते हैं. यानी नंबर वही और बस टेलिकॉम कंपनी बदल जाती है. तो आखिर ये OneTag कैसे काम करेगा और FASTag को दूसरे बैंक में पोर्ट करने के लिए क्या करना होगा, आइए समझते हैं.
यह भी पढें: चुपके से बदला नियम, घड़ी देखकर चलाएं गाड़ी! वरना कटेगा मोटा चालान
बैंक बदलें, FASTag वही रहेगा
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्ट इस नई फेसिलिटी को लॉन्च किया था. अब तक FASTag जारी करने वाले बैंक को बदलने के लिए वाहन मालिक को नया FASTag खरीदना पड़ता था. इसके लिए पुराने FASTag को वाहन से हटाना भी जरूरी होता था. OneTag सर्विस इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए शुरू की गई है. इसके तहत वाहन मालिक अपना मौजूदा FASTag स्टिकर लगाए रख सकता है और केवल उससे जुड़े बैंक या issuer को बदल सकता है.
ऐप से ऐसे बदलें FASTag बैंक
FASTag को नए बैंक में पोर्ट करने के लिए सबसे पहले वाहन मालिक को राजमार्गयात्रा ऐप में लॉग इन करना होगा. इसके बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके यह चेक करना होगा कि फास्टैग पोर्टेबेलिटी के लिए वाहन पात्र है या नहीं. यदि वाहन इस पोर्टेबेलिटी के लिए योग्य होगा तो मौजूदा फास्टैग बैंक की ओर से यूजर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का वेरिफिकेशन कोड भेजा जाएगा. इसके बाद यूजर को नया FASTag इशुअर बैंक चुनना होगा. नए बैंक के साथ कस्टमर वेरिफिकेशन और वॉलेट ऑनबोर्डिंग का प्रोसेस पूरा होने के बाद पोर्टेबेलिटी हो जाएगी.
यह भी पढें: 100KM रेंज... 9 गियर! Mercedes की E-साइकिल भारत में लॉन्च
इस पूरी प्रक्रिया के बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर से जुड़ी FASTag ID में कोई बदलाव नहीं होगा. जिसके चलते यानी वाहन मालिक को नया FASTag स्टिकर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वो वाहन पर लगे पुराने FASTag का इस्तेमाल कर सकता है. लेकिन पोर्टेबेलिटी के बाद टोल पेमेंट के लिए नए बैंक अकाउंट का इस्तेमाल किया जा सकेगा.
क्या FASTag को दोबारा पोर्ट कर सकते हैं
हां, FASTag को दोबारा किसी दूसरे बैंक में पोर्ट किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए 6 महीने का इंतजार करना होगा. NHAI के मुताबिक, पोर्टेबेलिटी प्रोसेस के पूरा होने के बाद पुरान बैंक या इशुअर मौजूदा फॉस्टैग वॉलेट को बंद कर देगा और इस दौरान फास्टैग में बची हुई राशि को रिफंड करेगा. इसके बाद अगले 6 महीने तक कूलिंग पीरियड लागू रहेगा. इस दौरान इसे दोबारा किसी दूसरे बैंक में पोर्ट नहीं किया जा सकेगा. 6 महीने पूरे होने के बाद ही अगली पोर्टेबिलिटी की जा सकेगी.
फिलहाल फास्टैग पोर्टबेलिटी की सुविधा कुछ चुनिंग बैंक और इशुअर के लिए ही उपलब्ध है. राजमार्गयात्रा ऐप के अनुसार यूजर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, एयरटेल पेमेंट बैंक, एक्सिस बैंक, सिटी यूनियन बैंक, फेडरल बैंक, HDFC बैंक, इंडसएंड बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, करूर वैश्य बैंक और ICICI बैंक के जरिए पोर्टेबेलिटी कर सकते हैं.
यह भी पढें: नए टायर पर क्यों होते हैं रबर के कांटे? वजह कर देगी हैरान
NHAI का कहना है कि OneTag से सिर्फ वाहन मालिकों के लिए बैंक बदलना आसान नहीं होगा, बल्कि FASTag के पूरे लाइफ साइकिल मैनेजमेंट में सुधार होगा. बार-बार नया FASTag बनाने की जरूरत कम होने से टैग प्रोडक्शन, डिस्पैच और अन्य खर्च को भी घटाया जा सकेगा. इससे एक बेहतर फास्टैग इकोसिस्टम तैयार करने में मदद मिलेगी.
आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क