आम के पेड़ों पर छोटे-छोटे फल आ चुके हैं. इस बीच इन फलों पर लाल धारीदार फल बेधक कीट का खतरा भी मंडराने लगा है. इस कीट के चलते आम के निचले हिस्से में सड़न शुरू हो जाती है. सड़न शुरू होने के साथ-साथ आम के निचले हिस्से में सुराख भी बनना शुरू हो जाता है. धीरे-धीरे पेड़ से फल नीचे गिरने लगते हैं. इसके बाद ये फल किसी काम के नहीं होते हैं.
कीटों के अटैक का सबसे उपयुक्त समय
पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई जिलों में आम की खेती बड़े पैमाने पर होती है. ऐसे में यहां के आम की बागों पर लाल धारीधार कीट का खतरा बढ़ गया है. इस कीट के प्रकोप की खबरें अभी तक इन राज्यों से नहीं आई हैं. हालांकि, आम के बागों में इस कीट के हमला बोलने का अनुकूल समय आ गया है.
कब तक रहता है लाल धारीधार फल बेधक कीट का अटैक
इस कीट का अटैक मसूर आकार के फलों से शुरू होकर पकने के पहले तक की अवस्था में होता है. अगर इस समय इसका नियंत्रण न किया गया तो आगे चलकर यह कई गुना बढ़ जायेगा. अगर समय रहते इन कीटों को नियंत्रित नहीं किया गया तो ये पूरी की पूरी फसल खराब कर सकती हैं.
फल बेधक कीट से बचने का करें ये प्रयास
इस कीट के नियंत्रण के कांटेक्ट इंसेक्टिसाइड प्रयोग करें. मेलाथियान 50 ईसी दवा 1.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव किया जा सकता है. साथ ही डेल्टामथ्रीन 2.8 ईसी दवा 0.5 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. इससे कीटों की संख्या में कमी आ जाएगी. काफी हद तक अपनी फसलों को बचाया जा सकेगा.