यमन में हूतियों के खिलाफ लड़ाई एक बार फिर तेज हो गई है. सऊदी समर्थित यमनी सरकारी सेना ने सोमवार को लाल सागर के किनारे तेजी से आगे बढ़ने का दावा किया. सेना के मुताबिक, उसने बाब अल-मंदेब स्ट्रेट के आसपास कई ठिकानों से ईरान समर्थित हूती लड़ाकों को पीछे धकेल दिया है. यमन के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि मोचा शहर अब सरकारी सेना के कब्जे में है.
सरकार से जुड़े चार सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब के भारी हवाई हमलों की मदद से सैनिक मोचा शहर के बाहरी हिस्सों तक पहुंच गए हैं. दावा है कि हूती लड़ाके वहां से पहाड़ी इलाकों की तरफ पीछे हट रहे हैं. हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. हूतियों ने मोचा पर कब्जे की खबर को बेबुनियाद बताया है.
यह भी पढ़ें: हूतियों पर टूट पड़े यमन-सऊदी के 100 फाइटर जेट्स... एयरपोर्ट पर कब्जा, बाब अल-मंदेब पर भी बढ़ा प्रेशर
बाब अल-मंदेब के पास भी सरकारी सेना की बढ़त
सरकारी सेना पहले ही बाब अल-मंदेब के मुहाने के पास कुछ अहम जगहों पर कब्जा करने का दावा कर चुकी है. इनमें धुबाब इलाके की एक एयरस्ट्रिप भी शामिल है. बाब अल-मंदेब बेहद अहम समुद्री रास्ता है, क्योंकि यह लाल सागर को गल्फ ऑफ अदन से जोड़ता है और यहां से दुनिया के बड़े व्यापारिक और तेल के जहाज गुजरते हैं.
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के होदेइदाह इलाके में नौसैनिक कार्रवाई भी की है. सऊदी अरब का कहना है कि उसने बाब अल-मंदेब के पास लड़ रही यमनी सेना को हवाई सुरक्षा देने के लिए यमन में सैकड़ों ठिकानों पर हमला किया है.
हूतियों ने सऊदी ठिकानों पर हमले का दावा किया
दूसरी तरफ हूतियों ने सऊदी अरब के कई अहम ठिकानों पर हमले का दावा किया है. इनमें रियाद का किंग खालिद एयरपोर्ट, राबिग की अरामको रिफाइनरी, अभा एयरपोर्ट और खमिस मुशैत का सैन्य अड्डा शामिल है. इन दावों की तुरंत स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी. सऊदी अरब और अरामको ने भी तुरंत कोई बयान नहीं दिया. हूतियों ने सऊदी एयरस्पेस में आने-जाने वाले विमानों को निशाना बनाने की धमकी भी दी है.
ताइज में भी घमासान
यमन के तीसरे सबसे बड़े शहर ताइज़ के आसपास भी लड़ाई तेज हो गई है. सरकारी सैन्य सूत्रों ने दावा किया कि हूतियों ने पहाड़ी सड़क के कुछ हिस्सों पर कब्जा कर लिया है. इससे शहर में मौजूद सरकारी सैनिकों का रास्ता कट सकता है. हालांकि, एक अन्य सरकारी सूत्र ने इस दावे से इनकार किया. हूतियों के ताइज़ प्रांत के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ने और ताइज़-अदन सड़क पर एक पुलिया को नुकसान पहुंचाने की भी खबर है. इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
यह भी पढ़ें: सऊदी और यमन के बीच जंग तेज, हूतियों के हमले से तेल संकट गहराने की आशंका
सऊदी-तुर्की-पाकिस्तान ने बढ़ाया सुरक्षा सहयोग
यमन में बढ़ती लड़ाई के बीच सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने रियाद में आपात बैठक की. तीनों देशों ने सऊदी अरब में सैन्य बल और दूसरी सुरक्षा क्षमता जल्दी तैनात करने पर सहमति जताई. तीनों ने मक्का और मदीना पर कथित हमलों और सऊदी शहरों तथा आम लोगों और आर्थिक ठिकानों पर हूती हमलों की निंदा की.
यमन में फिर शुरू हुई लड़ाई के बाद मानवीय संकट भी बढ़ गया है. संयुक्त राष्ट्र की प्रवासन एजेंसी के मुताबिक 1 लाख 84 हजार लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं. यमनी राष्ट्रपति राशद अल-अलीमी ने कहा है कि देश को हूतियों के कब्जे से मुक्त कराने तक लड़ाई जारी रहेगी.