अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच सोमवार को मुलाकात हुई. इस दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे कश्मीर मसले पर मध्यस्थता का ऑफर दिया था. हालांकि, व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में कश्मीर का जिक्र तक नहीं है.
व्हाइट हाउस की ओर से जारी बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम शांति, स्थिरता और आर्थिक समृद्धि के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना चाहते हैं. ट्रंप ने कहा कि क्षेत्रीय सुरक्षा में सुधार और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए पाकिस्तान ने शुरुआती कदम उठाए हैं. पाकिस्तान सभी आतंकी समूहों को बंद करने के लिए कार्रवाई करे.
अपने बयान में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ शांति वार्ता की कोशिश की है. इसे और बढ़ाने की जरूरत है. पाकिस्तान और अमेरिका के बीच एक मजबूत और स्थायी साझेदारी का रास्ता अफगानिस्तान में संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान से निकलता है, जिसे दोनों देशों को आपसी बातचीत से निकालना है.
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व्हाइट हाउस ने बताया कि अमेरिका और पाकिस्तान ने 2018 में 6.6 बिलियन डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का एक नया रिकॉर्ड बनाया. पाकिस्तान में अमेरिका का निर्यात 2018 में 2.8 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया. अमेरिका के सामानों के लिए सबसे बड़ा बाजार पाकिस्तान है. अमेरिका ने 2018 में पाकिस्तान को कृषि उत्पादों में 1.4 बिलियन डॉलर का निर्यात किया.
Washington DC: Pakistan PM Imran Khan and US President Donald Trump reply to journalists when asked on Kashmir.
— ANI (@ANI)
कश्मीर को लेकर ट्रंप के दावे पर विवाद
दरअसल, इमरान खान से मुलाकात के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी से दो हफ्ते पहले मिला था और हमने इस मुद्दे पर बात की थी. उन्होंने कहा कि आप मध्यस्थता करेंगे. मैंने कहा किस पर तो उन्होंने कहा कि कश्मीर. उन्होंने कहा बहुत सालों से ये विवाद चल रहा है. वो मुद्दों का हल चाहते हैं और आप भी इसका हल चाहते हैं. मैंने कहा कि मुझे इस मुद्दे में मध्यस्थता करके खुशी होगी. दो बेजोड़ देशों के लिए जिनके जबरदस्त नेता हैं. इस समस्या का हल खोजना असंभव नहीं है.'