अमेरिका में मध्यावधि चुनाव हो रहे हैं. वहीं, रॉयटर्स-इप्सोस की सर्वे के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग अब भी रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब बनी हुई है. अमेरिकी मतदाताओं ने मंगलवार को साफ कह दिया कि वे कांग्रेस चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के खिलाफ वोट करेंगे.
यह सर्वे पांच दिनों तक चला. इस सर्वे से पता चला कि चुनाव से पहले डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन्स के बीच मुकाबला काफी कड़ा हो सकता है. सर्वे में शामिल रजिस्टर्स मतदाताओं से जब पूछा गया कि अगर कांग्रेस चुनाव में उन्हें वोट देना हो तो वह किस पार्टी को वोट देंगे, तो इसपर 46% लोगों ने डेमोक्रेट्स के पक्ष में जवाब दिया. वहीं, 38% लोगों ने रिपब्लिकन्स को चुना.
इस तरह डेमोक्रेट्स को 8% की बढ़त मिली है. हालांकि, एक हफ्ते पहले हुए सर्वे में यह बढ़त 11% की थी. यानी पिछले सर्वे के मुकाबले डेमोक्रेट्स की बढ़त में 3 अंकों की कमी आई है.
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वहीं, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद सत्ता में बदलाव की संभावना के बीच ट्रंप प्रशासन ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. ट्रंप प्रशासन की योजना है कि कांग्रेस की मंजूरी के बिना ही व्यापार समेत कई मामलों में कार्यकारी आदेशों के जरिए फैसले लिए जाएं.
अगर डेमोक्रेट्स कांग्रेस पर नियंत्रण हासिल कर लेती है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार से जुड़े फैसलों का विरोध बढ़ सकता है. डेमोक्रेट्स अगले साल सरकार के फैसलों की जांच के लिए कई सुनवाई कर सकते हैं. इसके साथ ही, टैरिफ वापस लेने के लिए प्रतीकात्मक मतदान भी करा सकते हैं. हालांकि, व्यापार विशेषज्ञों और कांग्रेस के सहयोगियों का मानना है कि इन कोशिशों के बावजूद ट्रंप को नए टैरिफ लगाने से रोकना आसान नहीं होगा.