इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि वह देश में एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने के लिए तैयार हैं. हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि वह अरब पार्टियों के समर्थन पर निर्भर सरकार नहीं बनाएंगे. उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल के चुनाव के बाद राजनीतिक अनिश्चितता है.
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने X पर पोस्ट करते हुए कहा कि इजरायल की जनता ऐसी सरकार नहीं चाहती जिसे 'राआम' और 'जॉइंट लिस्ट' जैसी अरब पार्टियों के समर्थन की जरूरत पड़े. उन्होंने इन पार्टियों पर आतंकवाद का समर्थन करने और यहूदी राज्य के अस्तित्व को न मानने का आरोप लगाया.
नेतन्याहू ने कहा कि उनकी 'लिकुड' पार्टी चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. उन्होंने दावा किया है कि जनता ने उन्हें ही अगली सरकार बनाने का जनादेश दिया है. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी पहले दिन से ही सभी को साथ लेकर एक व्यापक राष्ट्रीय सरकार बनाने की कोशिश कर रही है.
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विपक्ष की सरकार बनाने की कोशिश
एक तरफ नेतन्याहू ने साफ कह दिया है कि वे अरब पार्टियों के समर्थन पर सरकार नहीं बनाएंगे, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल भी लगातार सरकार बनाने की कोशिशों में जुटा हुआ है. यिसरायल बेतेनु पार्टी के नेता एविग्डोर लिबरमैन ने नेतन्याहू के साथ सरकार बनाने से साफ इनकार कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, लिबरमैन ने कहा कि उनकी पार्टी अगली सरकार बनाने के लिए राष्ट्रपति के सामने 'यशार' पार्टी के नेता गादी आइसेनकोट का नाम का प्रस्ताव रखेगी. हालांकि, उन्होंने आइसेनकोट के चुनाव प्रचार की आलोचना भी की.
लिबरमैन ने आइसेनकोट के प्रचार की आलोचना करते हुए कहा कि वे पूरे विपक्ष को साथ लेकर नहीं चले जिसके कारण विपक्षी दलों को कुल 48 सीटें मिली. उन्होंने नेतन्याहू के साथ मिलकर सरकार बनाने की संभावना को भी खारिज किया है. उन्होंने साफ कह दिया है कि वह नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार में काम नहीं करेंगे.